MG Motors प्लांट में हाइब्रिड ऊर्जा का उपयोग करने वाली बनी पहली कार कंपनी
एमजी मोटर इंडिया ने गुरुवार को घोषणा की है कि कंपनी पवन-सौर हाइब्रिड ऊर्जा को अपनाने वाली देश की पहली कार ब्रांड बन गई है। कार निर्माता का दावा है कि उसके हलोल प्लांट में खपने वाली ऊर्जा का 50 प्रतिशत अक्षय ऊर्जा स्रोत से आता है। कंपनी ने हरित ऊर्जा प्राप्त करने के लिए राजकोट में क्लीनमैक्स विंड सोलर हाइब्रिड पार्क के साथ हाथ मिलाया है।

एमजी मोटर्स ने कहा कि उसे हलोल उत्पादन सुविधा के लिए 4.85 मेगावाट पवन-सौर हाइब्रिड बिजली मिलती है। इसके साथ, एमजी मोटर्स 15 वर्षों में लगभग दो लाख मीट्रिक टन CO2 को कम करने में सक्षम होने का दावा करती है, जो कि 13 लाख से अधिक पेड़ लगाने के बराबर है।

इस की इस पहल के बारे में बात करते हुए, एमजी मोटर इंडिया के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक राजीव चाबा ने कहा कि यह कदम एक स्थायी भविष्य के प्रति ब्रांड की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि कंपनी ने एक स्थायी भविष्य के प्रति अपनी प्रतिबद्धता सुनिश्चित की है जिसने कई लोगों को शून्य-उत्सर्जन वाहनों को अपनाने और पर्यावरण की रक्षा करने में योगदान करने के लिए प्रोत्साहित किया है।

छाबा ने कहा कि क्लीनमैक्स के साथ हमारा जुड़ाव एक स्वच्छ विनिर्माण पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। इस कदम के साथ, हम अपनी ऊर्जा लागत को कम करने के साथ-साथ एक स्थायी वातावरण को स्वच्छ रखने में अपनी भूमिका बढ़ाने की उम्मीद करते हैं।

क्लीनमैक्स के संस्थापक और एमडी, कुलदीप जैन ने इस सहयोग के बारे में बताते हुए कहा कि एमजी मोटर्स को हाइब्रिड फार्म से उसकी आवश्यकता का 50 फीसदी बिजली आपूर्ति किया जा रहा है। इससे एमजी मोटर इंडिया को परिचालन लागत में महत्वपूर्ण बचत देखने को मिलेगी, जबकि उनके CO2 उत्सर्जन में भी बहुत प्रभावशाली कमी आएगी।

हम कार निर्माता को परेशानी मुक्त समाधान प्रदान करने के लिए लागत के मूल्य पर ही बिजली आपूर्ति कर रहे हैं। स्टैंडअलोन सौर या पवन ऊर्जा के विपरीत, पवन-सौर हाइब्रिड पावर चौबीसों घंटे बिजली की आपूर्ति प्रदान करता है, जिससे उपभोक्ताओं को अक्षय ऊर्जा के साथ अपनी दैनिक बिजली की जरूरतों का एक बड़ा प्रतिशत पूरा करने में सक्षम बनाता है।

आपको बता दें कि एमजी मोटर्स इंडिया ने हाल ही में गुरुग्राम के सेक्टर-30 में रेजिडेंशियल कम्युनिटी चार्जिंग स्टेशन का उद्घाटन किया है। कार निर्माता इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए आवासीय स्थानों में आसानी से उपयोग में लाए जाने वाले चार्जिंग स्टेशन और चार्जिंग पॉइंट नेटवर्क की स्थापना कर रही है।

कंपनी का दावा है कि इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग को बढ़ाने में चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर की उपलब्धता का सबसे अहम योगदान है। देश में जितनी जल्दी चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित होगा उतनी की जल्दी देश में कार्बन फुटप्रिंट को कम करने में कामयाबी मिलेगी। कंपनी का कहना है कि अगले कुछ सालों में भारत ग्रीन मोबिलिटी का प्रतिनिधित्व करेगा और इलेक्ट्रिक वाहन इकोसिस्टम को विकसित करने में मुख्य भूमिका निभाएगा।

एमजी मोटर्स ने अपने चार्जिंग स्टेशनों में फ़ास्ट चार्जिंग की सुविधा के लिए टाटा पॉवर के साथ साझेदारी की है। कंपनी अपनी इलेक्ट्रिक एसयूवी, ZS EV के ग्राहकों के घर पर भी चार्जिंग प्वाइंट स्थापित करती है। एमजी मोटर्स ZS EV पर रोड साइड असिस्टेंस सर्विस भी ऑफर करती है।

एमजी ZS EV के नए मॉडल को इस साल फरवरी में लॉन्च किया गया था। यह इलेक्ट्रिक कार दो ट्रिम - एक्साइट और एक्सक्लूसिव में उपलब्ध की गई है। एक्साइट की कीमत 20.99 लाख रुपये जबकि एक्सक्लूसिव की कीमत 24.18 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) रखी गई है।

एमजी जेडएस ईवी में 44.5 kWh का आईपी6 प्रमाणित बैटरी लगाई गई है जिसे पूरी तरह चार्ज करने में 6-8 घंटे का समय लगता है। सिंगल चार्ज पर यह 419 किलोमीटर की ड्राइविंग रेंज देने में सक्षम है। यह कार 0-100 किलोमीटर की रफ्तार 8 सेकंड में पकड़ लेती है। कार में तीन ड्राइविंग मोड के साथ रिजेनेरेटिव ब्रेकिंग सिस्टम दिया गया है।


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