Tata Punch खरीदने का बना रहे हैं प्लान, तो पहले जान लें ये 5 खूबियां और खामियां
टाटा मोटर्स ने भारत में अपनी नई एसयूवी Tata Punch को लॉन्च कर दिया है। भारतीय बाजार में यह एसयूवी 5.49 लाख रुपये से 9.09 लाख रुपये (एक्स-शोरूम, दिल्ली) के बीच उपलब्ध की गई है। कंपनी ने Punch की बुकिंग भी शुरू कर दी है और कुछ ही दिनों में डिलीवरी भी शुरू की जाएगी। Tata Punch एसयूवी को एक हैचबैक की कीमत पर लाया गया है जिससे यह एक परफेक्ट वैल्यू फॉर मनी कार साबित होती है। हमारा मानना है कि Tata Punch कीमत और फीचर्स के मामले में बेहतर है लेकिन कुछ मामलों में कंपनी को इसमें सुधार करने चाहिए थे।

अगर आप भी Tata Punch एसयूवी खरीदने का मन बना रहे हैं, तो पहले जान लें इस एसयूवी की कुछ खूबियां और खामियां। आइये डालते हैं एक नजर
टाटा पंच में ये हैं खूबियां
1. मिनी एसयूवी जैसा डिजाइन
टाटा पंच को लॉन्च करने से पहले कंपनी ने 2020 ऑटो एक्सपो में इसके कॉन्सेप्ट मॉडल को पेश किया था। टाटा पंच का कॉन्सेप्ट मॉडल काफी आकर्षक था और कंपनी ने इसे एक मिनी एसयूवी का डिजाइन दिया था। कंपनी ने टाटा पंच का डिजाइन कॉन्सेप्ट मॉडल के तर्ज पर ही तैयार किया है जो एक मिनी एसयूवी के लुक में बेहद आकर्षक दिखती है। यह डिजाइन हैचबैक खरीदने वाले ग्राहकों को आकर्षित करेगा।

2. दमदार फीचर्स
टाटा मोटर्स ने ग्राहकों की उम्मीद के अनुसार Punch एसयूवी को भरपूर फीचर्स दिए हैं। इसमें प्रोजेक्टर हेडलाइट्स, एलईडी डीआरएल, 16-इंच डायमंड-कट अलॉय, एलईडी टेललैंप और फॉक्स स्किड प्लेट जैसे मॉडर्न फीचर्स दिए गए हैं। वहीं केबिन में ऐप्पल कारप्ले और एंड्रॉइड ऑटो के साथ 7 इंच के टचस्क्रीन डिस्प्ले, एक मल्टी फंक्शन स्टीयरिंग व्हील, डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर समेत कई स्मार्ट फीचर्स को शामिल किया गया है।

3. लोअर ट्रिम में बेहतर कस्टमाइजेशन
टाटा पंच को 4 ट्रिम - प्योर, एडवेंचर, एकाॅम्प्लिश्ड और क्रिएटिव में लाया गया है। कंपनी ने चारों ट्रिम्स में साथ कस्टमाइजेशन पैक उपलब्ध किया है जिसकी कीमत 30,000 रुपये से लेकर 45,000 रुपये के बीच है। इस पैक की मदद से टाटा पंच के लोअर ट्रिम्स में भी हायर ट्रिम्स वाले फीचर्स जोड़े जा सकते हैं। इसलिए ग्राहकों को केवल कुछ फीचर्स जैसे - 7-इंच डिस्प्ले, 16-इंच अलॉय व्हील्स, एलईडी डीआरएल, या रियर कैमरा के लिए के लिए ऊंचे ट्रिम में नहीं जाना होगा।

4. शानदार ऑफ-रोड क्षमता
Tata Punch 4-व्हील-ड्राइव (4WD) एसयूवी नहीं है, फिर भी यह कुछ आकर्षक ऑफ रोड विषेशताओं के साथ आती है। इसमें 187 मिमी का बेस्ट-इन-क्लास ग्राउंड क्लीयरेंस के अलावा, हाई एप्रोच (20.3-डिग्री) और डिपार्चर (37.6-डिग्री) एंगल दिया गया है। साथ ही इसकी वाटर वेडिंग क्षमता 365 एमएम है। इसके अलावा, एएमटी (AMT) संस्करण भी 'ट्रैक्शन प्रो' मोड नाम की एक नई फीचर्स के साथ आता है जो एसयूवी को ऑफ रोड में चलाने के लिए ज्यादा पॉवर प्रदान करता है।

