इस त्योहारी सीजन में कार खरीदने का मजा हो सकता है फीका, नहीं मिलेगें भारी डिस्काउंट, जानें क्या है वजह
इस साल त्योहारी सीजन में भारी डिस्काउंट पर कार खरीदने का प्लान बना रहे ग्राहकों को निराशा हाथ लग सकती है। देश में ऑटोमोबाइल सेक्टर कोरोना महामारी से उबरने के बाद सेमीकंडक्टर (चिप) की कमी से जूझ रहा है जिसके चलते कंपनियों को उत्पादन में कटौती करनी पड़ रही है। नतीजतन, निर्माता और डीलर इस दिवाली पर आकर्षक छूट देने की स्थिति में नहीं हैं।

दिवाली के आस-पास की सेल को आमतौर पर फेस्टिव सीजन की सेल के रूप में देखा जाता है। ये अवधि भारत में वाहन कंपनियों के लिए बहुत महत्वपूर्ण होती है क्योंकि उनकी वार्षिक बिक्री का लगभग 30% इसी अवधि के आस-पास होता है। हालांकि, आपूर्ति में कमी के कारण कार निर्माताओं को कई बाधाओं का सामना करना पड़ रहा है।

बीते सितंबर महीने में कारों की बिक्री को देखा जाए तो, यह सितंबर 2020 की बिक्री के मुकाबले 5.25 प्रतिशत कम था। सितंबर 2021 में कंपनियों ने खुदरा बाजार में 12,96,257 कारों की बिक्री की जो सितंबर 2020 में 13,68,307 यूनिट था। यह गिरावट कोरोना महामारी के प्रभाव से बाहर निकलने के बाद दर्ज की गई है। इससे साफ है कि सेमीकंडक्टर संकट से कंपनियों की उत्पादक क्षमता पर असर पड़ा है।

ऑटो डीलरों ने पिछले महीने कहा था कि त्योहारी सीजन के दौरान चिप की कमी के कारण कारों की सप्लाई कम होगी, जिससे लोकप्रिय मॉडलों के लिए ग्राहकों को ज्यादा इंतजार करना होगा और डिलीवरी में देरी होगी।

एक रिपोर्ट के मुताबिक, मारुति बलेनो, अर्टिगा, ब्रेजा और हुंडई क्रेटा जैसे कार मॉडलों की मांग में गिरावट जारी है। असल में, इस बार इन्वेंट्री अन्य वर्षों की तुलना में सबसे कम है। आम तौर पर, डीलर त्योहारों के महीनों के लिए एक महीने से अधिक का इन्वेंटरी का स्टॉक करते हैं।

सेमीकंडक्टर्स और ABS चिप्स की अनुपलब्धता, कंटेनरों की कमी और धातु की अधिक कीमतों के कारण निर्माताओं द्वारा उत्पादन में भारी कटौती के साथ, ग्राहकों को पहली बार इस त्योहारी सीजन के दौरान अपनी पसंद की कारों पर आकर्षक डिस्काउंट ऑफर नहीं मिलेंगे।

कार निर्माताओं और डीलर्स का कहना है कि एंट्री लेवल मॉडल्स पर कुछ डिस्काउंट ऑफर दिए जा सकते हैं, लेकिन ग्राहकों को इनमें ज्यादा डिस्काउंट की उम्मीद नहीं करनी चाहिए क्योंकि इनकी कीमत पहले से ही कम होती है। बता दें कि चिप की कमी के कारण एंट्री लेवल मॉडलों का उत्पादन प्रभावित नहीं हुआ है क्योंकि इनने काफी कम इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का इस्तेमाल किया जाता है।

मारुति सुजुकी इंडिया, हुंडई मोटर और महिंद्रा एंड महिंद्रा द्वारा यात्री वाहनों के थोक डिस्पैच (कारखाने से डीलरों) चल रही सेमीकंडक्टर की कमी के कारण सितंबर में बुरी तरह प्रभावित हुआ है। अगस्त के महीने में भी इसी तरह की कमी देखी गई और संकेत हैं कि कम बिक्री का रुझान दिसंबर तक जारी रहेगा।


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