Tesla To Setup Plant In Karnataka: टेस्ला कर्नाटक में शुरू करेगी कारों का निर्माण, सीएम येदियुरप्पा ने की घोषण
हाल ही में टेस्ला ने भारत में कारों की बिक्री करने की घोषणा की थी और अपना ऑफिस बेंगलुरु में शुरू किया था। कंपनी ने यह स्पष्ट नहीं किया था कि वह कारों का निर्माण कहां करेगी। हालांकि, अब यह खुलासा हुआ है कि टेस्ला भारत में ही कारों का निर्माण करने वाली है। कर्नाटक के मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ने घोषणा की है कि टेस्ला बेंगलुरु शहर में देश का पहला प्लांट स्थापित करने वाली है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक टेस्ला को बेंगलुरु में टेस्ला इंडिया मोटर्स एंड एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड के नाम से रजिस्टर करवाया गया है। जानकारों का मानना है कि टेस्ला भारत में किफायती इलेक्ट्रिक कारों का निर्माण करेगी। फिलहाल, टेस्ला मॉडल 3 कंपनी की सबसे किफायती इलेक्ट्रिक कार है जो सबसे अधिक बिकती है।

मौजूदा समय में चीन में बनी टेस्ला मॉडल 3 की कीमत करीब 40,960 अमेरिकी डॉलर (30 लाख रुपये) है। हालांकि, अगर कंपनी कार के कम्प्लीटली बिल्ट यूनिट को इम्पोर्ट करती है तो 90-100 प्रतिशत इम्पोयर्ट ड्यूटी लगने के बाद यह कार भारत में करीब 60 लाख रुपये में बिकेगी, जो कि आम भारतीय की पहुंच से बहार होगी।

हालांकि, अगर टेस्ला के मेक इन इंडिया प्लान के तहत कारों का निर्माण भारत में ही करती है तो यह कारें काफी सस्ती हो सकती हैं। यह भी कहा जा रहा है कि टेस्ला भारत में लग्जरी कारों के साथ माध्यम वर्ग के लिए किफायती कार भी उपलब्ध करेगी।

टेस्ला कार लॉन्च की बात करें तो कंपनी के सीईओ एलन मस्क भारत में लॉन्च की जाने वाली कार का खुलासा 14 मार्च को कर सकते हैं। टेस्ला की वैश्विक बिक्री के आकड़ों को देखें तो, कंपनी ने पिछले साल 3,67,500 कारों की बिक्री की है जो कि 2019 की बिक्री के मुकाबले 50 प्रतिशत अधिक है।

टेस्ला ने एक रिपोर्ट में खुलासा किया है कि वह 2030 के बाद हर साल 2 करोड़ कारों की बिक्री करेगी। रिपोर्ट के मुताबिक अगर टेस्ला भारत में कारों का निर्माण करेगी तो इस लक्ष्य को पूरा करने में कामयाबी मिल सकती है।

टेस्ला के भारत में निवेश से रोजगार की संभावनाएं बढ़ेंगी साथ ही इलेक्ट्रिक कारों के तकनिकी विकास में भी तेजी आएगी। भारत में कारों के निर्माण से टेस्ला की कारें किफायती होंगी और माध्यम वर्ग के भी पहुंच में आएगी।

बताया जाता है कि भविष्य में टेस्ला भारत में बनी कारों का निर्यात एशिया के अन्य देशों के साथ यूरोप और दक्षिणी अमेरिका के देशों में भी कर सकती है। फिलहाल, कंपनी चीन में बनी कारों का निर्यात कई देशों में कर रही है।

इलेक्ट्रिक वाहनों के उत्पादन के समर्थन में केंद्र सरकार द्वारा बनाई गई फेम-2 स्कीम भारत में इलेक्ट्रिक वाहन निर्माताओं को प्रोत्साहित कर रही है। बताया जाता है कि टेस्ला को भारत में निवेश के लिए आकर्षित करने में फेम-2 स्कीम का अहम योगदान है।

केंद्र सरकार ने फेम-2 स्कीम के तहत 2022 तक 10,000 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि का ऐलान किया है। इसमें 1,000 करोड़ रुपये चार्जिंग स्टेशन निर्माण के लिए खर्च किये जाएंगे। फिलहाल, सरकार ने 2030 तक देश में 30 प्रतिशत इलेक्ट्रिक वाहनों को चलाने का लक्ष्य रखा है।


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