Tata Motors ने इलेक्ट्रिक पैसेंजर वाहनों के विकास के लिए बनाई नई इकाई
घरेलू भारतीय ऑटो प्रमुख टाटा मोटर्स ने अपने इलेक्ट्रिक वाहन व्यवसाय के लिए एक समर्पित पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी की स्थापना की है। अब टाटा मोटर्स अपने इलेक्ट्रिक वाहनों का निर्माण टाटा पैसेंजर इलेक्ट्रिक मोबिलिटी लिमिटेड (टीपीईएमएल) नाम से बनाई गई नई इलेक्ट्रिक व्हीकल डिवीजन के तहत करेगी।

टाटा मोटर्स ने दावा किया है कि इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए समर्पित कंपनी का गठन 700 करोड़ रुपये के शुरुआती निवेश से किया गया है। टाटा मोटर्स का यह भी दावा है कि कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय ने पहले ही 21 दिसंबर को कंपनी के लिए निगमन का प्रमाण पत्र जारी कर दिया है।

टाटा मोटर्स ने नियामक फाइलिंग में कहा है कि कंपनी की समर्पित इलेक्ट्रिक वाहन इकाई, बिजली, बैटरी, सौर ऊर्जा, या किसी भी प्रकार के बिजली उपकरण से चलने वाले पैसेंजर इलेक्ट्रिक वाहनों या हाइब्रिड पैसेंजर इलेक्ट्रिक वाहनों के विकास, निर्माण, बिक्री अथवा सर्विस से संबंधित गतिविधियों के लिए जिम्मेदार होगी।

बता दें कि महिंद्रा ग्रुप के बाद टाटा मोटर्स अपना समर्पित इलेक्ट्रिक डिवीजन बनाने वाली दूसरी घरेलू वाहन निर्माता है। मर्सिडीज-बेंज और बीएमडब्ल्यू जैसी लग्जरी कार निर्माताओं के पास भी क्रमशः EQ और i-Division के अपने समर्पित इलेक्ट्रिक वाहन डिवीजन हैं।

भारत में इलेक्ट्रिक वाहन बाजार में जहां दोपहिया और तिपहिया वाहनों का दबदबा है, वहीं चार पहिया यात्री वाहन खंड में टाटा मोटर्स का दबदबा है। टाटा मोटर्स की Nexon EV भारत में सबसे ज्यादा बिकने वाली इलेक्ट्रिक कार है। वहीं, हाल ही में कंपनी ने Tigor EV को लॉन्च किया है जिसकी बिक्री भी अच्छी चल रही है।

इसके अलावा, टाटा मोटर्स कुछ अन्य इलेक्ट्रिक कारों पर भी काम कर रही है जिन्हें निकट भविष्य में लॉन्च किया जाएगा। ऐसे परिदृश्य में, एक नए समर्पित ईवी डिवीजन का गठन इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के बारे में ऑटो कंपनी की गंभीरता को दर्शाता है।

घरेलू वाहन निर्माता ने पहले ही घोषणा की है कि वह 2025 तक भारत में 10 इलेक्ट्रिक वाहनों को लॉन्च करेगी। इनमें से कुछ पूरी तरह नए मॉडलों होंगे जबकि कुछ मौजूदा वाहनों के इलेक्ट्रिक संस्करण होंगे।

टाटा मोटर्स देश में इलेक्ट्रिक वाहनों के इकोसिस्टम को तैयार करने वाली पहली कार निर्माता है। कंपनी ने इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए चार्जिंग स्टेशन, बैटरी प्लांट और आफ्टर सेल्स सर्विस सुविधाओं का निर्माण किया है। देश में ईवी इकोसिस्टम के निर्माण के लिए टाटा ग्रुप की सात कंपनियां - टाटा मोटर्स, टाटा पॉवर, टाटा केमिकल्स, क्रोमा, टाटा ऑटो कंपोनेंट्स और टाटा मोटर्स फाइनेंस मिलकर काम कर रही हैं।

टाटा मोटर्स की कारों की बिक्री में इलेक्ट्रिक कारों की भागीदारी 2 प्रतिशत है जिसके आने वाले कुछ सालों में तेजी से बढ़ने के आसार हैं। टाटा मोटर्स 2025 तक 10 नए इलेक्ट्रिक वाहनों के साथ देश के इलेक्ट्रिक व्हीकल (ईवी) बाजार का प्रतिनिधित्व करेगी। इस साल टाटा मोटर्स की ब्रिटिश सहायक कंपनी - जैगुआर लैंडरोवर ने इलेक्ट्रिक वाहनों पर अपनी नीति की घोषणा की है। कंपनी ने बताया है कि 2030 तक हर 10 कारों में 6 कार इलेक्ट्रिक होंगी।

आपको बता दें कि टाटा मोटर्स की कारें नए साल से महंगी होने जा रही हैं। कंपनी ने बताया है कि कच्चे माल के इनपुट लागत में वृद्धि के कारण कीमतें बढ़ाई जा रही हैं। कंपनी ने यह भी कहा है कि कीमत में वृद्धि मामूली होगी जिससे ग्राहकों पर ज्यादा प्रभाव नहीं पड़ेगा।


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