Vehicle Sales October 2021: पैसेंजर वाहन, दोपहिया सेगमेंट में आई गिरावट, कमर्शियल वाहनों की बढ़ी बिक्री
अक्टूबर में डीलर्स को भेजे गये वाहनों की जानकारी सामने आ गयी है, अक्टूबर महीने में पैसेंजर वाहन व दोपहिया सेगमेंट में गिरावट दर्ज की गयी है, वहीं कमर्शियल वाहनों की बिक्री में धीरे-धीरे बढ़त हो रही है। सेमीकंडक्टर की कमी की वजह से पैसेंजर वाहन सेगमेंट में कमी आई है, दोपहिया सेगमेंट अभी भी लगातार गिरते जा रहा है।

पैसेंजर वाहन सेगमेंट
मारुति सुजुकी ने अक्टूबर महीने में 1,08,991 यूनिट वाहन अपने डीलर्स को भेजे हैं जो कि पिछले साल के मुकाबले 33% कम है। ऐसा ही हाल हुंडई का भी देखनें को मिला है, कंपनी ने बीते महीने 34% कम वाहन अपने डीलर्स को भेजे हैं। हालांकि टाटा मोटर्स व महिंद्रा ने क्रमशः 43% व 8% अधिक वाहन भेजे है। बीते महीने कुल 2,60,162 यूनिट डीलर्स को भेजे गये हैं और इसमें 22% की कमी दर्ज की गयी है।

जहां बीता महीना भारतीय में निसान, फॉक्सवैगन, स्कोडा, एफसीए के लिए अच्छा रहा है, वहीं मारुति सुजुकी व हुंडई के साथ साथ किया मोटर्स, रेनॉल्ट, होंडा व एमजी मोटर जैसी कंपनियां प्रभावित हुई है। कंपनियों ने जानकारी दी है कि चिप की कमी के चलते उत्पादन में कमी आई है जिसके फलस्वरूप डिलीवरी भी अनुमान के अनुरूप नहीं किये जा सके, हालांकि कंपनियों को बुकिंग अच्छी मिल रही है।

इसके साथ ही फोर्ड जैसी बड़ी कंपनी ने भारतीय बाजार को अलविदा कह दिया है जिसका असर भी यहां देखनें को मिला है। भारतीय बाजार में पैसेंजर वाहन अपने कोविड से पूर्व वाली स्थिति में आ चुका है और डीलर्स के पास भीड़ उमड़ रही है लेकिन चिप की सप्लाई नहीं होने की वजह से डिलीवरी नहीं हो पा रही है। कंपनियां पहले से ही वाहनों का निर्माण कर स्टॉक में रख रही है।

दोपहिया सेगमेंट
वर्तमान में दोपहिया सेगमेंट की स्थिति पहले जैसे ही बनी हुई है। बीते महीने इस सेगमेंट में 14,77,313 यूनिट डीलर्स को भेजे गये हैं जो कि पिछले साल के मुकाबले 25% कम है। इस सेगमेंट की सभी बड़ी कंपनियों की बिक्री में भारी कमी दर्ज की गयी है और इसका सीधा कारण मांग में कमी है। पेट्रोल के बढ़ते दामों की वजह से छोटे पहिया ग्राहक सबसे अधिक प्रभावित हुए है।

ऐसे में लोग अब दोपहिया खरीदने से बच रहे हैं, इसका साफ असर रॉयल एनफील्ड के आंकड़ों में देखा जा सकता है। कंपनी 350 सीसी व उससे ऊपर के सेगमेंट में राज करती है लेकिन कंपनी ने बीते साल के मुकाबले 35% कम वाहन डीलर्स को भेजे है। यह दिखाता है कि छोटे बाइक्स के साथ साथ लोग बड़ी बाइक्स की खरीदी नहीं कर रहे हैं।

कमर्शियल वाहन सेगमेंट
लंबे समय से बिक्री की कमी से जूझने के बाद यह सेगमेंट धीरे धीरे बेहतर हो रहा है। बीते महीने इस सेगमेंट में 3% अधिक वाहन डीलर्स को भेजे गये हैं, महिंद्रा को छोड़कर बाकि कंपनियों की बिक्री में बढ़त दर्ज की गयी है। इस सेगमेंट में पिछले महीने कुल 61,325 यूनिट डीलर्स को भेजे गये हैं, हालांकि इस सेगमेंट की भी स्थिति उतनी बेहतर नहीं हो पायी है।

देश में ऑटो बाजार की हालत खस्ता हो चुकी है, इसमें नए वाहन खरीदने से लोग बच रहे हैं। वाहनों की कीमत में भारी इजाफा होने की वजह से लोग सेकंड हैंड वाहनों को तरजीह दे रहे हैं, वहीं फ्यूल की बढ़ती कीमत की वजह से दोपहिया सेगमेंट वाले इलेक्ट्रिक वाहनों का रुख कर रहे हैं लेकिन यह अभी भी उतनी ऊंचाई नहीं प्राप्त कर पाया है।

ड्राइवस्पार्क के विचार
भारतीय बाजार धीरे-धीरे कोविड के प्रभाव से थोड़ा संभला ही था कि चिप की कमी हो गयी है जिस वजह से मांग की आपूर्ति नहीं हो पा रही है। वहीं दोपहिया और कमर्शियल वाहन सेगमेंट की स्थिति चिंताजनक है, आने वाले महीनों में भी यह स्थिति रह सकती है।


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