भारत आ रही है टेस्ला की मुख्य प्रतिद्वंदी कंपनी ‘ट्राइटन’, तेलंगाना में खोलेगी मैन्युफैक्चरिंग प्लांट
भारत में टेस्ला द्वारा रिसर्च एंड डेवलपमेंट सेंटर खोलने के बाद उसकी मुख्य प्रतिद्वंदी कंपनी ट्राइटन (Triton) भी अब भारत आने की तैयारी कर रही है। कंपनी तेलंगाना में इलेक्ट्रिक वाहनों के निर्माण के लिए मैन्युफैक्चरिंग यूनिट स्थापित करेगी। कंपनी ने तेलंगाना के संगारेड्डी जिले में प्लांट स्थापित करने के लिए तेलंगाना सरकार के साथ समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किया है।

कंपनी NIMZ Zaheerabad में एक अल्ट्रा-मॉडर्न इलेक्ट्रिक वाहन मैन्युफैक्चरिंग यूनिट स्थापित करेगी, जिसके लिए 2,100 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा। तेलंगाना के आईटी एंड इंडस्ट्रीज मिनिस्टर केटी रामाराव (KT Rama Rao) ने कहा कि ट्राइटन का मैन्युफैक्चरिंग यूनिट स्थापित होने से कम से कम 25,000 स्थानीय लोगों को जॉब्स मिलेगा।

उन्होंने कहा कि इस मैन्युफैक्चरिंग यूनिट में ट्राइटन अगले 5 साल में 50,000 से अधिक इलेक्ट्रिक सेमी-ट्रक (Semi Truck), सेडान कारें, लग्जरी एसयूवी और इलेक्ट्रिक रिक्शा का उत्पादन करेगी।

राज्य के उद्योग मंत्री केटी रामा राव ने कहा कि तेलंगाना इलेक्ट्रिक वाहन बनाने वाली कंपनियों के लिए पसंदीदा राज्य बन कर उभर रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ट्राइटन को मैन्युफैक्चरिंग प्लांट स्थापित करने के लिए जल्द से जल्द अनुमोदन (Approval) प्रदान करेगी, साथी ही आवश्यक प्रोत्सान भी देगी।

ट्राइटन को मैन्युफैक्चरिंग यूनिट स्थापित करने के लिए राज्य सरकार तेलंगाना स्टेट इंडस्ट्रियल इंफ्रास्ट्रक्चर कॉर्पोरेशन (TSIIC) के तहत जमीन मुहैया कराएगी। इस मैन्युफैक्चरिंग यूनिट में सिर्फ भारत के लिए ही इलेक्ट्रिक वाहनों का प्रोडक्शन नहीं होगा, बल्कि यहां से इलेक्ट्रिक गाड़ियां बांग्लादेश, श्रीलंका, नेपाल और मिडिल ईस्ट देशों में एक्सपोर्ट किया जाएगा।

ट्राइटन इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती मांग को पूरा करने की कोशिश कर रही है। कंपनी ने देश भर के विभिन्न राज्यों में निवेश के अवसरों को देखा और अंत में आकर्षक औद्योगिक नीति के कारण तेलंगाना में निवेश करने का फैसला किया।


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