Vehicle Scrappage Policy: लोकसभा में पेश हुई स्क्रैपेज पॉलिसी, क्या हैं फायदे, नुकसान और खास बातें

केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने आज लोकसभा में आगामी व्हीकल स्क्रैपेज पॉलिसी की रूपरेखा प्रस्तुत की है। नितिन गडकरी के अनुसार, बहुप्रतीक्षित स्क्रेपेज नीति न केवल पुराने वाहनों को हटाने और सड़क पर नए वाहनों को लाने में मदद करेगी, बल्कि इससे अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा।

Vehicle Scrappage Policy: लोकसभा में पेश हुई स्क्रैपेज पॉलिसी, क्या हैं फायदे, नुकसान और खास बातें

इसके साथ ही ज्यादा प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों को सड़कों से हटा कर प्रदूषण को रोकने में भी मदद मिलेगी। इस पॉलिसी को एक महीने की अवधि में अधिसूचित किया जाएगा और अंतिम रोलआउट से पहले नितिन गडकरी ने इसके बारे में कुछ अहम बातें बताई हैं।

Vehicle Scrappage Policy: लोकसभा में पेश हुई स्क्रैपेज पॉलिसी, क्या हैं फायदे, नुकसान और खास बातें

1. इस पॉलिसी के अनुसार मौजूदा समय में सड़क पर चल रहे किसी भी वाहन का पंजीकरण समाप्त होते ही वाहन को अनिवार्य फिटनेस टेस्ट देना होगा।

2. पॉलिसी के अंतर्गत वाहनों की उम्र की बात करें तो कमर्शियल वाहनों की उम्र 15 साल और निजी वाहनों के लिए 20 साल तक रखी गई है।

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3. इस पॉलिसी में यह भी बताया गया है कि यदि कोई वाहन फिटनेस टेस्ट पास करने में असफल होता है, तो इसे उस वाहन के जीवन का अंत माना जाएगा और उसे स्कैप में भेजा जाएगा।

4. इस पॉलिसी के तहत वाहन मालिकों को फिटनेस टेस्ट और रिन्यू रजिस्ट्रेशन के बजाय वाहनों के जीवन के अंत में उन्हें स्क्रैप करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।

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5. इसके अलावा पुराने वाहनों को चलाने से लोगों को रोकने के लिए सरकार पुराने वाहनों के री-रजिस्ट्रेशन शुल्क को बढ़ाएगी, जिससे लोग पुराने वाहनों का इस्तेमाल करना बंद करें।

6. इसके साथ ही स्क्रैपिंग पॉलिसी को आसान बनाने के लिए पूरे देश में स्वचालित फिटनेस सेंटर स्थापित किए जाएंगे।

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Vehicle Scrappage Policy: लोकसभा में पेश हुई स्क्रैपेज पॉलिसी, क्या हैं फायदे, नुकसान और खास बातें

इसके अलावा नितिन गडकरी ने बताया कि पुराने वाहनों के मालिकों को अपने वाहनों को हटाने के लिए प्रोत्साहित करने की भी योजना बनाई गई है। इससे लोगों को क्या फायदे मिलने वाले हैं, जरा यहां नजर डालें।

1. नए वाहन की खरीद पर पुराने वाहन मालिकों को एक्स-शोरूम कीमत पर 4 से 6% तक की छूट दी जाएगी, अगर वो अपने पुराने वाहन को स्क्रैप कराना चुनते हैं।

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2. इसके अलावा नए वाहनों की खरीद पर सरकार की ओर से रोड टैक्स में भी 25% तक की छूट दी जाएगी।

3. इसके अलावा वाहन निर्माताओं को सलाह दी जाएगी कि वे स्क्रैपिंग सर्टिफिकेट के बदले में नए वाहनों पर ग्राहकों को 5 प्रतिशत की छूट दें।

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वहीं बता दें कि कुछ समय पहले फेडरल पॉलिसी थिंक-टैंक नीति आयोग ने सड़क मंत्रालय द्वारा जारी की जाने वाली स्क्रैपेज पॉलिसी को लेकर चिंता जताई थी। नीति आयोग का मानना था कि इस पॉलिसी के लागू होने से वाहन मालिकों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा।

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English summary
What Is Vehicle Scrappage Policy Pros Cons Details, Read in Hindi.
Story first published: Thursday, March 18, 2021, 16:53 [IST]
 
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