Mahindra Thar Parts Issue: बिना इंफोटेनमेंट सिस्टम के डीलरशिप पहुंची महिंद्रा थार, जानें कारण
कोरोना महामारी से प्रभावित वाहन कंपनियों की बिक्री वापस से बढ़ रही है लेकिन कंपनियों को उपकरणों की कम सप्लाई का सामना करना पड़ रहा है। सप्लाई बाधित होने के कारण वाहनों में लगने वाले कई उपकरण, इलेक्ट्रॉनिक पार्ट्स और सर्किट की कमी पद गई है। उपकरणों की कमी के चलते कारों की डिलीवरी पीरियड बढ़ते चली जा रही है।

कार कंपनी महिंद्रा भी इस समस्या से जूझ रही है। अभी हाल ही में महिंद्रा के एक डलशिप में थार के कई मॉडल देखे गए हैं जिनमे टचस्क्रीन और म्यूजिक सिस्टम नहीं लगाया गया है। जानकारी के अनुसार कंपनी ने इन मॉडलों की शिपिंग बगैर पूरे उपकरणों के की है। इन उपकरणों को डीलरशिप के द्वारा लगाया जाएगा।

हालांकि, डीलरशिप का भी कहना है कि सप्लाई की कमी के कारण उपकरणों को लगाने में कुछ समय लग सकता है। बता दें कि वैश्विक बाजार में ऑटोमोबाइल उपकरणों के उत्पादन और सप्लाई में कमी चल रही है, जिसके बारे में महिंद्रा ने पहले की जानकारी दी थी।

जानकारी के अनुसार इन कारों को डिलीवर किया जाना था लेकिन कार पूरी तरह तैयार नहीं है इसलिए डिलीवरी को टाल दिया गया है। कार डीलरों का कहना है कि कार के पूरी तरह तैयार होने पर ही डिलीवरी की जाएगी।

फोर्ड ने भी कुछ दिनों पहले सेमीकंडक्टर की कमी के कारण उत्पादन बाधित होने की जानकारी दी थी। कंपनी ने अपने चेन्नई प्लांट में आंशिक रूप से उत्पादन को रोक दिया था।

वाहन कंपनियों का मानना है कि उपकरणों की कमी इस साल के मध्य तक बनी रहेगी। वाहनों में लगने वाले पार्किंग सेंसर, टच स्क्रीन पैनल, सर्किट बोर्ड, टायर प्रेशर सिस्टम, म्यूजिक सिस्टम जैसे उपकरणों की सप्लाई बाधित हो रही है।

महिंद्रा फ्यूल आधारित कारों के साथ इलेक्ट्रिक कारों के विकास पर भी काम कर रही है। कंपनी ने बताया है कि 2030 के बाद इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग में भारी बढ़ोतरी होने वाली है। कंपनी का मानना है कि आने वाले समय में इलेक्ट्रिक वाहनों की कीमत में कमी आएगी और चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार होगा जिससे इन वाहनों की मांग में बढ़ोतरी होगी।

उनका कहना है कि अगले एक दशक में देश में इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए आधारभूत संरचना का विकास तेजी से होगा जिससे हर क्षेत्र में इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग बढ़ेगी। कम कीमत और चलाने में कम खर्च के कारण लोगों का झुकाव इलेक्ट्रिक वाहनों के तरह बढ़ेगा जिससे कंपनियों को इलेक्ट्रिक वाहनों की तकनीक में अधिक निवेश करने की प्रेरणा मिलेगी।

कंपनी का मानना है कि तकनीक काफी तेजी से बदल रही है। पहले के मुकाबले अब इलेक्ट्रिक कारें चार्ज होने का समय कम हुआ है और रेंज में इजाफा आया है। भविष्य में इलेक्ट्रिक कारों को कुछ की मिनट में चार्ज करने वाली तकनीक उपलब्ध होगी।
Source: Rushlane


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