Tesla ने 475,000 इलेक्ट्रिक वाहनों को वापस मंगाया, सुरक्षा को लेकर है खतरा
Tesla ने यूएस में 475,000 इलेक्ट्रिक वाहनों को रिकॉल किया है, कंपनी ने मॉडल 3 व मॉडल एस को वापस मंगाया है। मॉडल 3 की बात करें तो इसमें लगे रियरव्यू कैमरा खराब हो सकता है, वहीं मॉडल एस को फ्रंट ट्रंक में समस्या की वजह से वापस मंगाई जा रही है। यह कार पिछले साल डिलीवर की गयी थी, कहा जा रहा है कि कुल डिलीवर की गयी मॉडल 3 के 1 प्रतिशत में खराबी हो सकती है।

ऐसे में प्रभावित हुए मॉडल्स को वापस मंगाया जा रहा है। कंपनी 356,309 यूनिट मॉडल 3 को वापस मंगा रही है जिसकी डिलीवरी 2017 - 2020 के बीच की गयी थी, इसमें 119,009 यूनिट मॉडल एस शामिल है। बतातें चले कि समय के साथ ट्रंक को बार-बार खोलना व बंद करना रियर व्यू कैमरा के केबल को खराब कर सकता है, टेस्ला ने यह जानकारी नेशनल हाईवे ट्रैफिक सेफ्टी एडमिनिस्ट्रेशन को दी है।

रियर व्यू कैमरा के डिस्प्ले खराब होने से भिडंत होने का खतरा बढ़ जाता है। वापस मंगाए गये वह मॉडल एस शामिल है जिनका उत्पादन 2014-2021 बीच किया गया था। वहीं एक और रिपोर्ट में टेस्ला ने कहा था कि बिना वार्निंग के फ्रंट ट्रंक खुलने की वजह से ड्राइवर को रोड दिखना बंद हो जाएगा और ऐसे में क्रैश का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में कंपनी ने इन्हें वापस मंगाए हैं।

कंपनी ने रिपोर्ट में बताया कि करीब 14 प्रतिशत मॉडल एस को रिकॉल किया है। दोनों ही रिपोर्ट में कंपनी ने कहा कि उन्हें टेस्ला किसी भी तरह की क्रैश, इंजरी या मौत की जानकारी नहीं है। यह कंपनी की तरफ से पहला रिकॉल नहीं है, कुछ समय पहले कंपनी ने पैसेंजर प्ले फीचर में बदलाव करने वाली है जो कार के टचस्क्रीन में कार के चलने के दौरान भी गेम खेलने की इजाजत देता है। ऐसे में इस फीचर को लॉक किया जाएगा और गेम तभी खेला जा सकेगा जब कार एक जगह पर खड़ी हो।

भारत में जल्द ही होगी एंट्री
Tesla को भारत में 3 और नए मॉडल्स को लाने की अनुमति मिल गयी है, कंपनी के पास अब कुल 7 नए मॉडल लाने की अनुमति हो चुकी है। हालांकि यह अलग अलग कार ना होकर मॉडल 3 व मॉडल वाय के अलग-अलग वैरिएंट हो सकती है। दोनों ही मॉडल को कई बार भारत में टेस्ट करते देखा जा चुका है, साथ ही कंपनी के अधिक पॉवर वाले चार्जर को भी देखा जा चुका है।

Tesla के जिस मॉडल वाय को मनाली में देखा गया था अब उसे भी वापस मुंबई लाया जा चुका है और कंपनी टाटा के सीसीएस2 चार्जर से इस कार को चार्ज कर रही है जो कि 25 kW की क्षमता रखता है। अभी तक टेस्ला ने इन कारों के बारें में कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी है, कंपनी के यह दोनों ही वाहन एंट्री लेवल है जिस वजह से भारतीय बाजार में इन्हें पहले लाया जा रहा है।

Tesla वर्तमानअ में विदेशी बाजार में मॉडल एस व एक्स की भी बिक्री करती है लेकिन यह दोनों ही बड़े और प्रीमियम वाहन है जो कि भारतीय बाजार के लिहाज से बहुत ही महंगे और आम लोगों की पहुंच से बाहर हो सकते हैं। इसके साथ ही इन कारों पर और भी अधिक इम्पोर्ट टैक्स लगने वाला है जो कि वाहनों की कीमत को और भी अधिक कर देगी।

भारत सरकार इलेक्ट्रिक वाहनों पर भी समान इम्पोर्ट टैक्स वसूल करती है जिस वजह से एलोन मस्क लगातार सरकार से टैक्स कम करने की आग्रह कर रहे हैं। इसके साथ ही उन्होंने कहा था कि अगर मांग पर्याप्त होती है तो कंपनी भारत में फैक्ट्री भी स्थापित कर सकती है। हालांकि नीति आयोग ने टेस्ला के मांग को खारिज कर दिया है और कहा है कि टैक्स कम चाहिए तो उन्हें भारत में कारों का उत्पादन करना होगा।

ड्राइवस्पार्क के विचार
टेस्ला के कारों को कई बार समस्या के कारण वापस मंगाना पड़ रहा है, कंपनी को ऐसे में सावधानी बरतनी होगी। हालांकि अभी तक इन कारणों से किसी भी हादसे की जानकारी का पता नहीं चल पाया है यह एक अच्छी बात है।


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