टैक्स में चाहिए छूट तो Tesla को भारत में ही करना होगा उत्पादन- नीति आयोग
अमेरिकी कार निर्माता टेस्ला द्वारा प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) से आयात शुल्क में कमी करने के अनुरोध के बाद, नीति आयोग ने टेस्ला से भारत में कार निर्माण शुरू करने का आग्रह किया है। नीति आयोग ने कहा है कि अगर टेस्ला भारत में ही कारों का निर्माण करती है तो कंपनी भारत सरकार की उत्पादन प्रोत्साहन नीति का लाभ उठा सकती है। यह टिप्पणी नीति आयोग के उपाध्यक्ष राजीव कुमार ने गुरुवार को एक सम्मेलन में बोलते हुए की।

उन्होंने कहा की टेस्ला को भारत में कारों का निर्यात करने के लिए सीबीयू (CBU) रूट को नहीं अपनाना चाहिए। इसके बजाय कंपनी को भारत में एक निर्माण इकाई स्थापित करनी चाहिए और भारत के ईवी बुनियादी ढांचे को मजबूत करने में मदद करते हुए रोजगार के अवसर पैदा करना चाहिए।

राजीव कुमार ने अपने बयान में टेस्ला को संबोधित करते हुए कहा कि उन्हें भारत में आकर उत्पादन शुरू करना चाहिए। यहां निर्माण करने से वह उन सभी कर लाभ के हकदार होंगे जो अन्य कंपनियों को भी दिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत में उत्पादों का निर्यात करके व्यापार को बढ़ाने का तर्क पुराना हो चुका है इसलिए अब कंपनियों को घरेलू उत्पादन के बढ़ावा दिया जा रहा है।

अपने बहुप्रतीक्षित कार की लॉन्च से पहले, टेस्ला इलेक्ट्रिक कारों पर आयात शुल्क को कम करवाने के लिए भारत सरकार से पैरवी कर रही है। टेस्ला के सीईओ एलन मस्क का मानना है कि भारत में बाहर के देशों से आने वाली कारों पर आयात शुल्क काफी अधिक है जिससे टेस्ला की इम्पोर्टेड कार भारत में काफी महंगी हो जाएगी और इससे उसका बिजनेस खराब हो सकता है।

इस साल की शुरूआत में एलन मस्क ने उच्च करों पर चिंता व्यक्त की थी। उन्होंने एक ट्वीट में कहा था कि यदि भारत में टेस्ला की आयातित कारों पर कर कम नहीं होगा तो यह संभावना अधिक है कि कंपनी भारत में प्लांट लगाने का निर्णय लेगी।

क्या है इलेक्ट्रिक कारों पर आयात शुल्क
भारत में 40,000 डॉलर या उससे कम लागत वाले इलेक्ट्रिक वाहनों पर 60% का आयात शुल्क और 40,000 डॉलर से अधिक कीमत वाले वाहनों पर 100% आयात शुल्क लगाया जाता है। इन दरों पर टेस्ला की कारें भारत में खरीदारों के लिए बहुत महंगी हो जाएंगी जिससे बिक्री सीमित हो सकती है।

जानकारी के अनुसार, टेस्ला ने अपने मुख्य कार्यकारी एलन मस्क और प्रधानमंत्री मोदी के बीच बैठक का अनुरोध भी किया है। फिलहाल, यह जानकारी सामने नहीं आई है कि प्रधानमंत्री कार्यालय ने टेस्ला के अनुरोध पर क्या जवाब दिया है। हालांकि, कहा जा रहा है कि भारत सरकार के अधिकारी टेस्ला को आयात शुल्क से बचने के लिए भारत में उत्पादन करने की सलाह दे रहे हैं।

क्या है टेस्ला की मांग?
बता दें कि टेस्ला ने जुलाई, 2021 में परिवहन मंत्रालय और उद्योग मंत्रालय को एक चिट्ठी लिखी थी, जिसमें कंपनी ने इलेक्ट्रिक कारों पर आयात शुल्क (Import Duty) को घटाकार 40 फीसदी करने का आग्रह किया था। अभी भारत में इलेक्ट्रिक कारों पर आयात शुल्क 60 से लेकर 100 फीसदी तक है।

केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने मार्च में कहा था कि अगर टेस्ला भारत में स्थानीय तौर पर इलेक्ट्रिक कारों का उत्पादन शुरू करने के लिए तैयार होती है, तो भारत सरकार कंपनी को प्रोत्साहन दे सकती है ताकि चीन के मुकाबले भारत में इलेक्ट्रिक कारों का उत्पादन सस्ता हो सके।


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