Mahindra Treo Zor Sales Milestone: महिंद्रा ट्रियो जोर की 6 महीनों में 1,000 यूनिट्स बिकी
महिंद्रा इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर बाजार में काफी तेजी से प्रगति कर रही है। हाल ही में महिंद्रा ने बताया है कि कंपनी ने ट्रियो जोर इलेक्ट्रिक कार्गो के 1,000 यूनिट की बिक्री पूरी कर ली है। महिंद्रा ट्रियो जोर को पिछले साल अक्टूबर में लॉन्च किया गया था और केवल 6 महीनों के भीतर इसने सेगमेंट में 59 प्रतिशत की हिस्सेदारी बना ली है।

कंपनी के अनुसार ट्रियो जोर इलेक्ट्रिक कार्गो को काफी मजबूत प्लेटफॉर्म पर बनाया गया है। यह इलेक्ट्रिक कार्गो वह सभी काम कर सकती है जो एक डीजल कार्गो करती है। अपनी क्षमताओं के चलते इसे देशभर में लास्ट माइल डिलीवरी के लिए इस्तेमाल में लाया जा रहा है। यह चलाने में काफी किफायती होने के कारण एक साधारण डीजल कार्गो से अधिक सुरक्षित और पर्यावरण के अनुकूल है।

महिंद्रा ट्रियो जोर को 12वें अपोलो सीवी अवार्ड से भी नवाजा गया है। इस अवार्ड के लिए महिंद्रा ट्रियो जोर का चयन इनोवेशन, बाजार प्रासंगिकता, कीमत अथवा कॉस्ट ऑफ ओनरशिप जैसे मानकों पर खरा उतरने पर किया गया था।

महिंद्रा ट्रियो रेंज की कुल बिक्री 8,000 यूनिट को पार कर चुकी है। महिंद्रा ट्रियो की बिक्री देश के 400 से अधिक शहरों में की जा रही है। ऑनलाइन डिलीवरी चेन में महिंद्रा ट्रियो वाहनों का काफी इस्तेमाल हो रहा है। कंपनी ने फ्लिपकार्ट जैसी ऑनलाइन रिटेल कंपनियों को डिलीवरी के लिए ट्रियो रेंज की इलेक्ट्रिक वाहन उपलब्ध कराती है।

महिंद्रा ट्रियो कार्गो रेंज को पिछले साल अक्टूबर में 2.73 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) की कीमत पर लॉन्च किया गया था। ट्रियो को तीन वैरिएंट- पिकअप, डिलीवरी वैन व फ्लैट बेड में उपलब्ध किया गया है।

महिंद्रा ट्रियो जोर फुल चार्ज पर 125 किमी की रेंज प्रदान करती है। इस कार्गो का इलेक्ट्रिक मोटर 42 न्यूटन मीटर का टार्क जनरेट करता है। इसकी पेलोड क्षमता 550 किलोग्राम है। इस कार्गो में अलग-अलग ड्राइविंग मोड दिया गया है जिसे आवश्यकता के अनुसार इस्तेमाल किया जा सकता है।

इसमें एडवांस्ड लिथियम आयन बैटरी लगाई गयी है। कंपनी का दावा है कि इसकी बैटरी लाइफ 1.50 लाख किमी की है, यह मेंटेनेंस फ्री राइड उपलब्ध करवाता है। महिंद्रा ट्रियो को 15 एम्पियर के सॉकेट से चार्ज किया जा सकता है।

महिंद्रा ट्रियो जोर को चलाने का खर्च काफी कम है। यह एक डीजल कार्गो के मुकाबले हर साल 60,000 रुपये की बचत करती है। इस चलाने के साथ इसके मेंटेनेंस का खर्च भी काफी कम है। एक डीजल ऑटो के मुकाबले इसके मेंटेनेंस का खर्च केवल 40 पैसे आता है।


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