Maruti Suzuki की बेस्ट सेलिंग कारें हैं कितनी ‘सुरक्षित’? खरीदने से पहले जरूर जान लें इनकी सेफ्टी रेटिंग
देश में मारुति सुजुकी सबसे ज्यादा कारें बेचती हैं। मारुति की कारें केवल भारत में ही नहीं बल्कि विदेशों में भी सेल्स में नंबर 1 हैं। मारुति हैचबैक से लेकर कॉम्पैक्ट एसयूवी तक कई मॉडलों को पेश करती है। भरोसेमंद इंजन, ज्यादा माइलेज और देश के सभी राज्यों में फैला सर्विस नेटवर्क मारुति की खूबियां हैं। यही नहीं, भारत के ऑटोमोबाइल सेक्टर में अकेले मारुति की हिस्सेदारी 45 फीसदी से भी ऊपर है। इन सभी कारणों से ग्राहक मारुति की कारों को पसंद करते हैं। हालांकि, जब बात कारों की मजबूती की आती है तो मारुति निराश करती है।

असल में, मारुति की ऐसी कोई कार नहीं है जिसे सेफ्टी के लिए 5-स्टार मिला हो। हाल ही में क्रैश टेस्ट में आये मारुति बलेनो के आंकड़े भी चौकाने वाले हैं। यहां हम आपको बताएंगे न्यू कार असेसमेंट प्रोग्राम (NCAP) क्रैश टेस्ट में मारुति की कुछ बेस्ट सेलिंग कारों का प्रदर्शन कैसा रहा है। आइये डालते हैं एक नजर -

1. Maruti Suzuki Alto- 0 स्टार रेटिंग
मारुति ऑल्टो कंपनी की सबसे ज्यादा बिकने वाले छोटी कार है। यह कार अपनी किफायती कीमत और बेहतरीन माइलेज के लिए पॉपुलर है, लेकिन सेफ्टी के मामले में मारुति ऑल्टो का प्रदर्शन बेहद निराशाजनक है। कारों को सेफ्टी के लिए रेटिंग देने वाले एजेंसी, न्यू कार असेसमेंट प्रोग्राम यानी NCAP ने क्रैश ऑल्टो को जीरो रेटिंग दिया है। इसे एडल्ट सेफ्टी में 17 में से 0 रेटिंग और चाइल्ड सेफ्टी में 49 में से केवल 17.57 रेटिंग दिया गया है। एजेंसी ने माना है कि ऑल्टो का ढांचा असुंतलित है और यह दुर्घटना के समय पलट सकती है।

2. Maruti Suzuki WagonR- 2 स्टार रेटिंग
मारुति आल्टो के बात वैगनआर भारत में सबसे ज्यादा बिकने वाली कार है। ये टॉलबॉय हैचबैक अपनी बेहतर स्पेस के लिए जानी जाती है। हालांकि, सेफ्टी के मामले में वैगनआर भी ग्राहकों को असुंतष्त करती है। 2019 में हुए GNCAP क्रैश टेस्ट में Maruti WagonR ने सेफ्टी में केवल 2 स्टार ही स्कोर किये। GNCAP ने बताया कि WagonR की बॉडी कमजोर है और यह दुर्घटना के समय एडल्ट पैसेंजर की पैरों की सुरक्षा नहीं कर सकती।

3. Maruti Suzuki Baleno- 0 स्टार रेटिंग
मारुति बलेनो कंपनी की बेस्ट सेलिंग प्रीमियम हैचबैक है लेकिन हाल ही में हुए लैटिन NCAP क्रैश टेस्ट में इसका प्रदर्शन बेहद खराब रहा है। बलेनो को क्रैश में 0 (शून्य) स्टार सेफ्टी रेटिंग मिली है। इसे एडल्ट ऑक्यूपेंट सेफ्टी में 20.03%, चाइल्ड ऑक्यूपेंट सेफ्टी में 17.06%, पैदल यात्रियों की सुरक्षा और सड़क उपयोगकर्ताओं की सुरक्षा में 64.06% और सेफ्टी असिस्ट बॉक्स में 6.98% दिया गया है।

भारत में बनाने वाली प्रीमियम हैचबैक बलेनो में दो एयरबैग स्टैंडर्ड दिए जाते हैं। लैटिन NCAP ने बलेनो की साइड इफेक्ट प्रोटेक्शन, मार्जिनल व्हिपलैश प्रोटेक्शन और स्टैंडर्ड साइड बॉडी में खामी पाई है। इसके अलावा कार में हेड प्रोटेक्शन और इलेक्ट्रॉनिक स्टेबिलिटी कंट्रोल (ESC) की भी कमी है।

4. Maruti Suzuki Swift- 0 स्टार रेटिंग
लैटिन NCAP ने इसी साल अगस्त में मारुति सुजुकी की पॉपुलर हैचबैक Swift का भी क्रैश टेस्ट किया था। इस टेस्ट में मेड-इन-इंडिया मारुति स्विफ्ट को भी 0 स्टार सेफ्टी रेटिंग मिला। क्रैश टेस्ट में 0 स्टार सेफ्टी रेटिंग की वजह से मारुति की ये कार सोशल मीडिया पर बुरी तरह ट्रोल हो गई। स्विफ्ट ने एडल्ट ऑक्यूपेंट प्रोटेक्शन में 15.53% जबकि चाइल्ड प्रोटेक्शन में 0% रेटिंग हासिल किया।

5. Maruti S-Presso- 0 स्टार रेटिंग
भारत में मारुति की सबसे नई कार मारुति सुजुकी एस्प्रेसो का भी क्रैश टेस्ट किया गया है। GNCAP ने 2020 में S-Presso का क्रैश टेस्ट किया था जिसमें यह बुरी तरह फेल हुई। इस क्रैश टेस्ट में सेफ्टी के लिए S-Presso को 0 रेटिंग दिया गया। GNCAP ने माना कि भारत में बिकने वाली S-Presso विदेशी बाजारों में बिकने वाली मॉडल के मुकाबले में ज्यादा असुरक्षित है। भारत में बिकने वाली S-Presso में केवल एक एयरबैग के साथ सीटबेल्ट प्री-टेंशनर और लोड लिमिटर जैसे फीचर्स मौजूद नहीं थे।


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