Tata Motors ने देश का सबसे बड़ा सोलर कारपोर्ट किया शुरू, 2029 तक कंपनी बनेगी कार्बन न्यूट्रल
टाटा मोटर्स कार्बन न्यूट्रल कंपनी बनने की दिशा में काम कर रही है। इस प्रगति की ओर कदम बढ़ाते हुए कंपनी ने शुक्रवार को टाटा पॉवर की मदद से पुणे के प्लांट में सोलर कारपोर्ट का उट्घाटन किया है। कंपनी का दावा है कि यह देश की सबसे बड़ी कारपोर्ट है। टाटा मोटर्स दावा करती है कि इस कारपोर्ट की मदद से कंपनी प्रति वर्ष 7,000 टन कार्बन उत्सर्जन को कम करेगी।

टाटा मोटर्स के पुणे प्लांट में यह कारपोर्ट 30,000 वर्ग मीटर के क्षेत्र में फैला हुआ है। यह सोलर कारपोर्ट हर साल 86.4 लाख kWh बिजली उत्पन्न करने की क्षमता रखता है।
कंपनी ने एक बयान में कहा कि टाटा समूह के हरित विनिर्माण के सिद्धान्त के तहत टाटा मोटर्स (Tata Motors) और टाटा पावर (Tata Power) ने चिखाली, पुणे के कार संयंत्र में ग्रिड से जुड़ा सबसे बड़ा सोलर कारपोर्ट शुरू किया है।
तैयार कारों के लिए उपलब्ध होगी पार्किंग
टाटा मोटर्स के अध्यक्ष (यात्री वाहन इकाई) शैलेश चंद्रा ने कहा कि 30,000 वर्गमीटर में फैला यह कारपोर्ट न केवल हरित ऊर्जा का सृजन करेगा बल्कि यह संयंत्र में तैयार कारों के लिए पार्किंग भी उपलब्ध कराएगा।
चंद्रा ने कहा, ''हम ऊर्जा संरक्षण को लेकर हमेशा से प्रतिबद्ध हैं। हमारा लक्ष्य अपने सभी परिचालन के लिए शतप्रतिशत अक्षय ऊर्जा संसाधन हासिल करना है। टाटा पावर के साथ भागीदारी में हमने पुणे के अपने कार संयंत्र में देश का सबसे बड़ा सोलर कारपोर्ट लगाया है, जो इसी दिशा में उठाया गया एक और कदम है।''
टाटा मोटर्स का लक्ष्य 2029 तक शून्य प्रतिशत कार्बन उत्सर्जन को हासिल करना है। पिछले साल कंपनी ने बिजली खरीद समझौते (पीपीए) के लिए टाटा पावर के साथ हाथ मिलाया था। कोविड-19 चुनौतियों के बावजूद 10 महीने से भी कम समय में सोलर कारपोर्ट को चालू किया गया है।


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