Toyota अगले महीने उत्पादन में करेगी 15% की कटौती, 1 लाख कारों का उत्पादन होगा कम
सेमीकंडक्टर की कमी के चलते टोयोटा मोटर नवंबर महीने में कारों के उत्पादन में 15 प्रतिशत की कटौती करने जा रही है। कंपनी ने कार उत्पादन में लगने वाले जरूरी उपकरणों की कमी का हवाला देते हुए कहा है कि जब तक आपूर्ति में सुधार नहीं आता, तब तक कपनी उत्पादन में कटौती करेगी। टोयोटा के इस फैसले से अगले महीने (नवंबर में) 50,000 से 1,00,000 यूनिट पैसेंजर वाहनों का उत्पादन प्रभावित होगा।

इस तरह कंपनी अगले महीने वैश्विक स्तर पर 8.50 लाख कारों का उत्पादन करेगी। टोयोटा ने बताया है कि जापान के घरेलू बाजार में 50,000 कारों का उत्पादन कम किया जाएगा, वहीं दुनिया भर में यह आंकड़ा 1 लाख कारों का हो सकता है। सितंबर 2021 में टोयोटा ने दक्षिण पूर्व एशिया में कोविड -19 मामलों में वृद्धि के कारण अपनी उत्पादन क्षमता में 3 प्रतिशत की कमी की थी।

हालांकि, टोयोटा ने सूचित किया कि 21 मार्च, 2022 को समाप्त होने वाले मौजूदा वित्तीय वर्ष में 12 महीनों के दौरान कंपनी ने 90 लाख कारों का उत्पादन करने का लक्ष्य रखा है जिसमें बदलाव नहीं किया जाएगा। कार निर्माता ने यह भी कहा कि सितंबर और अक्टूबर में उत्पादन में उम्मीद से कम कटौती ने इसे स्थिर रहने में मदद की है।

टोयोटा के क्रय समूह के मुख्य अधिकारी कज़ुनारी कुमाकुरा ने इस बात पर प्रकाश डाला कि ऑटोमोबाइल उद्योग के लिए सबसे खराब अवधि समाप्त हो गई है। उन्होंने यह भी कहा कि कम जोखिम और चिप आपूर्ति में तंगी के साथ आपूर्ति प्रभावित रहेगी।

टोयोटा ने यह भी बताया कि पिछले महीने से चीन में बिजली की कमी उत्पादन को प्रभावित कर रही है और इसलिए यह स्पष्ट नहीं है कि भविष्य में क्या होगा। कंपनी ने यह भी सुनिश्चित किया कि कमी के बावजूद वह अपनी आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करने का प्रयास करेगी।

फिलहाल, टोयोटा ने इस बात की जानकारी नहीं दी है कि कंपनी के भारतीय यूनिट में उत्पादन में कटौती का क्या प्रभाव पड़ेगा। टोयोटा भारतीय बाजार में इनोवा क्रिस्टा, फोर्च्यूनर, अर्बन क्रूजर, ग्लैंजा, यारिस, कैमरी व वेलफायर जैसे मॉडल्स की बिक्री करती है, इसमें से अर्बन क्रूजर व ग्लैंजा का उत्पादन मारुति सुजुकी द्वारा किया जाता है।

कोविड-19 महामारी की वजह वैश्विक स्तर पर सेमीकंडक्टर्स लगने वाले घटकों की भी आपूर्ति प्रभावित हुई है। इससे डिमांड के मुताबिक सेमीकंडक्टर की निर्माण नहीं हो पा रहा है। इस वजह से वाहन कंपनियों तक चिप की सप्लाई बाधित हो रही है। सेमीकंडक्टर की सप्लाई घटने से ऑटो इंडस्ट्री अपनी पूरी क्षमता से काम नहीं कर पा रही है और उत्पादन की गति धीमी पड़ गई है।

Toyota ने बताया कि दक्षिण एशिया में कोरोना महामारी के फैलने की वजह से ऑटो पार्ट्स की कमी हुई है। कंपनी ने यह भी कहा कि इसके बावजूद नवंबर और उसके बाद की स्थिति क्या होगी इसकी जानकारी नहीं है लेकिन कंपनी अपने प्रोडक्शन प्लान के अनुसार चल रही है। अब देखना होगा कि आगे की स्थिति कैसी रहती है।


Click it and Unblock the Notifications