Road Accidents In Delhi Dropped: दिल्ली में पिछले साल सड़क दुर्घटनाओं में आई कमी, जानें आंकड़े
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में साल 2020 में सड़क दुर्घटनाओं के मामले में कमी आई है। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के स्पेशल पुलिस कमिश्नर ने एक रिपोर्ट में बताया है कि 2020 के शुरुआत में कोरोना महामारी के चलते लगाए गए लॉकडाउन के कारण शहर में सड़क दुर्घटनाओं के मामलों में 26 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। रिपोर्ट के अनुसार 2019 में 5,610 सड़क दुर्घटनाओं में कुल 1,433 मामले गंभीर थे। वहीं, 2020 में कुल 4,178 सड़क दुर्घटनाओं के मामले दर्ज किये गए जिसमे सिर्फ 1,163 मामले गंभीर थे।

रिपोर्ट में बताया गया है कि पिछले साल सड़क दुर्घटना में मौतों की संख्या 18 प्रतिशत कम हुई है। वहीं घायल होने वालों की तादाद में 29 प्रतिशत की कमी आई है। 2019 में दिल्ली में सड़क दुर्घटनाओं में 5,152 लोग घायल हुए थे जबकि 1,463 लोगों की मौत हुई थी। वहीं 2020 में 3,662 लोग घायल हुए जबकि मरने वालों की संख्या 1,196 दर्ज की गई थी।

दिल्ली पुलिस लगातार सड़क नियमों के प्रति जागरूकता फैला रही है। इसके लिए पुलिस रेडियो, प्रिंट मीडिया और सोशल मीडिया का सहारा ले रही है। 2020 में दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने ट्रैफिक नियमों को सख्ती से लागू करने पर ध्यान दिया। पुलिस ने समय-समय पर सड़क हेलमेट चेकिंग, लाइसेंस चेकिंग, सही पार्किंग, और सही लेन में ड्राइविंग के लिए अभियान चलाया।

इसके अलावा दिल्ली पुलिस सड़क ने अपराधियों की पहचान करने के लिए जगह-जगह सीसीटीवी टीवी कैमरों को लगाने पर भी ध्यान दिया है। इसके अलावा साल भर ओवर-स्पीडिंग, नशे में ड्राइविंग, गलत पार्किंग और प्रदूषण से संबंधित मामलों को लेकर स्पेशल ड्राइव चलाए गए।

हाल ही में दिल्ली सरकार ने सभी सरकारी कार्यालयों में इलेक्ट्रिक वाहनों का इस्तेमाल करने का आदेश जारी किया है। सरकार ने बताया है कि दिल्ली में अगले 6 महीनों में सभी सरकारी पेट्रोल-डीजल कारों को इलेक्ट्रिक में बदल दिया जाएगा। दिल्ली सरकार आधिकारिक रूप से 2,000 से ज्यादा कारों का इस्तेमाल करती है।

बता दें कि दिल्ली में प्रदूषण पर लगाम लगाने के मकसद से दिल्ली सरकार ने पिछले साल इलेक्ट्रिक वाहन नीति को लागू किया था। दिल्ली सरकार की इलेक्ट्रिक वाहन नीति के तहत इलेक्ट्रिक वाहन को रजिस्ट्रेशन चार्ज और रोड टैक्स से मुक्त रखा गया है।

दिल्ली सरकार ने हाल ही में स्विच दिल्ली अभियान शुरू किया है जिसमें सरकार लोगों से इलेक्ट्रिक वाहन का इस्तेमाल करने की अपील कर रही है। दिल्ली में 12 इलेक्ट्रिक कार मॉडलों को इलेक्ट्रिक वाहन नीति के तहत बेचने के लिए उपलब्ध किया गया है। इन कारों पर 1.5 लाख रुपये तक की सब्सिडी दी जा रही है।

दिल्ली की हवा की गुणवत्ता देश ही नहीं बल्कि दुनिया में सबसे कम है। रिपोर्ट के मुताबिक दिल्ली में वायु प्रदूषण का मुख्य कारण पेट्रोल और डीजल वाहनों की बढ़ती संख्या है। सरकार का मानना है कि ईंधन पर चलने वाले वाहनों को कम कर के ही दिल्ली को प्रदूषण से मुक्त किया जा सकता है।


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