महाराष्ट्र में इलेक्ट्रिक वाहनों पर छूट को 31 मार्च तक बढ़ाया गया, मिल रही अतिरिक्त 1 लाख रुपये की छूट
महाराष्ट्र में इलेक्ट्रिक वाहनों पर मिल रही शुरूआती छूट को आगे बढ़ाने का फैसला किया है, इसे 31 मार्च 2022 तक बढ़ाया गया है। यह 31 दिसंबर को खत्म होने वाली है, इस कैटेगरी में टाटा नेक्सन ईवी व टिगोर ईवी मॉडल पर छूट मिलती है। महाराष्ट्र के ईवी वाहन नीति के तहत प्रति kWh पर 5000 रुपये की छूट मिलती है जो अधिकतम 1.50 लाख रुपये तक जाती है।

भारत में चारपहिया सेगमेंट में इन दोनों मॉडल्स पर छूट मिल रही है, दोनों ही इलेक्ट्रिक कार पर 1 लाख रुपये से अतिरिक्त की छूट मिलती है। इसके साथ ही इस नीति के तहत इलेक्ट्रिक वाहन पर मिलने वाले कई तरह के छूट का भी लाभ लिया जा सकता है। Neon EV के कुछ क्वालिफयिंग वैरिएंट पर 2.5 लाख रुपये तक की छूट मिल रही है, जिसमें 1.5 लाख रुपये की सब्सिडी व 1 लाख रुपये की एर्ली बर्ड छूट शामिल है।

ऐसे में इलेक्ट्रिक वाहनों पर भारी छूट मिल जाती है। वहीं टिगोर ईवी के वैरिएंट भी क्वालीफाई करते है और एर्ली बर्ड पर छूट के साथ बेचीं जा रही है। राज्य में इलेक्ट्रिक कारों की बढ़ती मांग की वजह से अब महाराष्ट्र ने यह नीति को आगे बढ़ाने का फैसला किया है। माना जा रहा है कि नेक्सन ईवी को शानदार प्रतिक्रिया मिल रही है और इस इलेक्ट्रिक वाहन के लिए करीब छह महीने तक का इंतजार करना पड़ रहा है।

राज्य में दोपहिया व तिपहिया के लिए महाराष्ट्र में छूट को क्रमशः 10,000 रुपये व 30,000 रुपये रखा गया है। सरकार देश में इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों की बिक्री को बढ़ावा देने के लिए FAME-II योजना को फिर से तैयार करने का श्रेय देती है। भारी उद्योग मंत्रालय ने बुधवार को दावा किया है, इस साल जून में FAME-II योजना के रीमॉडलिंग के बाद, इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स की बिक्री बहुत ज्यादा बढ़ी है।

मंत्रालय का कहना है कि FAME-II योजना लागू होने के बाद इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री प्रति सप्ताह 700 यूनिट से बढ़कर 5,000 यूनिट से अधिक हो गई है। केंद्र सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग को प्रोत्साहित करने के लिए 10,000 करोड़ रुपये के परिव्यय की योजना घोषित की थी। इस परिव्यय के साथ ही सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहनों के फास्टर एडॉप्शन एंड मैन्युफैक्चरिंग (FAME) योजना के दूसरे चरण की शुरुआत की थी।

सरकार इलेक्ट्रिक वाहन खरीदारों को अग्रिम सब्सिडी प्रदान करती है और इस योजना के तहत ईवी चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर भी बनाती है। जून 2021 में केंद्र सरकार ने विशेष रूप से Covid-19 महामारी के दौरान अनुभव और ऑटो उद्योग और उपयोगकर्ताओं से प्रतिक्रिया के आधार पर FAME-II योजना को फिर से डिजाइन किया था। सरकार का दावा है, नई FAME-II योजना का उद्देश्य अग्रिम लागत को कम करके इलेक्ट्रिक वाहनों का तेजी से प्रसार करना है।

सरकार ने यह भी कहा कि साल 2021 में अब तक 16 दिसंबर तक कुल 1.4 लाख इलेक्ट्रिक वाहनों को प्रोत्साहन दिया गया है। केंद्र सरकार की FAME-II योजना के तहत इन इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए आवंटित प्रोत्साहन राशि लगभग 500 करोड़ रुपये रखी गई है। इन प्रोत्साहन वाले इलेक्ट्रिक वाहनों में 1.19 लाख इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर, 20।42 हजार इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर और 580 इलेक्ट्रिक फोर-व्हीलर भी शामिल हैं।

सरकार का यह भी दावा है कि अब तक FAME-II के तहत कुल 1.85 लाख यूनिट इलेक्ट्रिक वाहनों को प्रोत्साहन दिया गया है। आपको बता दें कि कई कारणों से इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स की मांग पिछले साल से बढ़ रही है। इनमें पेट्रोल और डीजल जैसे मोटर ईंधन की उच्च लागत, सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करने के बजाय व्यक्तिगत गतिशीलता के लिए प्राथमिकता और महामारी के डर के कारण साझा गतिशीलता शामिल है।

ड्राइवस्पार्क के विचार
देश में इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री तेजी से बढ़ रही है और पिछले कुछ महीनों में इसमें भारी तेजी आई है, ऐसे में महाराष्ट्र इसे लगातार बेहतर बनाये रखने के लिए छूट को आगे बढ़ाये रखने का फैसला किया है।


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