Tesla First Showroom: टेस्ला मुंबई के लोअर परेल-वर्ली में खोल सकती है पहला शोरूम, किया ये खुलासा
अमेरिकी इलेक्ट्रिक कार निर्माता टेस्ला भारत में जल्द ही अपनी कारों की बिक्री शुरू कर सकती है। इसके लिए कंपनी अपना पहला शोरूम मुंबई के लोअर परेल-वर्ली में खोलने पर विचार कर रही है। रिपोर्ट के मुताबिक टेस्ला के सीईओ एलन मस्क भारत में कंपनी का पहला शोरूम मुंबई के सबसे पॉश इलाके में खोलना चाहते हैं। इसके लिए कंपनी ने मुंबई के लोअर परेल-वर्ली का चुनाव किया है।

बेंगलुरु में रजिस्टर हुआ हेड ऑफिस
रिपोर्ट के मुताबिक बेंगलुरु में कंपनी को "टेस्ला इंडिया मोटर्स एंड एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड" के नाम से रजिस्टर किया गया है। लेकिन एक नई रिपोर्ट में कहा गया है कि कंपनी अपना पहला शोरूम मुंबई में खोलेगी। वहीं यह संभव है कि बेंगलुरु टेस्ला का इंडिया में हेड ऑफिस होगा जबकि मुंबई इसका क्षेत्रीय कार्यालय बन जाएगा।

बेंगलुरु में खुल सकता है प्रोडक्शन यूनिट
टेस्ला के भारत आने की पुष्टि के बाद, कर्नाटक के मुख्यमंत्री बी.एस. येदियुरप्पा ने फरवरी में ट्वीट के जरिए घोषणा की थी कि इलेक्ट्रिक वाहन बनाने वाली कंपनी टेस्ला कर्नाटक राज्य में अपना प्रोडक्शन यूनिट स्थापित करेगी। हालांकि, टेस्ला ने प्लांट स्थापित करने को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी है।

इन्हें दी गई है महत्वपूर्ण जिम्मेदारी
टेस्ला ने आईआईएम बैंगलोर (IIM Bangalore) के पूर्व छात्र मनोज खुराना को भारत में कंपनी का कामकाज देखने के लिए नियुक्त किया हैं। मनुज भारत में कंपनी के काम की देखरेख कैलिफोर्निया से ही करेंगे। वह भारत के हिसाब से टेस्ला की स्ट्रेटजी तैयार करेंगे। इसके साथ ही कंपनी ने चार्जिंग मैनेजर के तौर पर निशांत को नियुक्त किया है जो भारत में रहकर टेस्ला के लिए काम करेंगे।

टेस्ला बनाएगी सस्ती कार
जानकारों का मानना है कि अगर टेस्ला भारत में उत्पादन शुरू करती है तो कंपनी की करें किफायती होंगी। फिलहाल, टेस्ला मॉडल 3 कंपनी की सबसे किफायती इलेक्ट्रिक कार है जो सबसे अधिक बिकती है। मौजूदा समय में चीन में बनी टेस्ला मॉडल 3 की कीमत करीब 40,960 अमेरिकी डॉलर (30 लाख रुपये) है। लेकिन अगर कंपनी कार के कम्प्लीटली बिल्ट यूनिट को इम्पोर्ट करेगी तो 90-100 प्रतिशत का इम्पोर्ट ड्यूटी लगाया जाएगा। जिसके बाद भारत में इस कार की कीमत करीब 60 लाख रुपये होगी, जो कि आम भारतीय की पहुंच से बाहर होगी।

हालांकि, अगर टेस्ला के मेक इन इंडिया योजना के तहत कारों का निर्माण भारत में ही करती है तो यह कारें काफी सस्ती हो सकती हैं। यह भी कहा जा रहा है कि टेस्ला ने भारत में लग्जरी कारों के साथ मध्यम वर्ग के लिए किफायती कार बनाने का भी लक्ष्य रखा है।

बताया जाता है कि भविष्य में टेस्ला भारत में बनी कारों का निर्यात एशिया के अन्य देशों के साथ यूरोप और दक्षिण अमेरिका के देशों में भी कर सकती है। फिलहाल, कंपनी चीन में बनी कारों का निर्यात कई देशों में कर रही है।

इलेक्ट्रिक वाहनों के उत्पादन के समर्थन में केंद्र सरकार द्वारा बनाई गई फेम-2 स्कीम भारत में इलेक्ट्रिक वाहन निर्माताओं को प्रोत्साहित कर रही है। टेस्ला को भारत में निवेश के लिए आकर्षित करने में इस स्कीम का अहम योगदान है।


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