टाटा मोटर्स अहमदाबाद में लगाएगी वाहन स्क्रैपिंग प्लांट, हर साल 36,000 वाहनों को करेगी रिसाइकिल
टाटा मोटर्स (Tata Motors) ने शुक्रवार को गुजरात सरकार के साथ एक समझौता किया है। इसके मुताबिक, टाटा मोटर्स अहमदाबाद में एक रजिस्टर्ड व्हीकल स्क्रैपिंग फैसिलिटी लगाएगी। यह स्क्रैपेज सेंटर (vehicle scrapping centres) पैसेंजर और कमर्शियल व्हीकल्स दोनों के लिए होगा। इस सेंटर में सालाना 36,000 तक पुराने वाहन रिसाइकिल किए जा सकेंगे।

टाटा मोटर्स के द्वारा जारी एक सूचना के मुताबिक, कंपनी ने गुजरात सरकार के पोर्ट एंड ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट के साथ एमओयू (MoU) साइन किया है। डिपार्टमेंट स्क्रैपिंग सेंटर के लिए गुजरात सरकार के नियमों और सड़क एवं परिवहन मंत्रालय की ओर से तय ड्रॉफ्ट पॉलिसी के मुताबिक जरूरी अप्रूवल्स उपलब्ध कराएगा।

टाटा मोटर्स के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर एंड प्रेसिडेंट (कॉमर्शियल व्हीकल बिजनेस यूनिट) गिरीश वाघ ने कहा, ''असल में टाटा मोटर्स के लिए यह ऐतिहासिक कदम है। क्योंकि, कंपनी ने व्हीकल स्क्रैपिंग क्षेत्र में भागीदारी का एलान किया है।'' उन्होंने कहा कि जिन वाहनों का जीवन समाप्त हो चुका है, उनकी सही तरीके से स्क्रैपिंग की जाए, तो इससे इकोसिस्टम, स्टेकहोल्डर्स और पर्यावरण सभी को फायदा होगा।

वाघ ने कहा, ''रोड, ट्रांसपोर्ट मिनिस्ट्री की ओर से स्क्रैपेज पॉलिसी एक अच्छी पहल है। भारत में सुरक्षित और प्रदूषण रहित वाहनों को प्रमोट करने की दिशा में यह सही कदम है। इसके साथ ही एक सर्कुलर इकोनॉमी के लिए यह एक महत्वपूर्ण कदम है। टाटा मोटर्स एक स्थायी भविष्य के लिए प्रतिबद्ध है और गुजरात सरकार के सहयोग के माध्यम से इस पहल का समर्थन करने के लिए तत्पर है।"

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुकवार को ऑटोमोबाइल स्क्रैपेज पॉलिसी (Vehicle Scrappage Policy) का शुभारंभ किया। गुजरात इंवेस्टमेंट समिट के दौरान वीडियो कांफ्रेंस के जरिए पीएम मोदी ने इस पॉलिसी की शुरूआत की। इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि स्क्रैपेज पॉलिसी को तीन तरह से काम करेगी। इस पॉलिसी में वाहनों के रियूज, रीसायकल और रिकवरी पर काम किया जाएगा।

बता दें कि इस पॉलिसी से ऑटोमोबाइल उद्योग को 10 हजार करोड़ रुपए के निवेश मिलने की उम्मीद है। स्क्रैप के कारोबार से जुड़े छोटे कारोबारियों को भी इस पॉलिसी का बड़ा लाभ मिलेगा, साथ ही ऑटो इंडस्ट्री को भी बड़ा फायदा होगा।

वाहनों की कीमत 40% तक होगी सस्ती
परिवहन मंत्री नितिन गडकरी के अनुसार, स्क्रैपिंग पॉलिसी नए वाहनों को 40% तक सस्ता बनाएगी, क्योंकि पुरानी गाड़ियों से निकलने वाले कबाड़ से 99% मेटल को रिकवर किया जा सकता है। इससे वाहनों की लागत कम होगी। वहीं इलेक्ट्रिक सामान और वाहनों के लिए भी कॉपर, लीथियम जैसा सस्ता कच्चा माल इस स्क्रैपिंग से मिलेगा, जिससे एंड प्रोडक्ट भी सस्ता होगा।

सबके लिए फायदेमंद है यह पॉलिसी
नितिन गडकरी ने बताया कि वाहन स्क्रैपिंग पॉलिसी ऑटोमोबाइल कंपनियों, उससे जुड़े कारोबारियों, वाहन ग्राहकों और पर्यावरण, सभी के लिए फायदेमंद हैं। इस पॉलिसी से भारत में बनने वाली नई गाड़ियों की कीमत 40% तक कम होगी, साथ ही ईंधन और मेंटेनेंस कॉस्ट में बचत जैसे कई फायदे होंगे। स्क्रैपिंग उद्योग को बढ़ावा मिलेगा तो रोजगार का भी सृजन होगा और नौकरियां बढ़ेंगी। वहीं नए वाहनों की सेल से सरकार को GST के तौर पर 30 से 40 हजार करोड़ रुपये का रिवेन्यू आएगा।


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