Maruti Suzuki Gets Notice From DRI: मारुति सुजुकी पर लगा 71 करोड़ रुपये की ड्यूटी नहीं चुकाने का आरोप
देश की सबसे बड़ी कार निर्माता मारुति सुजुकी को राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) और सीमा शुल्क अधिकारियों ने कारण बताओ नोटिस जारी किया है। मारुति सुजुकी पर आरोप है कि कंपनी ने अपने कुछ मॉडलों जैसे सियाज सेडान, अर्टिगा एमपीवी और एस-क्रॉस एसयूवी में इस्तेमाल की जाने वाली एसएचवीएस (SHVS) हाइब्रिड तकनीक पर लगभग 71 करोड़ का ड्यूटी नहीं चुकाया है।

वाहन निर्माता कंपनी पर राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI), लखनऊ द्वारा जांच के बाद SHVS हाइब्रिड तकनीक पर 105 पेज का कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। सरकारी अधिकारी मारुति सुजुकी को एक और नोटिस जारी करने पर विचार कर रहे हैं, जिसमें कंपनी पर कथित तौर पर 70 करोड़ रुपये के ड्यूटी चोरी का आरोप लगा है।

बता दें कि, साल 2017 में भारत सरकार ने मारुति सुजुकी को हाइब्रिड कारों के निर्माण में प्रयोग की जाने वाली तकनीक के लिए कस्टम ड्यूटी में छूट देकर प्रोत्साहन दिया था। जिसमें दावा किया गया था कि कंपनी अपने इन मॉडलों में बैटरी पावर्ड इलेक्ट्रिक मोटर और आंतरिक दहन इंजन (ICE) का प्रयोग करेगी।

ड्यूटी चोरी का मामला तब सामने आया जब डीआरआई, लखनऊ ने जांच में पाया कि मारुति सुजुकी अपनी इन हाइब्रिड कारों में मोटर-जनरेटर इकाई (MGU) या 'स्मार्ट हाइब्रिड व्हीकल फ्रॉम सुजुकी' (SHVS) के लिए अल्टरनेटर का इस्तेमाल कर रही है जो कि पूरी तरह से हाइब्रिड तकनीक नहीं है।

वर्तमान में, मारुति सुजुकी SHVS स्मार्ट हाइब्रिड तकनीक वाली छह कारें बेचती है, जिसमें अर्टिगा, सियाज, एस-क्रॉस, बलेनो, एक्सएल 6 और ब्रेजा शामिल हैं। कंपनी हर माह इन कारों की 35,000 से अधिक यूनिट्स की बिक्री करती है।

पहली बार कंपनी ने इस हाइब्रिड तकनीक का इस्तेमाल साल 2015 में लॉन्च की गई सियाज सेडान में किया था, इसके बाद इसका प्रयोग दूसरे मॉडलों में भी किया गया। साल 2017 में मारुति सुजुकी ने घोषणा की थी कि, उसने 1 लाख से ज्यादा SHVS तकनीक वाले वाहनों की बिक्री की है, जो कि साल 2021 तक 5 लाख तक पहुंचने की उम्मीद है।

मारुति सुजुकी देश की सबसे बड़ी कार निर्माता है। कंपनी ने अपनी सेडान कारों की उत्पादक क्षमता को बढ़ाने के लिए हाल ही में गुजरात के नए प्लांट में उत्पादन शुरू किया है। कंपनी ने 1 अप्रैल से इस प्लांट में डिजायर का उत्पादन शुरू किया है। पहले केवल मानेसर प्लांट में ही सेडान कारों का उत्पादन किया जाता था लेकिन अब हंसलपुर में भी सेडान कारों का उत्पादन किया जा रहा है।

सुजुकी मोटर, गुजरात मारुति सुजुकी के लिए अनुबंध के आधार पर कारें बनाती है। इस प्लांट में मारुति के दो लोकप्रिय मॉडल, बलेनो और स्विफ्ट का उत्पादन किया जाता है। हंसलपुर प्लांट की उत्पादन क्षमता 5 लाख यूनिट प्रति वर्ष है।

2018 में गुजरात सरकार ने मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड को हंसलपुर में प्लांट के लिए जमीन की स्वीकृति दी थी। यह प्लांट 500 एकड़ भूभाग में फैला है। इस प्लांट को बनाने के लिए कंपनी ने 18,000 करोड़ रुपये खर्च किये हैं। कंपनी ने बताया है कि हंसलपुर में डिजायर का प्रोडक्शन शिफ्ट होने के बाद अब गुरुग्राम और मानेसर प्लांट छोटी कारों के उत्पादन के लिए केंद्रित होगा।
Source: HT Auto


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