Maruti Super Carry की बिक्री एक लाख यूनिट के पार, 5 साल में पार किया यह आंकड़ा
Maruti Super Carry ने एक लाख यूनिट की बिक्री का आंकड़ा पार कर लिया है, यह आंकड़ा इस वाहन ने 5 साल में प्राप्त किया है। कंपनी ने इसे पेट्रोल व सीएनजी के विकल्प में उपलब्ध कराया है, कंपनी ने Maruti Super Carry को 2016 में लाया था जिसे कई तरह के कामों में लाया जा सकता है, इसकी बिक्री देश भर में 335 कमर्शियल आउटलेट के माध्यम से किया जा सकता है।

Maruti Super Carry कंपनी की एकमात्र मिनी ट्रक है जिसे 4 सिलेंडर इंजन के साथ लाया गया है, कंपनी का कहना है कि इसे ग्राहकों से अच्छी प्रतिक्रिया मिली है और कुछ ही समय में ग्राहकों के बीच लोकप्रिय हो गयी है। मारुति का दावा है कि यह अपने सेगमेंट में सबसे अधिक पॉवर, बेहतरीन माइलेज, आसान मेंटेनेंस, कम्फर्ट व अधिक स्टोरेज क्षमता के साथ आती है।

Maruti Super Carry मिनी ट्रक 6000 आरपीएम पर 54 kW का पॉवर व 3000 आरपीएम पर 98 न्यूटन मीटर का टार्क प्रदान करता है जो सेफ्टी फीचर्स जैसे रिवर्स पार्किंग सेंसर, सीट बेल्ट रिमाइंडर, लॉक करने वाला ग्लवबॉक्स, मोबाइल चार्जिंग सॉकेट, हल्का स्टीयरिंग व्हील दिया गया है। सुपर कैरी एस-सीएनजी वैरिएंट व 5 लीटर फ्यूल टैंक के साथ आता है।

यह लाइट कमर्शियल वाहन 2183 मिमी का डेक एरिया, 1488 मिमी चौड़ाई व 740 किलोग्राम की पेलोड क्षमता के साथ आता है, यह वाहन 175 मिमी ग्राउंड क्लियरेंस के साथ आता है। कंपनी ने सीएनजी वाहन के क्षेत्र में 2010 में कदम रखा था तथा अब तक कंपनी ने सीएनजी व स्मार्ट हाइब्रिड मिलाकर दस लाख ग्रीन वाहन बेचे लिए है तथा आने वाले कुछ साल में ही अन्य दस लाख ग्रीन वाहन बेचने की योजना लेकर चल रही है।

देश में सीएनजी स्टेशन की संख्या में पिछले साल 56 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। पिछले पांच साल में औसतन 156 स्टेशन प्रतिवर्ष जोड़े जा रहे है तथा पिछले साल 477 स्टेशन जोड़े गये है। सरकार की भारत में आयल के आयात की को कम करने की योजना में यह एक बड़ा कदम है। इसमें कमर्शियल वाहनों को अच्छी सफलता मिल रही है, आने वाले दिनों में कंपनी इसका और भी विस्तार कर सकती है।

मारुति सुजुकी बढ़ाएगी कीमत
देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी इंडिया ने कहा है कि वह जनवरी 2022 से वाहनों की कीमतों में वृद्धि करेगी ताकि लागत में वृद्धि के प्रभाव को कम किया जा सके। पिछले एक साल में, विभिन्न इनपुट लागतों में वृद्धि के कारण कंपनी के वाहनों की लागत पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। इसलिए, कंपनी के लिए यह अनिवार्य हो गया है कि उपरोक्त अतिरिक्त लागतों का कुछ प्रभाव ग्राहकों पर मूल्य वृद्धि के माध्यम से दिया जाए।

कंपनी ने कहा कि जनवरी 2022 के लिए मूल्य वृद्धि की योजना बनाई गई है और वृद्धि विभिन्न मॉडलों के लिए अलग-अलग होगी। कंपनी ऑल्टो हैचबैक से लेकर एस-क्रॉस एसयूवी तक कई मॉडल्स बेचती है। ऑटो प्रमुख ने इस साल पहले ही वाहन की कीमतों में तीन बार बढ़ोतरी की है। कंपनी जनवरी में 1.4 प्रतिशत, अप्रैल में 1.6 प्रतिशत और सितंबर में 1.9 प्रतिशत की बढ़ोतरी कर चुकी है, जो कुल 4.9 प्रतिशत है।

मीडिया से बातचीत में एमएसआई के वरिष्ठ कार्यकारी निदेशक (विपणन और बिक्री) शशांक श्रीवास्तव ने कहा कि पिछले एक वर्ष में स्टील, एल्यूमीनियम, तांबा, प्लास्टिक और कीमती धातुओं जैसी आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में वृद्धि के कारण कंपनी को कीमतों में बढ़ोतरी करने के लिए मजबूर होना पड़ा। उन्होंने कहा, "हम कमोडिटी की कीमतों में वास्तव में बड़ी वृद्धि देख रहे हैं और इसलिए कंपनी की सामग्री लागत, जो ऑटो ओईएम की लागत संरचना का लगभग 75-80 प्रतिशत है, वह प्रभावित हुई है।

ड्राइवस्पार्क के विचार
वैसे तो मारुति अपने कमर्शियल वाहन के लिए उतनी नहीं जानी जाती है लेकिन इस छोटे कमर्शियल वाहन के साथ कंपनी ने एक बड़ा आंकड़ा पार कर लिया है। अब देखना होगा कि कंपनी भविष्य में इस सेगमेंट का विस्तार करती है या नहीं।


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