Volkswagen Partners With Microsoft: ऑटोनोमस कार तकनीक के लिए फॉक्सवैगन और माइक्रोसॉफ्ट ने मिलाया हाथ
जर्मनी की प्रमुख वाहन निर्माता फॉक्सवैगन और कंप्यूटर टेक्नोलॉजी की दिग्गज माइक्रोसॉफ्ट ने ऑटोनेमोस ड्राइविंग तकनीक का विकास करने के मकसद से साझेदारी की है। फॉक्सवैगन ने गुरुवार को एक बयान में कहा है कि कंपनी का नया सॉफ्टवेयर डिविजन माइक्रोसॉफ्ट के साथ मिलकर क्लाउड पर आधारित प्लेटफॉर्म का निर्माण करेगा।

फॉक्सवैगन ऑटो के सॉफ्टवेयर ग्रुप के प्रमुख डर्क हिलगेनबर्ग ने कहा कि डिजिटल मोबिलिटी प्रदाता के रूप में फॉक्सवैगन समूह लगातार सॉफ्टवेयर परिवर्तन की दिशा में काम कर रहा है।

कंपनी का लक्ष्य है कि वह ज्यादा एफिशियंसी वाली ऑटोनोमस कार डेवलेप करने की दिशा में आगे बढ़े। 2025 तक डिजिटल संचालन में फॉक्सवैगन 33 बिलियन डॉलर का निवेश करेगी।

पिछले साल फॉक्सवैगन द्वारा स्थापित की गई कार सॉफ्टवेयर यूनिट में फॉक्सवैगन ऑपरेटिंग सिस्टम पर काम करने वाले 11 हज़ार लोगों की टीम काम कर रही है जो क्लाउड सिस्टम पर कारों को जोड़ने का काम कर रहे हैं।

गौरतलब है कि फॉक्सवैगन ने पहली बार 2018 में फ्यूचरिस्टिक कारों को बनाने की योजना से ऑटोमोटिव क्लाउड के लिए माइक्रोसॉफ्ट के साथ एक सौदा किया था।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबकि इस साल के अंत में क्लाउड ऑटोनेमोस पर आधारित कार की टेस्टिंग की जाएगी। रिपोर्ट्स के अनुसार इस सॉफ्टवेयर को फॉक्सवैगन की 2022 से शुरू होने वाली प्रोडक्शन कारों में इस्तेमाल किया जाएगा।

बता दें फ्यूचरिस्टिक टेक्नोलॉजी को ध्यान में रखते हुए फॉक्सवैगन अकेला नहीं है जिसने किसी टेक्नोलॉजी दिग्गज से हाथ मिलाया है। इससे पहले जनरल मोटर्स ने ऑटोनोमस व्हीकल को बेहतरीन ढंग से डेवलेप करने के लिए माइक्रोसॉफ्ट के साथ एक समान समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं।

वहीं फ्रांस की वाहन निर्माता रेनॉल्ट ने पिछले साल गूगल के साथ एक साझेदारी की थी और हाल ही में फोर्ड ने भी अपनी कारों में क्लाउड कंम्यूटिंग का विकास करने लिए गूगल का साथ मिलाया है। इस साझेदारी के तहत गूगल फोर्ड की गाड़ियों का सॉफ्टवेयर डेवलेप करने में उनकी मदद करेगा।
नोट: तस्वीरों का इस्तेमाल सांकेतिक तौर पर किया गया है


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