Maruti Suzuki ने Baleno की 10 लाख यूनिट बेचकर बनाया रिकाॅर्ड, जानें खूबियां
मारुति सुजुकी ने अपनी प्रीमियम हैचबैक मारुति बलेनो की लॉन्च के बाद से 10 लाख यूनिट से ज्यादा की बिक्री की है। नेक्सा शोरूम से बेचे जाने वाली मारुति की इस प्रीमियम कार को अक्टूबर 2015 में लॉन्च किया गया था। मारुति का दावा है कि बलेनो भारत की पहली प्रीमियम हैचबैक है जो सबसे तेजी से 10 लाख की बिक्री के आंकड़े को पार कर चुकी है।

कार निर्माता का यह भी दावा है कि बलेनो भारत की प्रीमियम हैचबैक सेगमेंट में 25 फीसदी की हिस्सेदारी रखती है। इस सेगमेंट में यह हुंडई आई20, टोयोटा ग्लैंजा, टाटा अल्ट्रोज और होंडा जैज जैसी कारों से मुकाबला करती है।

मारुति बलेनो की बिक्री की बात करें तो, अक्टूबर 2015 में लॉन्च के बाद केवल एक साल की भीतर ही इसकी एक लाख यूनिट बिक गई थी। वहीं नवंबर 2018 तक बलेनो की बिक्री का आंकड़ा 5 लाख यूनिट तक पहुंच गया। वहीं इस साल मार्च तक कंपनी ने 9 लाख बलेनो की बिक्री पूरी कर ली थी।

कोरोना महामारी के दौरना बिक्री में उतार चढ़ाव के बाद भी मारुति नौ महीनों में 1 लाख बलेनो की बिक्री करने में कामयाब रही। मारुति सुजुकी ने बलेनो के मौजूदा फेसलिफ्ट मॉडल को कई अपडेट के साथ उपलब्ध किया है। यह एलईडी प्रोजेक्टर हेडलैम्प्स, एलईडी डे-टाइम रनिंग लाइट्स, एलईडी टेललाइट्स, स्पोर्टी अलॉय व्हील्स आदि जैसी कई फीचर्स से लैस है।

मारुति सुजुकी वर्तमान में बलेनो हैचबैक के एक और फेसलिफ्ट वर्जन पर काम कर रही है, जिसके अगले साल की शुरूआत में लॉन्च किए जाने की उम्मीद है। नई मारुति बलेनो फसलोफ्ट नए डिजाइन और कई नए फीचर्स के साथ लाई जा सकती है।

मारुति सुजुकी बलेनो की बात करें तो यह भारतीय बाजार में 5.97 लाख रुपये से लेकर 9.33 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) की कीमत पर उपलब्ध है। बलेनो कुल 9 वेरिएंट्स में उपलब्ध की गई है। मारुति बलेनो के सभी ट्रिम्स में दो एयरबैग स्टैंडर्ड तौर पर दिए गए हैं।

मारुति बलेनो को दो इंजन ऑप्शन में उपलब्ध किया गया है। पहला 1.2-लीटर K12M VVT इंजन है जो 83 Bhp की पावर और 113 Nm का अधिकतम टॉर्क जनरेट करने में सक्षम है और दूसरा 1.3-लीटर DDiS 200 डीजल इंजन भी है जो 74 Bhp का अधिकतम पॉवर और 190 Nm का पीक टॉर्क जेनरेट करता है। इसमें मैनुअल और ऑटोमैटिक गियरबॉक्स का विकल्प उपलब्ध है।

मारुति बलेनो में एंड्राइड ऑटो और एप्पल कारप्ले के साथ 7-इंच का टच स्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम, टॉप वेरिएंट में एलईडी प्रोजेक्टर हेडलैंप, क्रोम सराउंड ग्रिल, एलईडी डीआरएल और एलईडी ब्रेक लाइट मिलता है। कंपनी बहुत जल्द बलेनो की नई जनरेशन मॉडल को लॉन्च करने वाली है।

आपको बता दें बता दें कि हाल ही में लैटिन एनसीएपी क्रैश टेस्ट में बेलेनो का प्रदर्शन बेहद खराब रहा है। लैटिन एनसीएपी क्रैश टेस्ट में भेजी गई बलेनो भारत में निर्मित थी। स्टैंडर्ड तौर पर दो एयरबैग से लैस मेड-इन-इंडिया मारुति बलेनो ने क्रैश टेस्ट में शून्य रेटिंग प्राप्त की। बता दें कि कुछ महीने पहले Swift भी लैटिन एनसीएपी क्रैश टेस्ट को पास नहीं कर पाई थी। स्विफ्ट को इस टेस्ट में शून्य रेटिंग दिया गया था।

लैटिन एनसीएपी क्रैश टेस्ट में, बलेनो ने एडल्ट ऑक्यूपेंट सेफ्टी में 20.03%, चाइल्ड ऑक्यूपेंट सेफ्टी में 17.06%, पैदल यात्रियों की सुरक्षा और सड़क उपयोगकर्ताओं की सुरक्षा में 64.06% और सेफ्टी असिस्ट बॉक्स में 6.98% हासिल किया।

जहां बलेनो ने फ्रंटल इम्पैक्ट टेस्ट में स्थिर संरचना का प्रदर्शन दिखाया, वहीं साइड इम्पैक्ट टेस्ट में बलेनो बुरी तरह फेल रही। लैटिन एनसीएपी ने बताया कि बलेनो की साइड इफेक्ट प्रोटेक्शन, मार्जिनल व्हिपलैश प्रोटेक्शन और स्टैंडर्ड साइड बॉडी में खामी पाई गई। इसके अलावा कार में बेहतर हेड प्रोटेक्शन और इलेक्ट्रॉनिक स्टेबिलिटी कंट्रोल की भी कमी है।


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