Mahindra XUV700 में कंपनी ने डिजाइन की विकलागों के लिए स्पेशल सीट, तस्वीरें आईं सामने
Mahindra & Mahindra ने अपनी नई SUV Mahindra XUV700 का ग्लोबल डेब्यू इस साल 14 अगस्त को किया था। इससे कुछ दिन पहले Anand Mahindra ने Neeraj Chopra के लिए जेवेलिन थ्रो में भारत का पहला ओलंपिक स्वर्ण जीतने के लिए Mahindra XUV700 के एक स्पेशल एडिशन की घोषणा की थी। उसके कुछ दिनों बाद Paralympian Sumit Antil ने भी पैरालिंपिक में लेवलिन थ्रो में स्वर्ण पदक जीता।

Neeraj Chopra की तरह Mahindra ने Sumit को भी एक स्पेशल एडिशन Mahindra XUV700 देने का वादा किया था। इन दोनों स्वर्ण पदक विजेताओं को जल्द ही अपनी Mahindra XUV700 SUVs मिलेंगी, क्योंकि इनकी पहले ही प्रोडक्शन रेडी फॉर्मेट में कुछ तस्वीरें सामने आ चुकी हैं।

लगभग उसी समय, Paralympic में पदक जीतने वाली भारत की पहली महिला, Deepa Malik ने Mahindra, Tata Motors और MG Motor से अनुरोध किया। उन्होंने अपना एक वीडियो ट्वीट किया था, जिसमें उन्हें एक विशेष सीट वाली कार में प्रवेश करते देखा गया था।

उन्होंने कहा था कि "इस तकनीक से प्रभावित हूं। ईमानदारी से उम्मीद है कि भारत में ऑटोमोबाइल दुनिया हमें यह गरिमा और आराम दे सकती है। मुझे बड़ी एसयूवी चलाना पसंद है लेकिन अंदर और बाहर निकलना एक चुनौती है, मुझे यह सीट दें और मैं आपकी SUV खरीदती हूं" और उन्होंने Anand Mahindra, Tata Motors और MG Motor India को टैग किया था।
करीब 2 महीने बाद उन्होंने एक अपडेट शेयर किया है। उन्होंने हाल ही में Mahindra Research Valley का दौरा किया, जहां उन्होंने नई Mahindra XUV700 में इस विशेष सीट का एक्सपीरिएंस अनुभव किया। उन्होंने इसी ट्वीट में Anand Mahindra का शुक्रिया भी अदा किया है। ये विशेष सीटें विकलांगों के लिए कार में प्रवेश/निकासकी प्रक्रिया को बहुत आसान बनाती हैं।

आने वाला हफ्ता Mahindra XUV700 के लिए काफी अहम होने वाला है। गौरतलब है कि 30 अक्टूबर को पहली Mahindra XUV700 की डिलीवरी उसके संबंधित मालिक को की जाएगी। कंपनी ने 7 अक्टूबर को इसकी बुकिंग शुरू की थी और बुकिंग शुरू होने के बाद से अब तक इस कार को 65 हजार से ज्यादा बुकिंग मिली हैं।

ऐसे में Mahindra के लिए अपनी Mahindra XUV700 ग्राहकों के लिए डिलीवरी प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करना एक बड़ी चुनौती होगी। बता दें कि मौजूदा समय में वैश्विक स्तर पर कार निर्माताओं को मैन्युफैक्चरिंग का सामना करना पड़ रहा है, क्योंकि सेमी-कंडक्टर्स जैसे पुर्जों की निरंतर कमी बनी हुई है।


Click it and Unblock the Notifications








