Ford Motors के कर्मचारियों के लिए ये कंपनी बनी सहारा, दे रही है रोजगार का अवसर
अमेरिका की कार निर्माता फोर्ड के भारत में अपने प्लांट बंद करने की घोषणा के बाद हजारों कर्मचारियों के सामने रोजगार की समस्या खड़ी हो गई है। ऐसे में भारत के इलेक्ट्रिक व्हीकल इंडस्ट्री में तेजी से उभर रही राफ्ट मोटर्स (Raft Motors) ने फोर्ड के कर्मचारियों की मदद के लिए सामने आई है। कंपनी ने फोर्ड के कर्मचारियों और डीलरों को राष्ट्रव्यापी विस्तार के उनके दृष्टिकोण में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया है।

अमेरिका की कार निर्माता फोर्ड के भारत में अपने प्लांट बंद करने की घोषणा के बाद हजारों कर्मचारियों के सामने रोजगार की समस्या खड़ी हो गई है। ऐसे में भारत के इलेक्ट्रिक व्हीकल इंडस्ट्री में तेजी से उभर रही राफ्ट मोटर्स (Raft Motors) ने फोर्ड के कर्मचारियों की मदद के लिए सामने आई है। कंपनी ने फोर्ड के कर्मचारियों और डीलरों को राष्ट्रव्यापी विस्तार के उनके दृष्टिकोण में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया है।

वर्तमान में ये कंपनी देश के 12 राज्यों में 550 से ज्यादा डीलरशिप का संचालन कर रही है। राफ्ट मोटर्स पहली कंपनी है जो अपने इलेक्ट्रिक स्कूटरों की बैटरी पर 1 लाख किलोमीटर की वारंटी दे रही है। राफ्ट मोटर्स के द्वारा बनाए जाने वाले इलेक्ट्रिक स्कूटरों में वारियर, सोल्जर, नुब्रा, जिस्पा, इंडस, तीस्ता, इंद्रजीत कुछ प्रमुख मॉडल्स हैं।

कंपनी के ये स्कूटर्स युवा ग्राहकों के बीच तेजी से पॉपुलर हो रहे हैं। हाल ही में ईंधन की बढ़ती कीमत ने राफ्ट के इलेक्ट्रिक स्कूटरों की बिक्री बढ़ा दी है। इलेक्ट्रिक वाहनों के उत्पादन के साथ-साथ, राफ्ट मोटर्स एक किफायती चार्जिंग स्टेशन पर भी काम कर रही है जिसे 5,000 रुपये से भी कम कीमत पर लगाया जा सकता है।

राफ्ट के अन्य उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक उत्पाद जैसे स्मार्ट एंड्रॉइड टीवी और हाई-फाई कराओके सिस्टम पहले से ही बाजार में उपलब्ध हैं। कंपनी रोजगार की तलाश कर रहे युवाओं को काफी कम फीस में सर्विस सेंटर खोलने की ट्रेनिंग भी देती है, ताकि वह अपना खुद का व्यवसाय शुरू कर सकें।

यही नहीं, कंपनी एक इलेक्ट्रिक कार भी विकसित कर रही है जो सिंगल चार्ज में 1600km की रेंज दे सकती है, जिसके 2023 के मध्य तक लॉन्च होने की उम्मीद है।

फोर्ड के 4000 श्रमिक होंगे प्रभावित
फोर्ड मोटर्स के भारत छोड़ने के फैसले से लगभग 5,300 कर्मचारियों और श्रमिकों का भविष्य अनिश्चित हो जाएगा। फोर्ड इंडिया के चेन्नई संयंत्र में लगभग 2,700 स्थायी कर्मचारी और लगभग 600 स्टाफ हैं। वहीं साणंद में श्रमिकों की संख्या करीब 2000 है। फोर्ड इंडिया 500 कर्मचारियों के साथ साणंद इंजन एक्सपोर्ट प्लांट का संचालन जारी रखेगी।

इसके अलावा भारत में कारोबार का समर्थन जारी रखने के लिए, कस्टमर केयर और पार्ट्स डिस्ट्रीब्यूशन के लिए 100 कर्मचारियों की सेवा जारी रहेगी। फोर्ड इंडिया के मुताबिक, इसके फैसले से करीब 4,000 कर्मचारियों के प्रभावित होने की आशंका है। कंपनी नुकसान भरपाई करने के लिए मुआवजा पैकेज देने पर विचार कर रही है।

फोर्ड इंडिया के चेन्नई प्लांट में कर्मचारियों ने उत्पादन शुरू कर दिया है। बता दें कि कंपनी ने 30,000 यूनिट ईकोस्पोर्ट कारों को एक्सपोर्ट करने का कमिटमेंट दिया है जिसे इस साल के अंत तक पूरा करना है। 9 सितंबर को फोर्ड इंडिया ने 2021 की चौथी तिमाही तक साणंद प्लांट और 2022 की दूसरी तिमाही तक चेन्नई प्लांट में उत्पादन बंद करने की घोषणा की थी।


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