भारत में बनी Suzuki Swift को क्रैश टेस्ट में मिले जीरो स्टार, चाइल्ड सेफ्टी में प्रदर्शन बेहद खराब
हाल ही में लैटिन एनकैप NCAP क्रैश टेस्ट में मारुति सुजुकी स्विफ्ट (Maruti Suzuki Swift) को शून्य स्टार रेटिंग (Zero Rating) मिली है। इस टेस्ट में भारत में निर्मित सुजुकी स्विफ्ट के मॉडल का इस्तेमाल किया गया था जिसे मारुति सुजुकी के गुजरात प्लांट में बनाया गया था।

लैटिन एनकैप क्रैश टेस्ट में भारत में बनी Swift को एडल्ट सेफ्टी के लिए 15.53 प्रतिशत, जबकि चाइल्ड सेफ्टी के लिए शून्य रेटिंग दिया गया है। वहीं पैदल यात्रियों से संबंधित सुरक्षा फीचर्स के लिए इसे 66 प्रतिशत और अन्य सुरक्षा फीचर्स के लिए 7 प्रतिशत की रेटिंग मिली है।

अपनी रिपोर्ट में, लैटिन NCAP का कहना है कि Swift को शून्य स्टार रेटिंग कार की खराब साइड इम्पैक्ट प्रोटेक्शन और परीक्षण के दौरान दरवाजों के खराब प्रदर्शन के लिए दिया गया है। इसके अलावा, कार का रियर इम्पैक्ट प्रोटेक्शन का भी प्रदर्शन संतोषजनक नहीं रहा। कार में हेड प्रोटेक्शन के लिए दिए जाने वाले साइड एयरबैग भी मौजूद नहीं थे, जो एक बड़ी कमी के रूप में उभर कर सामने आई।

एजेंसी ने बताया कि Swift को यूरोप में 6 एयरबैग और इलेक्ट्रॉनिक स्टेबिलिटी कंट्रोल (ईएससी) के साथ स्टैंडर्ड फीचर्स के रूप में बेचा जाता है, जबकि लैटिन अमेरिका में बेचे जाने वाले मॉडलों में साइड बॉडी, हेड एयरबैग और ईएससी स्टैंडर्ड फीचर्स के तौर पर उपलब्ध नहीं होते हैं।

लैटिन एनकैप का कहना है कि लैटिन अमेरिकी ग्राहक कारों में इन महत्वपूर्ण फीचर्स के लिए बिना ज्यादा पैसों का भुगतान किये इनकी मांग कर सकते हैं। एजेंसी ने कहा कि ये बुनियादी वाहन सुरक्षा फीचर्स हैं जो परिपक्व अर्थव्यवस्थाओं के बाजारों में स्टैंडर्ड फीचर्स माने जाते हैं।

मारुति का पिछला स्कोर भी है खराब
क्रैश टेस्ट में मारुति सुजुकी की कारों का पिछला रिकॉर्ड भी खराब रहा है। 2014 में हुए ग्लोबल NCAP क्रैश टेस्ट में Swift को क्रैश टेस्ट में शून्य (Zero) स्टार मिले थे। उस समय Swift के बेस वेरिएंट में एयरबैग और एबीएस जैसे फीचर्स भी नहीं मिलते थे।

वहीं यूरोपियन NCAP क्रैश टेस्ट में तीसरे जनरेशन की मौजूदा Swift को 3 स्टार रेटिंग दिया गया। यह रेटिंग Swift के स्टैंडर्ड वैरिएंट को दिया गया था, जबकि ज्यादा फीचर्स वाले ऑप्शनल सेफ्टी पैक वेरिएंट ने 4-स्टार रेटिंग हासिल की थी।

भारतीय मॉडल की Swift का भी प्रदर्शन रहा खराब
2018 में भारत में यह मॉडल लॉन्च होने के बाद, ग्लोबल NCAP ने भारतीय मॉडल का फिर से क्रैश-टेस्ट किया, और इस बार नई-जनरेशन Swift को एडल्ट सेफ्टी के लिए 2 स्टार मिले। GNCAP ने कहा था कि यह कार एडल्ट सेफ्टी (व्यस्क सुरक्षा) पर खरी नहीं उतरती है। टेस्टिंग एजेंसी ने बताया था स्विफ्ट की बॉडी अनस्टेबल (अस्थिर) है और यह आगे के भार का सामना नहीं कर सकता।


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