बीएमसी ने मुंबई में खोला पहला सार्वजनिक इलेक्ट्रिक व्हीकल चार्जिंग स्टेशन, एक बार में 7 वाहन होंगे चार्ज
बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) ने दादर में मुंबई का पहला सार्वजनिक इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशन स्थापित किया है। मंगलवार को महाराष्ट्र के पर्यावरण मंत्री आदित्य ठाकरे ने दादर में कोहिनूर बिल्डिंग की पार्किंग में ईवी चार्जिंग स्टेशन का उद्घाटन किया। इस सार्वजनिक इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशन में एक बार में सात इलेक्ट्रिक वाहनों को चार्ज किया जा सकता है।

बीएमसी के अनुसार, यह चार्जिंग स्टेशन चौबीसों घंटे और सातों दिन उपयोगकर्ताओं के लिए खुला रहेगा। चार्जिंग स्टेशन के सात चार्जिंग प्वाइंट में चार फास्ट चार्जिंग प्वाइंट है जो एक इलेक्ट्रिक कार को एक से डेढ़ घंटे में पूरी तरह चार्ज कर सकते हैं। अन्य तीन नियमित ईवी चार्जर हैं जो लगभग छह घंटे में एक इलेक्ट्रिक कार को पूरी तरह से रिचार्ज करने में सक्षम हैं। बीएमसी वाहनों को चार्ज करने के लिए 15 रुपये प्रति यूनिट का शुल्क लेगी।

ईवी चार्जिंग स्टेशन का उद्घाटन दौरान आदित्य ठाकरे ने सोशल मीडिया पर कहा कि यह इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को बढ़ावा देने और पर्यावरण की रक्षा करने के लिए एक कदम है। उन्होंने ट्वीट किया, "मुंबई के कोहिनूर भवन में एक ईवी पार्किंग स्थल का उद्घाटन किया गया है। यह बहुत उत्साहजनक है क्योंकि हम महाराष्ट्र इलेक्ट्रिक वाहन को अनुकूल बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।"

ठाकरे ने यह भी लिखा, "हमने लगभग एक महीने पहले अपने राज्य की ईवी नीति की घोषणा की थी। इस तरह के प्रयासों को देखकर खुशी हो रही है। यह उन कई कदमों में से एक है जो हम सरकार के रूप में हमारी धरती की बेहतरी के लिए उठाते हैं।"

उन्होंने बीएमसी से अपने अधिकार क्षेत्र के तहत विभिन्न पार्किंग स्थलों पर इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए और अधिक चार्जिंग सुविधाएं स्थापित करने का निर्देश दिया। उन्होंने इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग पर जोर देते हुए कहा कि हमें पर्यावरण के अनुकूल वाहनों की जरूरत है। उन्होंने कहा, "इलेक्ट्रिक वाहनों की अधिक संख्या वाले क्षेत्रों में चार्जिंग स्टेशन शुरू करने को प्राथमिकता देना आवश्यक है। इस संबंध में विस्तृत सर्वेक्षण किया जाए और अधिक से अधिक पार्किंग स्थलों पर चार्जिंग स्टेशन उपलब्ध कराए जाएं।"

महाराष्ट्र में 20 लाख वाहन हो सकते हैं कबाड़
देश में पुराने वाहनों को रिसायकल करने के लिए स्क्रैपिंग नीति को लागू कर दिया गया है। महाराष्ट्र में वाहन स्क्रैपिंग पॉलिसी के तहत 20 लाख से ज्यादा वाहनों को स्क्रैप घोषित किया जा सकता है। हालांकि, स्क्रैपिंग नीति पर अंतिम फैसला राज्य सरकारों को लेना है जिसपर राज्य सरकारें अपनी अलग गाइडलाइन जारी कर सकती हैं।

स्क्रैपिंग नीति के तहत 15 साल से ज्यादा पुराने कमर्शियल वाहनों और 20 साल से अधिक पुराने प्राइवेट वाहनों को कबाड़ घोषित किया जाएगा। यह वाहन मालिक पर पूरी तरह निर्भर करता है कि वह अपने पुराने वाहन को स्क्रैप कराए या नहीं। कई राज्य सरकारें तय समय सीमा पार कर चुके वाहनों से ग्रीन टैक्स ले रही हैं।

स्क्रैपिंग पॉलिसी नए वाहनों को 40% तक सस्ता बनाएगी, क्योंकि पुरानी गाड़ियों से निकलने वाले कबाड़ से 99% मेटल को रिकवर किया जा सकता है। इससे वाहनों की लागत कम होगी। वहीं इलेक्ट्रिक सामान और वाहनों के लिए भी कॉपर, लीथियम जैसा सस्ता कच्चा माल इस स्क्रैपिंग से मिलेगा, जिससे अंतिम उत्पाद सस्ता होगा।


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