Vehicle Price Hike Soon: दूसरे तिमाही में फिर से बढ़ सकती है वाहनों की कीमत, बढ़ती इनपुट कास्ट बनी वजह
पिछले कुछ महीनों में वाहन कंपनियों ने अपने वाहनों की कीमत में वृद्धि की है, साल के शुरुआत में जनवरी में कीमत बढ़ाई गयी थी और उसके बाद कुछ कंपनियों ने अपने वाहन की कीमत में वृद्धि की गयी है। अब मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार बढ़ती इनपुट कास्ट की वजह से कंपनियां वाहन की कीमतें दूसरे तिमाही में बढ़ा सकती है।

बतातें चले कि जनवरी व अप्रैल के बाद अगले तिमाही में कीमत बढ़ाई जा सकती है। ऑटो इंडस्ट्री के एक्सक्यूटिव का कहना है कि पिछले दो कीमत वृद्धि अभी भी पर्याप्त नहीं है और कंपनियों पर पड़ रही बोझ को कम करने के लिए फिर से कीमत वृद्धि की जा सकती है।

अप्रैल के महीने में स्टील, अल्युमिनियम, प्लास्टिक जैसे मटेरियल की कीमत में भारी वृद्धि हुई है जिस वजह से मारुति सुजुकी, रेनॉल्ट, हीरो, निसान जैसी कंपनियों ने अपने वाहनों की कीमत में वृद्धि की है। हालांकि यह भी कहा जा रहा है कि कीमत वृद्धि से बिक्री भी प्रभावित हो सकती है।

खबर है कि जुलाई में रा मटेरियल बनाने वाली कंपनियां कीमत वृद्धि कर सकती है और यह वाहन निर्माण के खर्च को प्रभावित करने वाली है। बीएस6 उत्सर्जन मानक लागू होने के बाद से स्टील, प्लास्टिक व र्होडियम जैसे मटेरियल की कीमत वृद्धि हुई है।

आने वाले समय में नए उत्सर्जन मानक की वजह से वाहन के कैटलिटिक कन्वर्टर में र्होडियम का धिक् उपयोग हो सकता है जिस वजह से वाहन निर्माण का खर्च भी बढ़ सकता है। पिछले 8 - 9 महीनों में मेटल की कीमतों में भारी इजाफा हुआ है।

वाहन कंपनियां इस लागत को वहन करने में असमर्थ रही है जिस वजह से लगातार कीमत वृद्धि की जा रही है। वहीं फ्यूल की बढ़ती कीमतों ने वाहन के ओनरशिप कास्ट में इजाफा किया है जिस वजह से लोग नई कार खरीदने से कतरा रहे हैं।

इसके अलावा ग्लोबल स्तर पर सेमीकंडक्टर की कमी ने वाहन के उत्पादन दर में कमी लायी है। अब देखना होगा कि इन चुनौतियों से कंपनियां किस तरह से उबरती है और वाहन बिक्री को बनाये रखती है।

पिछला वित्तीय वर्ष लॉकडाउन की वजह से बहुत प्रभावित हुआ है, हालांकि त्योहारी सीजन में वाहन बिक्री बेहतर हुई थी। लेकिन देश के कई हिस्सों में लॉकडाउन व वाहनों की बढ़ती कीमतें ग्राहकों के निर्णय को प्रभावित कर सकती है।
Source: ETAuto


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