बाजार में धूम मचाएंगी Tata Motors की इलेक्ट्रिक गाड़ियां, कंपनी को मिला 7500 करोड़ रुपये का निवेश
टाटा मोटर्स अगले पांच वर्षों में अपने इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) कारोबार में 2 बिलियन डॉलर से अधिक का निवेश करेगी। भारतीय वाहन निर्माता ने घोषणा की है कि उसने निजी इक्विटी फर्म टीपीजी TPG राइज कैपिटल और ADQ जैसे निवेशकों से 7500 करोड़ रुपये का धन जुटाया है। यह किसी भारतीय कार निर्माता द्वारा इलेक्ट्रिक वाहनों को आगे बढ़ाने के लिए जुटाई गई सबसे बड़ी राशि है। कंपनी ने यह इन्वेस्टमेंट तब हासिल किया है जब वैश्विक वाहन निर्माता जैसे जनरल मोटर्स, वोक्सवैगन और टोयोटा मोटर ईवी अपनाने में तेजी लाने के लिए अरबों डॉलर खर्च कर रहे हैं और इस क्षेत्र में चीन के प्रभुत्व का मुकाबला भी कर रहे हैं।

इन दोनों कंपनियों की Tata की नई सब्सिडियरी में 11 से 15% तक हिस्सेदारी होगी। टाटा मोटर्स के इलेक्ट्रिक व्हीकल सेगमेंट को आगे बढ़ाने में टाटा ग्रुप की एक और कंपनी टाटा पॉवर का भी महत्वपूर्ण सहयोग होगा। टाटा पॉवर देशभर में बड़े स्तर पर इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए चार्जिंग स्टेशनों का निर्माण कर रही है।

पिछले एक साल में टाटा मोटर्स का ईवी सेगमेंट काफी तेजी से उभरा है। इससे कंपनी की मार्केट में पकड़ काफी ज्यादा बढ़ गई। मौजूदा समय में टाटा मोटर्स इलेक्ट्रिक पैसेंजर कार सेगमेंट में 70 फीसदी की हिस्सेदारी रखती है। बता दें कि इस खबर के बाद टाटा मोटर्स के शेयर में तेजी से इजाफा हुआ है।

टाटा मोटर्स ने एक बयान में कहा कि टीपीजी का निवेश 18 महीने की अवधि में किश्तों में किया जाएगा। कंपनी ने कहा कि इलेक्ट्रिक वाहन सेगमेंट के लिए टाटा मोटर्स द्वारा स्थापित इकाई टीएमएल ईवीसीओ यात्री इलेक्ट्रिक मोबिलिटी कारोबार करेगी। पूंजी निवेश का पहला दौर 22 मार्च तक पूरा होने की उम्मीद है और पूरा धन 2022 के अंत तक लगाया जाएगा।

नए निवेश के बाद टाटा मोटर्स का मूल्य 9.1 अरब डॉलर (68,598 करोड़ रुपये) आंका गया है। टाटा मोटर्स के पास वर्तमान में तीन इलेक्ट्रिक मॉडल हैं जो यात्रियों के लिए इलेक्ट्रिक मोबिलिटी पेश करते हैं। वहीं, अगले पांच वर्षों में कंपनी ने 10 नए ईवी मॉडलों को लाने का लक्ष्य रखा है। कंपनी का मानना है कि इससे देशभर में अन्य कंपनियों को भी ईवी के क्षेत्र निवेश के लिए प्रोत्साहन मिलेगा।

टाटा मोटर्स की वैश्विक बिक्री बढ़ी
दुनिया भर में चल रहे सेमीकंडक्टर की कमी के कारण वाहन कंपनियों को उत्पादन में कटौती करना पड़ रहा है। हालांकि, सभी चुनौतियों के बीच भारतीय वाहन निर्माता टाटा मोटर्स ने अपने शानदार प्रदर्शन से सबको चौंका दिया है।

टाटा मोटर्स ने वित्तीय वर्ष 2022 की दूसरी तिमाही, यानी जुलाई-सितंबर के ग्लोबल सेल्स में 24 प्रतिशत की भारी वृद्धि दर्ज कराई है। कंपनी ने इस दौरान वैश्विक बाजार में 2,51,689 यूनिट वाहनों की बिक्री की, जो पिछले साल इसी अवधि में 2,02,873 यूनिट थी। टाटा मोटर्स की जगुआर लैंड रोवर (JLR) की बिक्री भी अच्छी रही।

टाटा मोटर्स ने हाल ही में भारतीय बाजार में अपनी नई पेशकश - टाटा पंच का खुलासा किया है। टाटा पंच माइक्रो एसयूवी भारत में मारुति सुजुकी इग्निस और महिंद्रा केयूवी100 एनएक्सटी को टक्कर देगी। टाटा मोटर्स इसे 20 अक्टूबर, 2021 को लॉन्च करेगी।

बीते सितंबर महीने में भारत में कारों की बिक्री को देखा जाए तो, यह सितंबर 2020 की बिक्री के मुकाबले 5.25 प्रतिशत कम था। सितंबर 2021 में कंपनियों ने खुदरा बाजार में 12,96,257 कारों की बिक्री की जो सितंबर 2020 में 13,68,307 यूनिट था।


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