Maruti Suzuki की कारों का वेटिंग पीरियड होगा कम, सेमीकंडक्टर की आपूर्ति में हुआ सुधार
सेमीकंडक्टर की कमी ने देश के सभी प्रमुख वाहन निर्माताओं को प्रभावित किया है। मासिक बिक्री आंकड़ों में सामने आया है कि पिछले कुछ महीनों के दौरान मारुति सुजुकी की बिक्री में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। इस बार, कंपनी ने खुलासा किया कि सेमीकंडक्टर्स की उपलब्धता में धीरे-धीरे लेकिन निश्चित रूप से सुधार हुआ है, जिससे उत्पादन में सुधार हुआ है और कार के कुछ मॉडलों के लिए प्रतीक्षा अवधि में कमी आई है।

बात दें कि ऑटोमोबाइल उद्योग में सेमीकंडक्टर की कमी कोविड-19 महामारी के कारण आपूर्ति बाधाओं से उत्पन्न हुई थी। इसके अलावा स्मार्टफोन और लैपटॉप जैसे इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के मांग में तेजी को भी सेमीकंडक्टर की कमी के लिए जिम्मेदार ठहराया जा रहा है।

आईएनएस के हवाले से मारुति सुजुकी इंडिया के वरिष्ठ कार्यकारी निदेशक (बिक्री और विपणन) शशांक श्रीवास्तव ने बताया कि पिछले कुछ महीनों में सेमीकंडक्टर आपूर्ति में सुधार हुआ है। मारुति ने सितंबर में 40 फीसदी, अक्टूबर में 60 फीसदी जबकि नवंबर में 85 फीसदी उत्पादन लक्ष्य हासिल किया है।

उन्होंने कहा, "यह ध्यान देने योग्य है कि भले ही आपूर्ति की स्थिति में सुधार हुआ है, लेकिन कुल मिलाकर उद्योग को कमी का सामना करना पड़ रहा है। अक्टूबर 2021 में वापस, मारुति सुजुकी ने पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में बिक्री में 26 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की।"

श्रीवास्तव ने यह भी बताया कि सीएनजी मॉडल देश में जबरदस्त प्रदर्शन कर रहे हैं। इसके अलावा, उपभोक्ताओं ने सब्सक्रिप्शन मॉडल और 'स्मार्ट फाइनेंस' के लिए भी दिलचस्पी दिखाई है। मारुति का कहना है कि वह डीजल इंजन वाली कारों को अब दोबारा पेश नहीं करेगी। मारुति ने 2019 में बीएस-6 उत्सर्जन नियमों के लागू होने के पहले ही डीजल इंजन मॉडलों का निर्माण बंद कर दिया था।

कंपनी का कहना है कि मौजूदा उत्सर्जन नियमों के अनुसार डीजल इंजन का निर्माण व्यावहारिक नहीं रह गया है। मारुति ने कहा कि बाजार में डीजल इंजन कारों मकी मांग घट रही है, ऐसे में डीजल मॉडलों का निर्माण घाटे का सौदा है। कंपनी का कहना है कि साल 2023 में नया उत्सर्जन मानक लागू किया जाएगा जिससे लागत में बढ़ोतरी का अनुमान है।

बहरहाल, मारुति की सीएनजी कारों की बिक्री में पिछले कुछ महीन में भारी वृद्धि देखी गई है। साल 2023 में उत्सर्जन मानदंडों का नया चरण आएगा, जिससे लागत बढ़ने की संभावना है। मारुति सुजुकी वर्तमान में इस सेगमेंट में 85 प्रतिशत से अधिक बाजार हिस्सेदारी के साथ देश में सीएनजी कार सेगमेंट में सबसे आगे है। पिछले वित्त वर्ष में देश में बेची गई सीएनजी वाहनों की 1.9 लाख यूनिट में से 1.6 लाख से ज्यादा मारुति सुजुकी की सीएनजी कारें बिकीं।

कंपनी को उम्मीद है कि अगले कुछ सालों में देश भर में सीएनजी डिस्पेंसिंग आउटलेट का तेजी से विस्तार होगा जिससे सीएनजी कारों के बाजार का तेजी से विस्तार होगा। कंपनी की चालू वित्त वर्ष में करीब तीन लाख सीएनजी कार यूनिट बेचने की योजना है।

मारुति सुजुकी वर्तमान में ऑल्टो, एस-प्रेसो, वैगनआर, ईको, टूरएस, अर्टिगा और सुपर कैरी में सीएनजी संस्करण पेश करती है। अब यह हाल ही में पेश की गई नई Celerio का CNG वर्जन लॉन्च करने की तैयारी कर रही है।

मारुति सुजुकी ने बुधवार (10 नवंबर) को भारत में नई सेलेरियो हैचबैक को लॉन्च किया है। इसे भारतीय बाजार में 4.99 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) की शुरूआती कीमत पर लॉन्च किया है। जानकारी के अनुसार, नई सेलेरियो के सीएनजी मॉडल को व्यक्तिगत और व्यावसायिक उपयोग के लिए लॉन्च किया जा सकता है।

मारुति ने फिलहाल सीएनजी मॉडल के लॉन्च की निर्धारित समय सीमा का खुलासा नहीं किया है, लेकिन कहा जा रहा है कि सीएनजी सेलेरियो पेट्रोल मॉडल के मुकाबले ज्यादा फ्यूल एफिशिएंट होगी।


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