मारुति सुजुकी की बढ़ी मुश्किलें, चिप की कमी से 60% तक कम होगा कारों का उत्पादन
भारत की अग्रणी कार निर्माता मारुति सुजुकी ने कहा है कि वैश्विक चिप की कमी से सितंबर में हरियाणा और गुजरात राज्यों में कंपनी संयंत्रों में उत्पादन प्रभावित होगा। कंपनी ने बताया है कि अगले महीने दोनों संयंत्रों में उत्पादन मात्रा सामान्य उत्पादन से लगभग 60 प्रतिशत कम हो सकता है।

बता दें कि वैश्विक कार निर्माताओं के साथ भारतीय कार कंपनियां भी सेमीकंडक्टर की कमी से जूझ रही हैं। भारत में मारुति सुजुकी के अलावा, टाटा मोटर्स, महिंद्रा, टोयोटा जैसी बड़ी कंपनियां सेमीकंडक्टर (चिप) कमी का सामना कर रही हैं। इसके चलते नई गाड़ियों के लिए वेटिंग पीरियड बढ़ रहा है।

टाटा मोटर्स और महिंद्रा एंड महिंद्रा लिमिटेड ने पहले ही महामारी के कारण कमोडिटी की बढ़ती कीमतों और सेमीकंडक्टर की वैश्विक कमी के प्रभाव के बारे में चेतावनी दी थी। टाटा मोटर्स ने कहा था कि इस साल की दूसरी छःमाही में चिप की कमी पहले से ज्यादा गंभीर होगी, जिसके कारण लैंड रोवर जगुआर की कारों की सेल 50 प्रतिशत तक कम होने की संभावना है।

जानकारों का मानना है कि सेमीकंडक्टर के लिए मारुति किसी एक आपूर्तिकर्ता (वेंडर) पर निर्भर नहीं है, इसलिए कंपनी के उत्पादन पर ज्यादा प्रभाव नहीं पड़ेगा। हालांकि, कंपनी के चेयरमैन आरसी भार्गव ने संकेत दिया है कि सेमीकंडक्टर संकट खत्म नहीं हुआ है और आगे क्या होगा, इसका अनुमान लगाना मुश्किल है।

सेमीकंडक्टर चिप्स ऑटोमोबाइल उद्योग का एक अनिवार्य हिस्सा बन गए हैं और हाल के दिनों में वाहनों में इसका उपयोग विश्व स्तर पर बढ़ा है। नए वाहन तेजी से अधिक से अधिक इलेक्ट्रॉनिक सुविधाओं से लैस होते जा रहे हैं। ब्लूटूथ कनेक्टिविटी, ड्राइवर-सहायता सुविधाएँ, नेविगेशन उपकरण और हाइब्रिड-इलेक्ट्रिक सिस्टम, जिनमें से सभी को इन चिप्स की आवश्यकता होती है।

चिप की कमी से ऑटोमोबाइल सेक्टर प्रभावित
मारुति सुजुकी के अलावा, एमजी मोटर, निसान, टाटा मोटर्स और महिंद्रा सहित कई अन्य कार निर्माताओं ने उत्पादन को प्रभावित करने वाले चिप संकट के बारे में चेतावनी दी है। टाटा मोटर्स ने हाल ही में जानकारी दी थी कि उसने वैश्विक सेमीकंडक्टर की कमी से निपटने के लिए विभिन्न उपायों की योजना बनाई है, जिसमें एक के बजाय कई वेंडरों से आपूर्ति करने के उपाए अपनाये जाएंगे।

चिप की कमी को दूर करने के लिए कंपनियां अपने उत्पादों में बदलाव करने के साथ सीधे सेमीकंडक्टर निर्माताओं से चिप खरीद तरीका अपना रही हैं। इसके अलावा कंपनियां चिप में बदलाव करके या उसके जगह अन्य चिप का इस्तेमाल करके चिप की कमी से निपट रही हैं। मारुति ने बताया कि चालू तिमाही में आपूर्ति की स्थिति चुनौतीपूर्ण बनी रहेगी।

मारुति की सेल्स 36 फीसदी बढ़ी
मारुति सुजुकी की कारों ने जुलाई 2021 की बिक्री में बेहतर प्रदर्शन दिया है। पिछले महीने कंपनी की घरेलू बिक्री में 36% व एक्सपोर्ट में 7% की बढ़त दर्ज की गयी है। मारुति सुजुकी की मिनी कार सेगमेंट में 19,685 यूनिट, कॉम्पैक्ट सेगमेंट में 70,268 व यूटिलिटी व्हीकल सेगमेंट में 32,272 यूनिट की बिक्री की गयी है। मारुति ने जुलाई 2021 में कुल 1,62,462 यूनिट की बिक्री की है, पिछले साल जुलाई में यह 1,08,064 यूनिट रही थी।


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