Mahindra Recalled 1,577 Units Of Thar: महिंद्रा थार के 1,577 यूनिट्स को किया गया रिकाॅल, जानें कारण
महिंद्रा ने आज थार के 1,577 यूनिट्स को रिकॉल करने की घोषणा की है। कंपनी ने बताया है कि नए थार की इन यूनिट्स के कैमशाफ्ट में गड़बड़ी पाई गई है जिसे सर्विसिंग के द्वारा ठीक किया जाएगा। रिकॉल किये गए यूनिट्स में महिंद्रा थार के डीजल मॉडल शामिल हैं जिन्हे 7 सितंबर से 25 दिसंबर के बीच बनाया गया था। कंपनी ने बताया है कि इन मॉडलों में कैमशाफ्ट को फिट करते समय कुछ चूक हुई है।

महिंद्रा ने कहा है कि ग्राहकों को कंपनी रिकॉल के लिए संपर्क करेगी जिसे बाद ग्राहकों को अपनी कार महिंद्रा के सर्विस सेंटर पर लाना होगा। कैमशाफ्ट में आई समस्या को दूर करने के लिए ग्राहकों से पैसे नहीं लिए जाएंगे। बता दें कि महिंद्रा नई थार को पिछले साल अक्टूबर में लॉन्च किया गया था।

कंपनी ने दिसंबर 2020 में थार की 6,500 यूनिट की बुकिंग प्राप्त की है। महिंद्रा थार को 2.0 लीटर टर्बो पेट्रोल इंजन और 2.2-लीटर डीजल इंजन विकल्प में लॉन्च किया गया है। पेट्रोल इंजन 150 बीएचपी पॉवर व 320 एनएम टार्क देता है, वहीं डीजल इंजन 130 बीएचपी पॉवर व 350 एनएम टार्क देता है।

यह कार 6 स्पीड मैनुअल और 6-स्पीड ऑटोमेटिक गियरबॉक्स वैरिएंट में भी उपलब्ध है। नए थार को 9.80 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) की शुरूआती कीमत पर उतारा गया है जबकि टॉप वैरिएंट की कीमत 13.75 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) रखी गई है।

नए महिंद्रा थार को तीन रूफ टॉप वैरिएंट में लॉन्च किया गया है जिसमें सॉफ्ट टॉप, कनवर्टिबल टॉप, और हार्ड टॉप/फिक्स्ड टॉप शामिल हैं। इस ऑफ-रोड एसयूवी में 226 मिमी का ग्राउंड क्लीयरेंस दिया गया है, वहीं इसकी वाटर वेडिंग क्षमता 650 मिमी है। यह 6-सीटर के विकल्प में उपलब्ध है।

नए थार में रूफ टॉप स्पीकर और टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम दिया गया है। कार में ऑन-रोड व ऑफ-रोड की रियल टाइम पोजीशन सिस्टम दिया गया है जाओ कार की वर्तमान स्थिति को दिखता है। इसके साथ ही सेफ्टी फीचर्स में डुअल एयरबैग, एबीएस व रियर पार्किंग असिस्ट स्टैंडर्ड रूप से दिया गया है।

महिंद्रा फ्यूल आधारित कारों के साथ इलेक्ट्रिक कारों के विकास पर भी काम कर रही है। कंपनी ने बताया है कि 2030 के बाद इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग में भारी बढ़ोतरी होने वाली है। कंपनी का मानना है कि आने वाले समय में इलेक्ट्रिक वाहनों की कीमत में कमी आएगी और चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार होगा जिससे इन वाहनों की मांग में बढ़ोतरी होगी।

अगले एक दशक में देश में इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए आधारभूत संरचना का विकास तेजी से होगा जिससे हर क्षेत्र में इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग बढ़ेगी। कम कीमत और चलाने में कम खर्च के कारण लोगों का झुकाव इलेक्ट्रिक वाहनों के तरह बढ़ेगा जिससे कंपनियों को इलेक्ट्रिक वाहनों की तकनीक में अधिक निवेश करने की प्रेरणा मिलेगी।

कंपनी का मानना है कि तकनीक काफी तेजी से बदल रही है। पहले के मुकाबले अब इलेक्ट्रिक कारें चार्ज होने का समय कम हुआ है और रेंज में इजाफा आया है। भविष्य में इलेक्ट्रिक कारों को कुछ की मिनट में चार्ज करने वाली तकनीक उपलब्ध होगी।


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