त्योहारी सीजन में सेकंड हैंड कारों की बिक्री में 40% की वृद्धि, महिंद्रा ने दी जानकारी
नए कारों की बढ़ती कीमत सहित कई कारणों से ग्राहक अब सेकंड हैंड कारों का रुख कर रहे हैं और ऐसे में स्थापित वाहन निर्माता कंपनियां इस मौके को भुनाने से चूक नहीं रही है। महिंद्रा सेकंड हैंड कारों की बिक्री फर्स्ट चॉइस व्हील्स के माध्यम से करती है और कंपनी ने जानकारी दी है कि इस त्योहारी सीजन में सेकंड हैंड कारों की बिक्री में 40% की वृद्धि होने वाली है। कंपनी पिछले बीस दिनों में 3000 कारों की डिलीवरी कर चुकी है तथा दिवाली तक 1000 कारों की और डिलीवरी करने वाली है।

कंपनी के सीईओ आशुतोष पांडे ने जानकारी दी है कि "हम देश में तेजी से विकास करने की कदम बढ़ा रहे हैं। दो तिहाई मांग छोटे शहरों से आ रही है और विकास छोटे शहरों में मेट्रो के मुकाबले तीन गुना बढ़ रही है।" चिप की कमी चलते इस त्योहारी सीजन में नए कारों की भारी कमी आई है, चिप की कमी के चलते नए कारों के लिए कई महीनों का इंतजार करना पड़ रहा है, इसके मुकाबले सेकंड हैंड कार तुरंत ही मिल जाती है।

पांडे ने बताया कि एक एंट्री लेवल कार की कीमत पर ग्राहक यूज्ड कार बाजार में उससे बेहतर मॉडल या वैरिएंट की खरीदी कर रहे हैं। ग्राहक अब यूज्ड कारों में वैल्यू देखनें लग गये हैं जिस वजह से अब ग्राहकों को पुरानी कारें किसी भी तरह से ऐसा लगता नहीं कि वह समझौता कर रहे हैं। बाजार में अच्छे यूज्ड कार भी आसानी से उपलब्ध हो जा रही है और नए मॉडल भी उपलब्ध है।

यूज्ड कारों की मांग को देखतें हुए महिंद्रा फर्स्ट चॉइस व्हील्स इस साल अपने स्टोर्स की संख्या को बढ़ाकर 1200 से 1500 तक करने वाली है, कंपनी हर महीने 50-60 स्टोर्स का लक्ष्य लेकर चल रही है। इसके साथ ही सुपर स्टोर्स की संख्या को 2 से बढ़ाकर 20 करने वाली है। अब देखना होगा कंपनी इस लक्ष्य को कहां तक पूरा करने में कामयाब रहती है।

इस क्षेत्र में ओला ने भी कुछ महीने पहले ही कदम रखा है। कंपनी के सीईओ भाविष अग्रावाल ने जानकारी दी है कि उन्होंने धनतेरस के पहले 1000 सेकंड हैंड कारों की बिक्री पूरी कर ली है। Ola Cars Carnival लेकर आई है और यह 29 अक्टूबर से 12 नवंबर तक चलने वाला है। लेकिन कंपनी ने कुछ ही दिनों के भीतर 1000 कारों की बिक्री आंकड़ा पार कर लिया है।

बढ़ रहा सेकंड हैंड कारों का कारोबार
वित्तीय वर्ष 2022 में सेकंड हैंड कार बाजार के 15 प्रतिशत की दर से बढ़ते हुए नई कारों के बाजार की वृद्धि दर को पीछे छोड़ देगा। पुरानी कारों की बिक्री पर किए गए नए अध्ययन में सामने आया है कि अगले कुछ सालों में सेकंड हैंड कार बाजार 12-14 प्रतिशत की वृद्धि दर से आगे बढ़ेगा। वित्तीय वर्ष 2026 में सेकंड हैंड कारों की खरीद-बिक्री 70 लाख यूनिट तक पहुंचने का अनुमान है जबकि चालू वित्तीय वर्ष में यह 30।80 लाख यूनिट के आस-पास है।

वहीं पुरानी कारों की तुलना में नई कारें केवल 10 प्रतिशत की वृद्धि दर ही हासिल कर पाएंगी। इस अध्ययन में यह भी सामने आया है कि भारत के सेकंड हैंड कार बाजार में यूटिलिटी वाहनों (SUV) की भी मांग बढ़ेगी। वित्तीय वर्ष 2026 में बेची जाने वाली पुरानी कारों में एक चौथाई कारें एसयूवी होंगी।

इसके पीछे का कारण भारतीय कार बाजार में लगातार बढ़ रहे एसयूवी कारों के नए मॉडलों को बताया गया है। किफायती कीमत पर फीचर से भरपूर एसयूवी कारें लोगों को सबसे ज्यादा पसंद आ रही है जिसके चलते लोग कारों को बदलने में ज्यादा समय नहीं ले रहे हैं। फिलहाल, सेकंड हैंड कार बाजार में एसयूवी कारों की हिस्सेदारी 20 प्रतिशत है।

ड्राइवस्पार्क के विचार
महिंद्रा फर्स्ट चॉइस व्हील्स को शानदार प्रतिक्रिया मिल रही है और कंपनी लगातार अपने पहुंच को बढ़ाने में लगी हुई है जिसके चलते नए स्टोर खोले जायेंगे। वहीं यह सेगमेंट लगातार भी तेजी से वृद्धि कर रहा है, अब देखना होगा कि कौन से कंपनियां इसमें बढ़त बना पाती है।


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