5. कीमत
टाटा पंच मैनुअल गियरबॉक्स में 5.49 लाख रुपये की कीमत में उपलब्ध की गई है। वहीं, ऑटोमैटिक (AMT) गियरबॉक्स में इसकी कीमत 6.99 लाख रुपये (एक्स-शोरूम, दिल्ली) से शुरू होती है, जो काफी अग्रेसिव है। कुल मिलाकर यह एसयूवी एक हैचबैक की कीमत में उयपालब्ध की गई है। यह मारुति स्विफ्ट से 36,000 रुपये किफायती है जबकि हुंडई ग्रैंड आई10 निओस और मारुति इग्निस से थोड़ी महंगी है।

टाटा पंच में ये हैं खामियां
1. कंपनी ने नहीं दिया टर्बो इंजन
टाटा मोटर्स ने Punch एसूयवी के किसी भी वेरिएंट को टर्बो इंजन के साथ पेश नहीं किया है। हालांकि, 1.2-लीटर रेवट्रॉन इंजन बेहद रिफायन्ड है लेकिन टर्बो इंजन से टाटा पंच की राइड क्वालिटी और परफॉर्मेंस को और भी बेहतर बनाया जा सकता था। टाटा पंच के ऊंचे ट्रिम्स में टर्बो पेट्रोल इंजन का विकल्प एक बेहतर विकल्प साबित हो सकता था।

2. डीजल इंजन का विकल्प नहीं है उपलब्ध
टाटा पंच को डीजल इंजन विकल्प भी मौजूद नहीं है। हालांकि, डीजल कारों की मांग लगातार घटती जा रही है लेकिन डीजल कारों को पसंद करने वालों के लिए यह एक बेहतर विकल्प हो सकती थी। टाटा पंच अल्ट्रोज के प्लेटफॉर्म पर आधारित है, और कार निर्माता प्रीमियम हैचबैक के लिए एक डीजल विकल्प प्रदान करती है।

3. ऑटोमेटिक गियरबॉक्स में सुधार की जरूरत
हालांकि, टाटा मोटर्स पंच में ऑटोमैटिक गियरबॉक्स का विकल्प पेश कर रही है, लेकिन इसके ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन को और भी बेहतर बनाया जा सकता था। टाटा पंच का ऑटोमैटिक गियरबॉक्स निश्चित रूप से क्लच-लेस ड्राइविंग की पेशकश करता है लेकिन इसमें कुछ सुधार की जरूरत है। टाटा पंच ऑटोमैटिक गियरबॉक्स में मैनुअल गियरबॉक्स के जैसी एक फन-टू-ड्राइव कार नहीं है।

4. प्लॉस्टिक का ज्यादा उपयोग
टाटा पंच एक अच्छी दिखने वाली कार है, लेकिन इसमें प्लास्टिक के अत्यधिक उपयोग से इंकार नहीं किया जा सकता। कार के इंटीरियर में प्लास्टिक का ज्यादातर इस्तेमाल किया गया है। पंच के इंटीरियर को टच और फील के मामले में और बेहतर बनाया जा सकता है। कंपनी प्लास्टिक की गुणवत्ता में सुधार कर केबिन में थोड़ा अधिक प्रीमियम फिट और फिनिश दे सकती थी। कम से कम हाई-स्पेक मॉडल में सॉफ्ट-टच प्लास्टिक की पेशकश की जा सकती थी।

5. सुरक्षा फीचर्स में कमी
टाटा पंच को सेफ्टी के लिए ग्लोबल एनसीएपी क्रैश टेस्ट में 5-स्टार रेटिंग दिया गया है। वयस्क सुरक्षा के लिए 17 में से 16.45 अंक के साथ, यह अनिवार्य रूप से भारत में सबसे सुरक्षित कार है। हालांकि, इसमें पीछे की सीट वाले मध्य यात्री के लिए केवल एक लैप बेल्ट ही दिया गया है जो थोड़ा निराशाजनक है। वास्तव में, ग्लोबल एनसीएपी ने यह भी सिफारिश की है कि टाटा मोटर्स इलेक्ट्रॉनिक स्टेबिलिटी कंट्रोल (ESC), साइड हेड इफेक्ट सुरक्षा और 3-पॉइंट सीटबेल्ट की पेशकश की संभावना की जांच करे।


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