हुंडई क्रेटा और किया सेल्टोस को टक्कर देने नई एसयूवी लाएगी मारुति, टोयोटा के इस माॅडल पर होगी आधारित
मारुति सुजुकी, जिसे भारत में हैचबैक कारों की प्रमुख निर्माता माना जाता है, अब अधिक प्रीमियम कॉम्पैक्ट सेगमेंट में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने की योजना बना रही है, खासकर एसयूवी श्रेणी में। भारत की सबसे बड़ी कार निर्माता एक नया मॉडल लाने की योजना बना रही है जो कॉम्पैक्ट एसयूवी सेगमेंट में हुंडई क्रेटा और किया सेल्टोस से मुकाबला करेगी।

मारुति के पहले से ही इसी सेगमेंट में एस-क्रॉस एसयूवी की बिक्री कर रही है, लेकिन इसकी बिक्री संख्या क्रेटा या सेल्टोस की मुकाबले काफी कम है। मारुति सुजुकी जल्द ही एस-क्रॉस के फेसलिफ्ट को भारत में लाने पर विचार कर सकती है जिसे हाल ही में वैश्विक बाजार में पेश किया गया है। हालांकि, यह भी हो सकता है कि मारुति अपने पुराने मॉडलों के अपडेट संस्करण को लाने के बजाय पूरी तरह नए मॉडल को लाए।

एक रिपोर्ट के अनुसार मारुति सुजुकी भारत में अपने नए मॉडलों के लिए टोयोटा से हाथ मिला सकती है। मारुति की अगली बड़ी घोषणा दोनों कार निर्माताओं द्वारा संयुक्त रूप से विकसित एक एसयूवी हो सकती है। जहां टोयोटा ने भारत में मारुति बलेनो और ब्रेजा के संस्करणों को रीबैज किया है, वहीं मारुति ने अभी तक देश में किसी भी रीबैज टोयोटा मॉडल लॉन्च नहीं किया है।

कॉम्पैक्ट एसयूवी सेगमेंट दोनों कार निर्माताओं को अवसर प्रदान करता है। टोयोटा, जो काफी हद तक भारत में अपनी फॉर्च्यूनर एसयूवी और इनोवा क्रिस्टा एमपीवी की बिक्री पर निर्भर करती है, कॉम्पैक्ट एसयूवी सेगमेंट में किसी भी कार की पेशकश नहीं करती है। टोयोटा वैश्विक स्तर पर अपनी सबसे अधिक बिकने वाली एसयूवी में से एक आरएवी4 को भारत में पेश कर सकती है, ताकि कोरियाई कार निर्माताओं के वर्चस्व वाली कॉम्पैक्ट एसयूवी सेगमेंट पर कब्जा जमाया जा सके।

टोयोटा आरएवी4 वह आधार हो सकता है जिस पर मारुति अपनी नई कॉम्पैक्ट एसयूवी विकसित कर सकती है। मारुति के जापानी साझेदार सुजुकी के पास पहले से ही वैश्विक बाजारों में एक्रॉस नाम का एक मॉडल है जो काफी हद तक टोयोटा आरएवी4 एसयूवी पर आधारित है। मारुति और टोयोटा के एक ही मॉडल का पालन करने और जल्द ही भारत के लिए बनाई एक नई एसयूवी पर काम करने की संभावना है।

फिलहाल मारुति सुजुकी ने नई एसयूवी को उतारने की आधिकारिक घोषणा अभी नहीं की है। जानकारों का मानना है कि मारुति 2023 से पहले नई एसयूवी को लॉन्च नहीं करेगी। भारतीय बाजार के लिए एक नई कॉम्पैक्ट एसयूवी के आने से पहले बहुत कुछ कोविड की स्थिति के साथ-साथ चल रहे सेमीकंडक्टर आपूर्ति संकट पर भी निर्भर करेगा।

मारुति सुजुकी ने बीते नवंबर महीने की बिक्री के आंकड़ों को जारी कर दिया है। मारुति सुजुकी ने पिछले महीने वाहनों की कुल बिक्री में 9 फीसदी की गिरावट दर्ज की है। कार निर्माता ने नवंबर 2021 में 1,39,184 यूनिट्स की बिक्री की, जबकि पिछले साल इसी महीने में कंपनी ने 1,53,233 यूनिट्स की बिक्री की थी। पिछले महीने मारुति द्वारा बेचे गए 1,09,726 यात्री वाहनों में से 70 प्रतिशत से अधिक योगदान मिनी और कॉम्पैक्ट वाहन खंड से आया है, जिसमें ऑल्टो, वैगनआर, बलेनो, स्विफ्ट और अन्य जैसी मारुति कारें शामिल हैं। इन वाहनों ने पिछले महीने कार निर्माता के लिए 74,492 यूनिट्स का योगदान दिया।

कॉम्पैक्ट व्हीकल सेगमेंट की तुलना में, मिड-साइज और यूटिलिटी व्हीकल सेगमेंट, जिनमें सियाज, अर्टिगा और XL6 शामिल हैं, ने पिछले महीने कुल यात्री वाहनों की बिक्री में लगभग 25 प्रतिशत का योगदान दिया। मारुति ने पिछले महीने सियाज की 1,089 यूनिट्स बेचीं, जबकि अर्टिगा, जिप्सी, एस-क्रॉस विटारा ब्रेजा और एक्सएल 6 जैसे उपयोगिता वाहनों ने कुल संख्या में 24,574 यूनिट्स का योगदान दिया।

अक्टूबर 2021 की तुलना में नवंबर 2021 की बिक्री में मामूली बढ़ोतरी हुई है। अक्टूबर 2021 में कंपनी ने 1,38,335 यूनिट्स की बिक्री की थी। मारुति का कहना है कि बिक्री में गिरावट सेमीकंडक्टर चिप की कमी के कारण है, जिसने मुख्य रूप से भारत में बेचे जाने वाले वाहनों के उत्पादन को प्रभावित किया है।

इससे पहले, मारुति सुजुकी ने कहा था कि सेमीकंडक्टर की कमी के चलते दिसंबर में भी उत्पादन 15 से 20 फीसदी कम होने का अनुमान है। मारुति ने हाल ही में सेलेरियो हैचबैक के फेसलिफ्ट संस्करण को लॉन्च किया है। मारुति सुजुकी का दावा है कि नई सेलेरियो 26.68 किलोमीटर प्रति लीटर के माइलेज के साथ भारत की सबसे अधिक ईंधन कुशल पेट्रोल कार है। मारुति को उम्मीद है कि नई सेलेरियो निकट भविष्य में बिक्री संख्या को बढ़ाने में मदद करेगी। उम्मीद की जा रही है कि कंपनी जल्द ही भारत में कई अन्य फेसलिफ्ट मॉडल लाएगी जिनमें विटारा ब्रेजा, बलेनो और ऑल्टो शामिल हैं।

मारुति का कहना है कि वह डीजल इंजन वाली कारों को अब दोबारा पेश नहीं करेगी। कार निर्माता ने 2019 में बीएस-6 उत्सर्जन नियमों के लागू होने के पहले ही डीजल इंजन मॉडलों का निर्माण बंद कर दिया था। कंपनी का कहना है कि मौजूदा उत्सर्जन नियमों के अनुसार डीजल इंजन का निर्माण व्यावहारिक नहीं रह गया है।


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