पीएम मोदी ने आज इंवेस्टर समिट में किया स्क्रैपेज पॉलिसी का शुभारंभ, जानें क्या हैं नियम
भारत सरकार ने इस साल फरवरी में आम बजट में स्क्रैपेज पॉलिसी को पेश किया था। इस पॉलिसी के तहत किसी भी निजी वाहन की उम्र 20 साल और कमर्शियल वाहनों की उम्र 15 साल तय की गई है। अब केंद्र सरकार इस नई स्क्रैपेज पॉलिसी की शुरुआत करने जा रही है और इसकी जानकारी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीटर के जरिए दी है।

ताजा जानकारी के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज भारत में बहुप्रतीक्षित स्क्रैपेज पॉलिसी की शुरुआत करने वाले हैं। पीएम मोदी गुजरात इन्वेस्टर समिट में इस पॉलिसी को लॉन्च करेंगे और युवाओं व स्टार्ट-अप्स से इस कार्यक्रम में शामिल होने का अनुरोध किया गया है।

स्क्रैपेज पॉलिसी को लेकर पीएम मोदी ने कहा कि वाहन स्क्रैपिंग से पर्यावरण के अनुकूल तरीके से अनुपयुक्त और प्रदूषणकारी वाहनों को चरणबद्ध तरीके से हटाने में मदद मिलेगी। पीएम मोदी ने यह भी बताया कि सरकार का उद्देश्य एक वाइबल सर्कुलर इकोनॉमी बनाना है।

इसके साथ ही पर्यावरणीय रूप से जिम्मेदार होते हुए सभी स्टेकहोल्टर्स के वैल्यू को लाना है। इस बारे में आज पीएम नरेंद्र मोदी की ओर से ट्वीट किया गया है, जिसमें उन्होंने कहा कि "आज व्हीकल स्क्रैपेज पॉलिसी का शुभारंभ भारत की विकास यात्रा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।"

आगे उन्होंने कहा कि "गुजरात में वाहन स्क्रैपिंग इंफ्रास्ट्रक्चर स्थापित करने के लिए इन्वेस्टर समिट संभावनाओं की एक नई श्रृंखला खोलता है। मैं अपने युवाओं और स्टार्ट-अप्स से इस कार्यक्रम में शामिल होने का अनुरोध करता हूं।" वहीं दूसरी ओर एक रिपोर्ट में कहा गया है कि स्क्रैपेज पॉलिसी से धातु रीसाइक्लिंग व्यवसाय को एक बड़ा बढ़ावा मिलेगा।

इस रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि इस स्क्रैपेज पॉलिसी से भारतीय ऑटोमोटिव उद्योग में बड़े बदलाव होने की संभावना है। चाहे वह रोजगार पैदा करना हो, प्रदूषण कम करना हो या इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग में तेजी लाना हो, यह नीति ऑटो उद्योग और विभिन्न अन्य स्टेकहोल्टर्स के लिए बहुत फायदेमंद साबित होगी।

आम बजट में इस पॉलिसी के बारे में घोषणा करते हुए वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया था कि नई व्हीकल स्क्रैपेज पॉलिसी के तहत निजी वाहनों के मामले में 20 साल बाद और व्यावसायिक वाहनों के मामले में 15 साल बाद वाहनों का फिटनेस परीक्षण किया जाएगा।

इसके अलावा, नीति से नई कारों की बिक्री पर सकारात्मक प्रभाव पड़ने की संभावना है और भारतीय ऑटो क्षेत्र के लिए अधिक अवसरों का मार्ग प्रशस्त होगा। बता दें कि सरकार ने 15 साल पुराने सरकारी वाहनों के लिए स्क्रैपिंग पॉलिसी को पहले ही पास किया हुआ है।


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