टाटा मोटर्स अगले ओलंपिक के लिए पहलवानों को करेगी तैयार, उपहार में भेंट की पिकअप ट्रक
टाटा मोटर्स ने पेरिस ओलंपिक 2024 के लिए भारतीय पहलवानों को तैयार करने में मदद करने के लिए एक पहल की शुरूआत की है। भारतीय कार निर्माता ने अब पेरिस ओलंपिक 2024 में 'क्वेस्ट फॉर गोल्ड' नामक कार्यक्रम शुरू करने के लिए रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया के साथ हाथ मिलाया है। दिल्ली में एक कार्यक्रम में आज शुरू की गई इस पहल का उद्देश्य पहलवानों को अगले ओलंपिक में बेहतर प्रदर्शन के लिए तैयार करना है।

ओलंपिक कुश्ती टीम को गिफ्ट की पिकअप ट्रक
टाटा मोटर्स ने टोक्यो ओलंपिक 2021 में भाग लेने वाली भारतीय कुश्ती टीम को प्रत्येक सदस्य को Yoddha पिकअप ट्रक भेंट कर सम्मानित किया। ओलंपिक रजत पदक विजेता रवि कुमार दहिया, कांस्य पदक विजेता बजरंग पुनिया के साथ-साथ अंशु मलिक, सोनम मलिक, सीमा बिस्ला, दीपक पुनिया और विनेश फोगट जैसे साथी पहलवानों को भी सम्मानित किया गया।

टाटा मोटर्स पहलवानों को देगी ट्रेनिंग
पेरिस ओलंपिक 2024 में 'क्वेस्ट फॉर गोल्ड' पहल सभी आयु समूहों के पुरुष और महिला पहलवानों की प्रशिक्षण और प्रगति पर ध्यान केंद्रित करेगी। यह पहलवानों को सही बुनियादी ढांचे, मंच और अवसरों तक पहुंचने में मदद करेगा। इसके अलावा, इस पहल के तहत योग्य वरिष्ठ पहलवानों को केंद्रीय अनुबंध की पेशकश की जाएगी और साथ ही जूनियर पहलवानों को बीमा कवर, चिकित्सा और फिजियोथेरेपी सहायता के साथ छात्रवृत्ति के माध्यम से सहायता प्रदान की जाएगी।

रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह ने इस पहल के शुभारंभ की घोषणा करते हुए कहा, "2018 से टाटा मोटर्स के प्रतिबद्ध समर्थन ने भारतीय कुश्ती को और अधिक ऊंचाइयों तक ले जाने में मदद की है। आज हमारी संयुक्त खोज की शुरुआत हमें 2024 में अगले पेरिस ओलंपिक में कुश्ती में ओलंपिक स्वर्ण पदक जीतने की पूरे देश की लंबे समय से चली आ रही आकांक्षा को पूरा करने में सक्षम बनाएगी।"

टाटा मोटर्स ने उपहार में दी थी Altroz हैचबैक
बता दें कि टाटा मोटर्स द्वारा हाल ही में संपन्न टोक्यो ओलंपिक 2020 में 24 भारतीय खिलाड़ियों को अल्ट्रोज (Altroz) हैचबैक उपहार में दिए जाने के एक दिन बाद इस पहल की शुरुआत हुई है। टाटा मोटर्स ने टोक्यो ओलंपिक में ब्रॉन्ज मेडल से चूकने वाले सभी खिलाड़ियों को भी सम्मान देने के लिए नई Altroz हैचबैक गिफ्ट की है।

कंपनी का मानना है कि ओलंपिक में इस स्थान तक पहुंचने के लिए खिलाडियों ने कड़ी मेहनत की है। उन्होंने बेशक पदक नहीं जीता, लेकिन करोड़ों भारतीयों का दिल जीता और उन्हें प्रेरित किया है।

जो खिलाड़ी पदक के बेहद नजदीक आकर चूक गए, उनमें सबसे आगे नाम महिला गोल्फर अदिति अशोक का है। अदिति का कुल स्कोर 15 अंडर 269 रहा और वे दो स्ट्रोक्स से पदक जीतने से चूक गईं। टोक्यो ओलंपिक में उनके अलावा पहलवान दीपक पूनिया और भारतीय महिला हॉकी टीम भी चौथे स्थान पर रहते हुए पदक से चूक गई थी।

भारत में कार कंपनियां टोक्यो ओलंपिक्स 2021 में पदक वाले एथलीटों को सम्मानित कर रही हैं। हाल ही में रेनॉल्ट इंडिया ने पदक विजेता मीराबाई चानू, लवलीना बोरगोहेन, रवि कुमार दहिया और बजरंग पुनिया को Kiger एसयूवी भेंट की है।


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