Semiconductor Crisis: क्या है सेमीकंडक्टर और कारों में कहां होता है इनका इस्तेमाल, जानें सबकुछ
आजकल ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री सेमीकंडक्टर की कमी की वजह से काफी मुश्किलों का सामना कर रहा है। कार कंपनियों के पास सेमीकंडक्टर की पर्याप्त आपूर्ति नहीं होने से प्रोडक्शन बाधित हो रहा है और डिलीवरी में कमी आ रही है। दरअसल, आजकल की मॉडर्न कारें काफी हाईटेक तकनीक से लैस होती हैं। कारों में इन तकनीक के पीछे सेमीकंडक्टर की मुख्य भूमिका होती है। कारों में सेमीकंडक्टर का इस्तेमल इलेक्ट्रॉनिक सर्किट को तैयार करने और फीचर्स को आसान बनाने के लिए किया जाता है।

पिछले एक साल से देश में कोविड-19 की वजह से जो हालत रहे हैं उनके चलते सेमीकंडक्टर्स का उत्पादन भी काफी घट गया है, जिसकी वजह से वाहन कंपनियों तक इनकी पूरी सप्लाई नहीं हो पा रही है। सेमीकंडक्टर की सप्लाई घटने से ऑटो इंडस्ट्री अपनी पूरी क्षमता से काम नहीं कर पा रही है जिसके वजह से उत्पादन की गति धीमी पड़ गई है।

सेमीकंडक्टर की कमी का असर वैश्विक कार बाजार पर पड़ रहा है। हालात ये हैं कि पिछले दिनों मारुति सुजुकी और महिंद्रा ने उत्पादन कम करने की घोषणा की है। महिंद्रा अपने सभी प्लांट में कारों का उत्पादन सात दिनों तक बंद कर रही है।

क्या होते हैं सेमीकंडक्टर
सेमीकंडक्टर इलेक्ट्रॉनिक चिप होते हैं जिन्हें सिलिकॉन से बनाया जाता है। ये कारों के इलेक्ट्रॉनिक सर्किट में करंट को नियंत्रित करने में मदद करते हैं। इनके बिना आज कारों की कल्पना ही नहीं की जा सकती। मौजूदा समय में बाजार में जितनी भी कारें उपलब्ध हैं, सभी में सेमीकंडक्टर का इस्तेमाल किया जाता है। इनके बिना कारों को हाईटेक नहीं बनाया जा सकता।

कारों में डिस्प्ले पैनल, नेविगेशन, लाइट, पावर स्टीयरिंग और लगभग सभी ऑटोमैटिक फीचर्स में सेमीकंडक्टर का इस्तेमाल किया जाता है। चिप्स की कमी की वजह से ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री में सेमीकंडक्टर की भारी कमी हो गई है, इसलिए कारों का उत्पादन तय संख्या में नहीं हो रहा है।

क्यों हुई सेमीकंडक्टर की कमी
सेमीकंडक्टर को अलग-अलग प्रकार के सैकड़ों चिप से बनाया जाता है। अभी सबसे अच्छी गुणवत्ता के चिप की सप्लाई फिलहाल क्वालकॉम इंक और इंटेल कॉर्प कंपनियां कर रही हैं। हालांकि, वैश्विक कोरोना महामारी ने कंपनियों की चिप की सप्लाई को बाधित कर दिया है। इसी वजह से ये कंपनियां डिमांड के अनुसार सेमीकंडक्टर का उत्पादन नहीं कर पा रही हैं।

इसके अलावा स्मार्टफोन, टीवी, ऐसी जैसे इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों में सेमीकंडक्टर की डिमांड बढ़ गई है जिससे निर्माण करने वाली कंपनियां आपूर्ति नहीं कर पा रही हैं। इसी कारण से कारों में लगने वाले कुछ सेमीकंडक्टर चिप की कीमत में उछाल आ गया है। कारों में लगने वाले डिस्प्ले ड्राइवर चिप की कीमत बढ़ गई है, जिनका इस्तेमाल टेलीविजन, लैपटॉप, कार और विमानों के उत्पादन में भी होता है।

अब हाल में बिजली प्रबंधन (पॉवर मैनेजमेंट) चिप्स की भी वैश्विक बाजार में कमी हो गई है। इसका खराब असर भी विश्व अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा है। इसकी वजह से फोर्ड मोटर कंपनी, निशान मोटर कंपनी, फॉक्सवैगन एजी आदि जैसी कंपनियों को अपने उत्पादन में कटौती करनी पड़ रही है। एक अनुमान के मुताबिक इस चिप की सप्लाई में कमी के कारण दुनिया में कार उद्योग इस साल 60 अरब डॉलर का नुकसान हो चुका है।


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