Tata Safari Tribute Video: टाटा मोटर्स ने सफारी एसयूवी का ट्रिब्यूट वीडियो किया जारी, देखें
पिछले कुछ दशकों में भारतीय कार बाजार तेजी से बढ़ा है। कई वाहन निर्माताओं ने भारत को एक बढ़ते बाजार के रूप में देखते हुए यहां निवेश करना शुरू कर दिया है। सभी खंडों में प्रतिस्पर्धा बढ़ रही है और निर्माता लगातार अपने मॉडलों को बढ़ावा देने के लिए नए तरीके और विचार अपना रहे हैं। इनमे सबसे प्रभावी तरीका विज्ञापन बनाना है जिसे दर्शक हमेशा याद रखते हैं।

हमने बजाज चेतक और मारुति के कारों के कई ऐसे विज्ञापन देखें है जो हमें अतीत की यादों में ले जाते हैं। भारतीय एसयूवी सेगमेंट में टाटा सफारी एक ऐसी ही एसयूवी थी जिसे लोग आज भी काफी पसंद करते हैं। भले ही इस एसयूवी को टाटा ने बंद कर दिया है लेकिन आज भी इस कार की लोकप्रियता कम नहीं हुई है। हाल ही में टाटा मोटर्स ने सफारी का एक ट्रिब्यूट (श्रद्धांजलि) वीडियो जारी किया है जिसमें दिखाया गया है कि ये एसयूवी अपने ग्राहकों से कितना जुड़ी थी।

इस वीडियो को टाटा मोटर्स ने अपने आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर साझा किया है। वीडियो में दिखाया गया है कि सफारी के 1998 में लॉन्च होने के बाद भारत में यह कैसे पॉपुलर होते गई। यह एसयूवी लगभग 2 दशकों तक उत्पादन में थी और आखिरकार 2017 में इसे बंद कर दिया गया।
समय के साथ, टाटा ने सफारी के कई विज्ञापन जारी किए थे। उनमें से कुछ इतने रोमांचक थे कि जब आप उन्हें देख कर हैरान रह जाएंगे। टाटा मोटर्स ने सफारी के लिए शुरू से ही काफी भरोसेमंद तस्वीर बनाई है और यह सिर्फ प्रचार से ही नहीं बल्कि एसयूवी के परफॉर्मेंस से भी झलकता है।

टाटा मोटर्स सफारी के ऐड में लोगों को अपने रास्ते खुद बनाने के लिए कहती है। इससे कंपनी ने यह सन्देश दिया था कि सफारी एसयूवी हर कदम पर भरोसेमंद साथी के जैसा है और इससे हर बाधाओं को पार करते हुए नई बुलंदियों को छुआ जा सकता है।

ट्रिब्यूट वीडियो में टाटा सफारी के कुछ पुराने और नए ऐड की झलक भी देखने को मिलती है। इसमें सफारी को चट्टानों और पहाड़ियों में ऑफ-रोडिंग करते दिखाया गया है। टाटा सफारी को 1998 में इंडियन ऑटो एक्सपो में लॉन्च किया गया था। सफारी न केवल भारत में बेची गई, बल्कि यूरोपीय बाजारों में भी निर्यात की गई। यह टाटा मोबाइल पिकअप ट्रक पर आधारित था जिसे टेलकॉलिन के नाम से जाना जाता था।

प्रारंभिक वर्षों के दौरान, सफारी को प्यूजो के 2.0-लीटर टर्बोचार्ज्ड डीजल इंजन द्वारा संचालित किया गया था। यह इंजन अधिकतम 90 बीएचपी पॉवर और 186 न्यूटन मीटर का टार्क उत्पन्न करता था। कुछ वर्षों के बाद, टाटा ने 2003 में सफारी का पेट्रोल संस्करण बाजार में उतारा।

यह मॉडल 2.1-लीटर 16 वाल्व इंजन द्वारा संचालित किया गया था जिसे टाटा मोटर्स द्वारा विकसित किया गया था। यह पुराने डीजल संस्करण की तुलना में बहुत अधिक शक्तिशाली था और 135 बीएचपी पॉवर उत्पन्न करता था। हालांकि, कम फ्यूल एफिशिएंसी के चलते टाटा को दो साल के भीतर पेट्रोल मॉडल को बंद करना पड़ा।

डीजल मॉडल की तुलना में सफारी का पेट्रोल मॉडल अधिक महंगा था और इसी कारण से लोग डीजल मॉडल को अधिक पसंद करते थे। सेगमेंट में महिंद्रा स्कॉर्पियो को टक्कर देने के लिए टाटा ने 2005 में सफारी का नया संस्करण लॉन्च किया। इसे 3.0-लीटर डीजल इंजन के साथ पेश किया गया था जो 115 बीएचपी पॉवर और 300 एनएम का पीक टॉर्क उत्पन्न करता था। यह 3.0-लीटर टर्बोचार्ज्ड इंजन बिल्कुल नया डीकोर डीजल इंजन था।

इसके बाद टाटा ने 2007 में सफारी डीकोर को लॉन्च किया जिसमे 2.2-लीटर डीजल इंजन के दिया गया था। यह पुराने 3.0-लीटर डीजल इंजन की तुलना में अधिक पॉवर जनरेट करता था। टाटा सफारी डीकोर एबीएस और एयरबैग जैसे कई नए सेफ्टी फीचर्स के कारण काफी पॉपुलर हुई। टाटा ने 2012 में सफारी स्टॉर्म को लॉन्च किया जो काफी अपडेटेड मॉडल थी और इसके लुक को भी बदला गया था।

इस समय तक, प्रतिस्पर्धा ने तेजी पकड़ ली थी और कई निर्माताओं ने बेहतर डिजाइन और फीचर के साथ अपनी एसयूवी बाजार में उतार दी थी। इससे टाटा सफारी की बिक्री प्रभावित होने लगी और टाटा को आखिरकार सफारी एसयूवी के उत्पादन पर रोक लगानी पड़ी।


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