E-Rickshaw Registration Stops: सुप्रीम कोर्ट ने ई-रिक्शा के रजिस्ट्रेशन पर लगाया रोक, जानें क्या है वजह
सुप्रीम कोर्ट ने देश में इलेक्ट्रिक रिक्शा के रजिस्ट्रेशन में तत्काल प्रभाव से रोक लगा दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने 12 जनवरी को सुनाए गए एक फैसले में राज्य सरकारों द्वारा रजिस्टर किये जा रहे इलेक्ट्रिक रिक्शा पर रोक लगा दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि देश में इलेक्ट्रिक रिक्शा खरीदने वाले हर ग्राहकों को अमित इंजीनियरिंग सर्विस के द्वारा अपनी इलेक्ट्रिक रिक्शा को रजिस्टर करवाना होगा।

इसके अलावा किसी भी राज्य के ट्रांसपोर्ट ऑफिस को इलेक्ट्रिक रिक्शा को रजिस्टर करवाने का अधिकार नहीं है। सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा है कि अगर राज्य सरकार इलेक्ट्रिक रिक्शा को रजिस्टर करती है तो इन्हे गैरकानूनी माना जाएगा।

बता दें कि कोलकाता के कनिष्क सिन्हा ने भारत सरकार से 20 साल पहले इलेक्ट्रिक रिक्शा को पेटेंट करने और उनके रजिस्टर करने का लाइसेंस लिया था। कनिष्क सिन्हा ने अमित इंजीनियरिंग सर्विस को भारत में इलेक्ट्रिक रिक्शा के रजिस्ट्रेशन के लिए अधिकारों का वितरण किया था।

कनिष्क सिन्हा ने दावा किया है कि ऐसे इलेक्ट्रिक रिक्शा जो अमित इंजीनियरिंग सर्विस के रजिस्ट्रेशन के बगैर खरीदे जा रहे हैं वो गैरकानूनी हैं। सुप्रीम कोर्ट ने 2017 में कनिष्क सिन्हा के पक्ष में एक फैसला सुनाया था जिसमे इलेक्ट्रिक रिक्शा बेचने वाली कंपनियों को अमित इंजीनियरिंग सर्विस से इलेक्ट्रिक रिक्शा को रजिस्टर करवाने का आदेश दिया गया था।

हालांकि, दिल्ली और पश्चिम बंगाल सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले की अनदेखी करते हुए राज्य आरटीओ से लाखों इलेक्ट्रिक रिक्शा का रजिस्ट्रेशन करवा दिया है। सुप्रीम कोर्ट के नए आदेश के बाद अब राज्य सरकारों द्वारा रजिस्टर किए गए इलेक्ट्रिक रिक्शा के अवैध होने का खतरा मंडरा रहा है।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद दिल्ली सरकार ने राज्य में इलेक्ट्रिक रिक्शा के रजिस्ट्रेशन को बंद करने की सूचना दी है। वहीं, जम्मू-कश्मीर में नए रजिस्ट्रेशन को पहले ही बंद कर दिया है। अन्य राज्यों को भी अपने यहां इलेक्ट्रिक रिक्शा का रजिस्ट्रेशन बंद करना होगा।

बता दें कि दिल्ली में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के मकसद से 'स्विच दिल्ली' अभियान चलाया जा रहा है। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल ने लोगों से इलेक्ट्रिक वाहनों का ज्यादा से जयदा उपयोग करने की अपील की है।

दिल्ली सरकार ने अगले 6 सप्ताह तक आधिकारिक इस्तेमाल के लिए केवल इलेक्ट्रिक वाहनों को खरीदने की घोषणा की है। दिल्ली सरकार ने 2025 तक राज्य में 25 प्रतिशत इलेक्ट्रिक वाहनों को चलाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके लिए सरकार चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर भी तैयार कर रही है।


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