Tractor Sales December 2020: दिसंबर 2020 में बिके 60,717 ट्रैक्टर, बिक्री 41.8% बढ़ी
भारत में कोरोना वायरस के चलते पिछले साल जहां गाड़ियों की बिक्री में भारी गिरावट दर्ज की गई, वहीं ट्रैक्टरों की बिक्री पर अधिक प्रभाव देखने को नहीं मिला। पिछले साल लॉकडाउन समाप्त होने के बाद ट्रैक्टरों की बिक्री में महीने दर महीने बढ़ोतरी दर्ज की गई है। देश में दिसंबर 2020 में ट्रैक्टर कारोबार 2019 की समान अवधि के मुकाबले 41.8 प्रतिशत बढ़ा और साल के अंत तक 60,717 यूनिट ट्रैक्टरों की बिक्री कर ली गई।

वहीं, दिसंबर 2019 में 42,806 यूनिट ट्रैक्टरों की बिक्री की गई थी। ट्रैक्टर बिक्री में बढ़ोतरी का कारण किसान की स्थिति में सुधार, बेहतर मानसून, कर्ज की उपलब्धता और एमएसपी की बढ़ी हुई कीमतों को माना जा रहा है।

ट्रैक्टरों की बिक्री की बात करें तो, महिंद्रा एंड महिंद्रा और स्वराज ट्रैक्टर की बिक्री के मामले में सबसे आगे रहीं। महिंद्रा और स्वराज ट्रैक्टर्स ने दिसंबर 2020 में घरेलू बाजार में 23 प्रतिशत की वृद्धि के साथ कुल 21,173 ट्रैक्टरों की बिक्री की है, दिसंबर 2019 में कुल 17,213 यूनिट बेचे गए थे।

ट्रैक्टरों के अलावा अन्य कृषि उपकरणों और मशीनों की बात करें तो, दिसंबर 2020 में इनकी बिक्री में 59.6 प्रतिशत का इजाफा हुआ है। इस बढ़ोतरी के साथ बीते महीने 11,095 यूनिट फार्म इक्विपमेंट बेचे गए हैं जबकि दिसंबर 2019 में इनकी बिक्री 6,952 यूनिट थी।

फार्म इक्विपमेंट की बाजार हिस्सेदारी दिसंबर 2019 के मुकाबले दिसंबर 2020 में 2 प्रतिशत बढ़कर 18.2 प्रतिशत हो गई। सोनालिका ट्रैक्टर्स लिमिटेड देश की तीसरी सबसे बड़ी ट्रैक्टर विक्रेता बन कर उभरी है। सोनालिका ने दिसंबर 2020 में 8,538 यूनिट ट्रैक्टर घरेलू बाजार में बेचे हैं।

दिसंबर 2020 में सोनालिका की बाजार हिस्सेदारी 2.5 प्रतिशत बढ़कर 14 प्रतिशत हो गई है। ट्रैक्टर बिक्री में जॉन डियर और एस्कॉर्ट्स ने क्रमशः चौथा और पांचवां स्थान प्राप्त किया है। जॉन डियर ने दिसंबर 2020 में 7,315 यूनिट जबकि एस्कॉर्ट्स 85 यूनिट पीछे रहते हुए 7,230 यूनिट ट्रैक्टरों की बिक्री की है।

अन्य ट्रैक्टर निर्माताओं की बिक्री शीर्ष पांच ट्रैक्टर निर्माताओं से काफी कम हैं। कंपनियों ने बताया कि लॉकडाउन खत्म होने के बाद आर्थिक स्थिति में सुधार हो रहा है जिससे ट्रैक्टरों की बिक्री जोर पकड़ रही है। लॉकडाउन के बाद मांग के अनुसार ट्रैक्टरों का उत्पादन किया जा रहा है।

कंपनियों का कहना है कि कोरोना महामारी के कारण बिक्री प्रभावित हुई है लेकिन खेती में इस्तेमाल होने वाले उपकरणों पर इसका कम असर पड़ा है। पिछले साल बेहतर मानसून और कृषि संबंधित योजनाओं के लाभ से किसानों की आय में वृद्धि हुई है जिससे उनकी क्रय शक्ति बढ़ी है।

स्थिति सामान्य होते ही कृषि उपकरणों और मशीनों का उत्पादन पूरी क्षमता के साथ किया जा रहा है। इन आंकड़ों को देख कर कहा जा सकता है कि कृषि क्षेत्र वाहनों के जैसा प्रभावित नहीं हुआ है। बता दें कि लॉकडाउन के कारण जहां एक तरफ कारों की बिक्री 80-90 प्रतिशत तक गिर गई थी, वहीं ट्रैक्टरों की बिक्री पर इसका मामूली प्रभाव देखा गया था।

नए साल से सभी वाहन कंपनियां कीमत में बढ़ोतरी करने जा रही हैं। अब इसमें ट्रैक्टर और कमर्शियल वाहन बनाने वाली कंपनियां भी शामिल हो गई हैं। महिंद्रा के ट्रेक्टर डिवीजन ने भी जनवरी से कीमत में बढ़ोतरी की घोषणा कर दी है।


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