MG Motor ने भारत में लाॅन्च किया नॉन फंजिबल टोकन, जानें कैसे काम करता है ये टोकन
एमजी मोटर इंडिया ने गुरुवार को नॉन फंजिबल टोकन (non fungible token- NFT) लॉन्च करने की घोषणा की है। इसके साथ, ब्रिटिश ऑटोमोबाइल ब्रांड एनएफटी लॉन्च करने वाली भारत की पहली कार निर्माता बन गई है। जैसा कि कार निर्माता का दावा है, ब्रांड के एनएफटी संग्रह से एकत्र किया गया फंड का उपयोग सामुदायिक सेवा के लिए किया जाएगा।

एमजी मोटर इंडिया 28 दिसंबर, 2021 से NFT की बिक्री शुरू करेगी। कार निर्माता लॉन्च कलेक्शन के हिस्से के रूप में 1,111 यूनिट डिजिटल क्रिएटिव पेश करेगी। कार निर्माता अपने पहले NFT को KoineArt के NgageN प्लेटफॉर्म पर पेश करेगी, जिसे विशेष रूप से MG के लेनदेन के लिए अनुकूलित किया गया है।

क्या है NFT?
NFT का मतलब नॉन फंजिबल टोकन है। NFT बिटकॉइन या अन्य क्रिप्टोकरेंसी जैसा ही क्रिप्टो टोकन है। NFT एक तरह का यूनिक डिजिटल असेट होता है जो वैल्यू जनरेट करता है। उदाहरण के तौर पर अगर दो लोगों के पास बिटकॉइन हैं तो वो उन्हें एक्सचेंज कर सकते हैं। एनएफटी डिजिटल संपत्ति जैसे डिजिटल आर्ट, म्यूजिक, फिल्म, गेम्स या किसी कलेक्शन में मिल सकता है।

क्योंकि ये यूनिक आर्ट पीस होते हैं और इसका हर टोकन अपने आप में यूनिक होता है, इसलिए इन्हे विनिमय नहीं किया जा सकता। इस डिजिटल टोकन को ओनरशिप का वैलिड सर्टिफिकेट प्राप्त होता है। जिस भी व्यक्ति का आर्ट इस कैटगरी में आता है, उसके आर्ट को ओनरशिप का सर्टिफिकेट मिल जाता है। डिजिटल सर्टिफिकेट यह तय करता है कि उसका डुप्लीकेट नहीं बनाया जा सकता जिससे ओनर को कॉपीराइट का अधिकार मिल जाता है।

कैसे काम करता है NFT?
नॉन फंजिबल टोकन का इस्तेमाल डिजिटल असेट्स या सामानों के लिए किया जा सकता है जो एक दूसरे से अलग होते हैं। इससे उनकी कीमत और यूनिकनेस साबित होती है। ये वर्चुअल गेम्स से आर्टवर्क तक हर चीज के लिए स्वीकृति प्रदान कर सकते हैं। NFT को स्टैंडर्ड और ट्रेडिशनल एक्सचेंजेज में ट्रेड नहीं किया जा सकता है। इन्हें केवल डिजिटल मार्केटप्लेस में खरीदा या बेचा जा सकता है।

एमजी मोटर्स की बिक्री में आई गिरावट
एमजी मोटर्स इंडिया ने नवंबर 2021 की बिक्री में भारी गिरावट दर्ज की है। कंपनी के अनुसार, बीते नवंबर महीने में केवल 2,481 यूनिट यात्री वाहनों की बिक्री की गई है, जो नवंबर 2020 में बेचे गए 4,163 यूनिट की तुलना में 40.4 फीसदी कम है। कुल बिक्री में से 1,210 यूनिट्स अकेले हेक्टर की थीं, जबकि 1,018 यूनिट्स का योगदान एस्टर ने दिया है।

एमजी मोटर ने सूचित किया है कि उसके सभी आपूर्तिकर्ता सेमीकंडक्टर की कमी का सामना कर रहे हैं और इसलिए कारों के उत्पादन के साथ-साथ उनकी डिलीवरी भी प्रभावित हुई है। कंपनी ने इस साल एस्टर एसयूवी की 5,000 यूनिट की डिलीवरी का वादा किया है, लेकिन अगर स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो डिलीवरी को अगले साल के लिए पुनर्निर्धारित किया जा सकता है। कंपनी ने कहा है कि पहले बैच में बुकिंग कराने वाले ग्राहकों को कार लॉन्च कीमत पर ही बेची जाएगी।

बता दें कि भारत में एमजी मोटर्स की नई एसयूवी, एमजी एस्टर (MG Astor) को इस साल अक्टूबर में लॉन्च किया गया था। यह एसयूवी 9.78 लाख रुपये, एक्स-शोरूम की शुरूआती कीमत पर उतारी गई है। एमजी एस्टर को नौ वेरिएंट और पांच रंग विकल्पों में उपलब्ध किया गया है। भारत में यह एमजी मोटर का पांचवां मॉडल है।

एमजी मोटर इंडिया अपने संयंत्रों में नवीकरणीय ऊर्जा के उपयोग पर भी जोर दे रही है। हाल में में एमजी मोटर इंडिया ने घोषणा की है कि वह पवन-सौर हाइब्रिड ऊर्जा को अपनाने वाली देश की पहली कार ब्रांड बन गई है। कार निर्माता का दावा है कि उसके हलोल प्लांट में खपने वाली ऊर्जा का 50 प्रतिशत नवीकरणीय ऊर्जा स्रोत से आता है। कंपनी ने हरित ऊर्जा प्राप्त करने के लिए राजकोट में क्लीनमैक्स विंड सोलर हाइब्रिड पार्क के साथ हाथ मिलाया है।

एमजी मोटर इंडिया के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक राजीव चाबा ने कहा कि यह कदम एक स्थायी भविष्य के प्रति ब्रांड की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि कंपनी ने एक स्थायी भविष्य के प्रति अपनी प्रतिबद्धता सुनिश्चित की है और लोगों को शून्य-उत्सर्जन वाहनों को अपनाने और पर्यावरण की रक्षा करने में योगदान करने के लिए प्रोत्साहित कर रही है।

एमजी मोटर्स को हलोल प्लांट के लिए 4.85 मेगावाट पवन-सौर हाइब्रिड बिजली मिलती है। इस ऊर्जा के उपयोग से एमजी मोटर्स 15 वर्षों में लगभग दो लाख मीट्रिक टन CO2 को कम करने में सक्षम होगी, जो कि 13 लाख से अधिक पेड़ लगाने के बराबर है।


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