Bus Owners In Delhi Seeks Exemption In Road Tax: दिल्ली के बस मालिकों ने लगाई केजरीवाल सरकार से गुहार
दिल्ली उच्च न्यायालय ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे एक बस एसोसिएशन द्वारा दायर याचिका के के जवाब में कार्रवाई करते हुए बस ऑपरेटरों को रोड टैक्स के भुगतान में छूट दें ताकि लॉकडाउन में हुए उनके नुकसान की भरपाई की जा सके। बस ऑपरेटरों ने दिल्ली हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की थी जिसमें दिसंबर 2020 के बाद रोड टैक्स में दिल्ली सरकार से छूट की मांग की गई थी।

दिल्ली हाईकोर्ट के सिंगल बेंच जस्टिस संजीव सचदेवा ने मामले की सुनवाई करते हुए राज्य सरकार को इस मामले पर जल्द ही फैसला लेने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने राज्य सरकार को फैसला सुनाने के लिए 6 हफ्तों का समय दिया है।

कोर्ट ने यह भी कहा है कि स्कूल कॉलेजों के खुलने के पहले इस मामले पर राज्य सरकार को फैसला लेना है। कोर्ट ने कहा है कि शिक्षण संस्थानों के खुलने के पहले बस अथवा परिवहन से संबंधित सभी लंबित मामलों का निपटारा करना जरूरी है ताकि परिवहन में कोई समस्या नहीं आए।

कोर्ट को बस ऑपरेटरों ने बताया कि दिल्ली में अभी तक स्कूल और कॉलेज नहीं खोले गए हैं। सरकार ने दिसंबर 2020 तक रोड टैक्स और पेनल्टी में छूट देने की घोषणा की थी लेकिन संस्थानों के न खुलने से उनका घाटा बढ़ता जा रहा है। ऐसे में छूट को 31 दिसंबर 2020 के बाद भी जारी रखा जाए।

कोर्ट में दिल्ली सरकार के वकील ने बताया कि राज्य सरकार पहले ही कमर्शियल वाहनों पर लगने वाला रोड टैक्स और पेनल्टी को 31 दिसंबर 2020 तक माफ कर चुकी है। हालांकि, नए मामले को संज्ञान में लेते हुए दिल्ली सरकार जल्द से जल्द फैसला लेगी।

बता दें कि दिल्ली में प्रदूषण पर लगाम लगाने के मकसद से मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने पिछले साल इलेक्ट्रिक वाहन नीति को लागू किया था। दिल्ली सरकार की इलेक्ट्रिक वाहन नीति के तहत इलेक्ट्रिक वाहन को रजिस्ट्रेशन चार्ज और रोड टैक्स से मुक्त रखा गया है।

दिल्ली सरकार ने हाल ही में स्विच दिल्ली अभियान शुरू किया है जिसमें सरकार लोगों से इलेक्ट्रिक वाहन का इस्तेमाल करने की अपील कर रही है। दिल्ली में 12 इलेक्ट्रिक कार मॉडलों को इलेक्ट्रिक वाहन नीति के तहत बेचने के लिए उपलब्ध किया गया है। इन कारों पर 1.5 लाख रुपये तक की सब्सिडी दी जा रही है।

बता दें कि दिल्ली की हवा की गुणवत्ता देश ही नहीं बल्कि दुनिया में सबसे कम है। रिपोर्ट के मुताबिक दिल्ली में वायु प्रदूषण का मुख्य कारण पेट्रोल और डीजल वाहनों की बढ़ती संख्या है। सरकार का मानना है कि ईंधन पर चलने वाले वाहनों को कम कर के ही दिल्ली को प्रदूषण से मुक्त किया जा सकता है।


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