Renault Offers Discount Under Scrappage Policy: रेनाॅल्ट दे रही है नई कारों पर स्क्रैपेज पाॅलिसी का लाभ, जानें
रेनॉल्ट इंडिया ने व्हीकल स्क्रैपेज पुलिस के तहत ग्राहकों को लाभ देना शुरू कर दिया है। हाल ही में रेनॉल्ट ने महिंद्रा क्रेओ रीसाइक्लिंग फर्म के सहायता से रिलाइव स्क्रैपिंग प्रोग्राम शुरू किया है जिसके तहत कंपनी पुरानी कार स्क्रैप कराने वाले ग्राहकों को छूट प्रदान करेगी। रेनॉल्ट ने इस ऑफर को ट्राइबर, क्विड और डस्टर के लिए लागू किया है। फिलहाल इस सुविधा को केवल दिल्ली एनसीआर, चेन्नई, मुंबई, पुणे और बेंगलुरु में लागू किया गया है।

बता दें कि रेनॉल्ट की नई कार पर मलने वाले डिस्काउंट के साथ पुरानी कार को स्क्रैप करने पर अलग से छूट दी जाएगी। यही नहीं, अगर ग्राहक अपनी बाइक या स्कूटर भी स्क्रैप कराना चाहते हैं तो रेनॉल्ट बदले में नई कार पर छूट देगी। आपको बता दें कि स्क्रैपेज पॉलिसी के तहत पुराने वाहन को स्क्रैप करने पर केंद्र सरकार नए वाहन पर 4 से 6 प्रतिशत का छूट देती है जबकि वाहन कंपनी को 5 प्रतिशत का अतरिक्त डिस्काउंट देना पड़ता है।

स्क्रैपेज पॉलिसी के तहत नए वाहन पर मिलने वाला लाभ उसकी कीमत और स्क्रैप होने वाले वाहन के स्क्रैपिंग रेट पर निर्भर करता है। बता दें कि स्क्रैपेज नीति के तहत 20 साल से अधिक पुराने प्राइवेट वाहन और 15 साल से ज्यादा पुराने कमर्शियल वाहनों को स्क्रैप किया जाएगा।

स्क्रैपेज पॉलिसी के तहत पुराने धातु की रीसाइक्लिंग, वायु प्रदूषण में कमी, वाहनों की अधिक फ्यूल एफिशिएंसी के कारण तेल आयात में कमी और निवेश को बढ़ावा मिलेगा। वाहन स्क्रैपेज पॉलिसी से देश में वाहन निर्माताओं का कारोबार 30 प्रतिशत बढ़कर 10 लाख करोड़ रुपये का हो जाएगा जो अभी 4.5 लाख करोड़ रुपये का है।

वाहन स्क्रैपिंग पॉलिसी के तहत सरकार पुराने और अधिक प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों को चिन्हित कर ग्रीन टैक्स भी लगाया जाएगा। वाहनों का तय समय पर पोल्यूशन टेस्ट करवाना अनिवार्य किया गया है। इसके लिए सरकार प्राइवेट पार्टनर्स की मदद से देशभर में स्वचालित टेस्ट सेंटर खोल रही है।

स्क्रैपिंग नीति के आने से देश में नए रोजगार भी उत्पन्न होंगे। केंद्र सरकार स्क्रैपिंग नीति के तहत 10,000 करोड़ रुपये का निवेश करेगी, जिससे 50,000 नौकरियां सृजित होंगी। इस नीति के तहत लगभग 1 करोड़ पुराने भारी, मध्यम और हल्के वाहनों को स्क्रैप किया जाएगा।

केंद्र सरकार ने ईंधन के आयात पर होने वाले खर्च को कम करने के लिए पेट्रोल में 20 प्रतिशत इथेनॉल के मिश्रण को अनुमति दे दी है। इसके पहले पेट्रोल में केवल 10 प्रतिशत ही इथेनॉल के मिश्रण को मंजूरी दी गई थी। इसके लिए केंद्र सरकार ने वाहन कंपनियों से ब्लेंडेड पेट्रोल से चलने वाले वाहनों को तैयार करने की अपील की है।

एक रिपोर्ट के अनुसार ब्लेंडेड पेट्रोल के उपयोग से देश में हर साल 1 लाख करोड़ रुपये की बचत होगी। भारत में अपनी जरूरत का 85 फीसदी ईंधन बहार के देशों से आयात किया जाता है। राष्ट्रीय बायोफ्यूल पॉलिसी 2018 के तहत 2030 तक पेट्रोल में इथेनॉल की ब्लेंडिंग को 20 प्रतिशत तक करने का लक्ष्य रखा गया था। इसके लिए देश में बायोफ्यूल के उत्पादन को रिकॉर्ड स्तर पर बढ़ाने की रणनीति बनाई गई है।


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