Indian Oil To Develop Batteries From Aluminium: इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन एलुमिनियम से बनाएगी बैटरी
इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (आईओसी) और इजरायली बैटरी डेवलपर Phinergy ने बुधवार को इलेक्ट्रिक वाहनों (EVs) के लिए अल्ट्रा-लाइट मेटल-एयर बैटरी बनाने के लिए एक संयुक्त उद्यम (JV) का गठन किया। संयुक्त उद्यम के पहले ग्राहक मारुति सुजुकी और अशोक लेलैंड हैं। इस जॉइंट वेंचर के तहत इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए बजाए एलुमिनियम से बैटरी तैयार की जाएगी।

बताया जाता है कि एलुमिनियम से तैयार की गई बैटरी लिथियम आयन बैटरी के मुकाबले किफायती होगी, जल्दी चार्ज होगी और अधिक रेंज भी प्रदान करेगी। देश में एल्यूमीनियम अयस्क प्रचुर मात्रा में उपलब्ध है और इसकी निष्कर्षण और रीसाइक्लिंग तकनीक भी देश में बहुत अच्छी तरह से स्थापित है। इस वजह से एल्यूमीनियम बैटरियों का खर्च काफी कम आने वाला है।

ईवी बैटरी में एल्यूमीनियम का उपयोग भारत के मौजूदा एल्युमिनियम उद्योग को बढ़ावा देगा और साथ ही 'मेक इन इंडिया' ड्राइव को बढ़ावा देगा। आईओसी के अनुसार इससे देश को ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने में मदद मिलेगी।

आईओसी ने पिछले साल फरवरी में Phinergy Ltd में अल्पमत हिस्सेदारी हासिल कर ली थी। अब इसने जॉइंट वेंचर का गठन किया है, जिसे IOC Phinergy Pvt Ltd कहा जाता है। यह कंपनी रिसायकल्ड एलुमिनियम का उपयोग करके एल्युमीनियम-एयर सिस्टम का निर्माण करेगी।

जॉइंट वेंचर के तहत IOC Phinergy Pvt Ltd देश में एल्यूमीनियम-एयर बैटरी के निर्माण के लिए एक कारखाना स्थापित करने की योजना बना रही है। तेल मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने जॉइंट वेंचर के गठन के अवसर पर कहा कि यह भारत को स्वच्छ, टिकाऊ, सस्ती, सुरक्षित और लंबे समय तक चलने वाले ऊर्जा विकल्पों के साथ-साथ देश में ई-वाहनों को तेजी से अपनाने का समर्थन करेगा।

तेल सचिव तरुण कपूर ने इस बात पर प्रकाश डाला कि देश की ऊर्जा की मांग दुनिया की तुलना में तेज गति से बढ़ने वाली है। इसको देखते हुए सरकार ऊर्जा संचयन के लिए बैटरी प्रौद्योगिकी की तलाश कर रही है जो सस्ता, टिकाऊ और अधिक ऊर्जा को सहेजने में सक्षम हो सके।

इज़राइल के ऊर्जा मंत्री युवल स्टेन्ट्ज़ ने इस पहल की सराहना की और कहा कि इस पहले से दोनों देशों के बीच सहयोग और अधिक घनिष्ठ होंगे।


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