मारुति ने ग्रामीण बाजार में बेची 50 लाख कारें, 10 साल में 30% बढ़ा कारोबार

मारुति सुजुकी ने बुधवार को सूचित किया कि कंपनी ने देश के ग्रामीण बाजारों में 50 लाख यूनिट की बिक्री पूरी कर ली है। कंपनी ने बताया है कि ग्रामीण भारत कंपनी की कारों की कुल बिक्री में 40% का बड़ा योगदान देता है। भारत के विविध क्षेत्रों में अपनी उपस्थिति और पहुंच को रेखांकित करते हुए, मारुति ने यह भी बताया कि देश के ग्रामीण हिस्सों में कंपनी के 1,700 से अधिक अनुकूलित आउटलेट हैं।

मारुति ने ग्रामीण बाजार में बेची 50 लाख कारें, 10 साल में 30% बढ़ा कारोबार

देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी मारुति पिछले कई दशकों से ग्रामीण भारत में अपने पदचिह्न का विस्तार कर रही है। भारत में कंपनी की कुल बिक्री की बात की जाए तो, यह वित्त वर्ष 2008-2009 में 10% से बढ़कर वित्त वर्ष 2020-2021 में 40.9% हो गई है। मारुति का कहना है कि ग्रामीण बाजार कंपनी के व्यवसाय में महत्वपूर्ण स्थान रखता है।

मारुति ने ग्रामीण बाजार में बेची 50 लाख कारें, 10 साल में 30% बढ़ा कारोबार

मारुति ने कहा कि 2008 में वैश्विक मंदी के दौरान भारत का ग्रामीण बाजार सबसे कम प्रभावित था। इसको ध्यान में रखते हुए कंपनी ने ग्रामीण बाजारों में अपने नए उत्पादों को पेश किया। इस दौरान कंपनी ने ग्रामीण बाजारों में अपने कई नए और किफायती कॉम्पैक्ट कारों को उतारा, जिसे ग्राहकों ने खूब पसंद किया।

मारुति ने ग्रामीण बाजार में बेची 50 लाख कारें, 10 साल में 30% बढ़ा कारोबार

मारुति शहरों के साथ-साथ ग्रामीण बाजारों में भी अपनी प्रीमियम कारें उपलब्ध करवा रही है। देश के कई ग्रामीण इलाकों में मारुति की प्रीमियम कारें नेक्सा डीलरशिप के माध्यम से उपलब्ध कराई जा रही हैं। वहीं, बजट कारों की बिक्री एरीना डीलरशिप से की जा रही है। कंपनी सबसे ज्यादा कारों की बिक्री एरीना डीलरशिप के माध्यम से ही करती है।

मारुति ने ग्रामीण बाजार में बेची 50 लाख कारें, 10 साल में 30% बढ़ा कारोबार

बता दें कि मारुति सुजुकी 18,000 करोड़ रुपये के निवेश से हरियाणा में नया प्लांट स्थापित करनी की तैयारी कर रही है। कंपनी इस प्लांट में सालाना 10 लाख यूनिट वाहनों का निर्माण करेगी। प्रस्तावित योजना के अनुसार यह प्लांट 1,000 एकड़ में फैला होगा जो गुरुग्राम स्थित कंपनी के पुराने प्लांट की जगह लेगा।

मारुति ने ग्रामीण बाजार में बेची 50 लाख कारें, 10 साल में 30% बढ़ा कारोबार

कंपनी ने जगह की कमी के कारण गुरुग्राम में 300 एकड़ में फैले प्लांट को हरियाणा में शिफ्ट करने का फैसला किया है। कंपनी का कहना है कि गुरुग्राम में तेजी से होते डेवपमेंट के चलते कंपनी का मौजूदा प्‍लांट शहर के बीचोंबीच आ गया है। इससे ट्रकों से कच्चे माल और फिनिश्‍ड प्रोडक्‍ट को प्‍लांट से बाहर ले जाने में भारी परेशानी हो रही है।

मारुति ने ग्रामीण बाजार में बेची 50 लाख कारें, 10 साल में 30% बढ़ा कारोबार

प्लांट में ट्रकों के आने-जाने से स्थानीय लोगों को भी अक्सर परेशानियों का सामना करना पड़ता है। कंपनी ने इसी प्‍लांट से 1983 में भारत में अपने सफर की शुरुआत की थी और अपना पहला मॉडल मारुति 800 का उत्पादन शुरू किया था।

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फिलहाल, कंपनी के गुरुग्राम प्‍लांट से अल्‍टो, वैगनआर समेत कई पॉपुलर मॉडल का प्रोडक्‍शन किया है। इसकी सालाना प्रोडक्‍शन क्षमता करीब 7 लाख यूनिट है। गुरुग्राम के अलावा कंपनी का मानेसर में एक और मैन्‍युफैक्‍चरिंग प्‍लांट है। दोनों ही प्‍लांट की कुल सालाना प्रोडक्‍शन क्षमता 15.5 लाख यूनिट की है।

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Hindi
English summary
Maruti Suzuki rural market 50 lakh unit sales milestone. Read in Hindi.
Story first published: Wednesday, July 21, 2021, 12:57 [IST]
 
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