सरकार ने इथेनॉल उत्पादन और EV की बिक्री के लिए रखा लक्ष्य, CNG वाहनों को भी मिलेगा बढ़ावा
देश में लगातार प्रदूषण का स्तर बढ़ता जा रहा है। सरकार लगातार इसे कम करने के प्रयास कर रही है। इसी कड़ी में भारत सरकार के सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री Nitin Gadkari ने देश में प्रदूषण के स्तर को कम करने के लिए इथेनॉल ईंधन के उत्पादन और Electric Vehicles की बिक्री के लिए नए लक्ष्यों की घोषणा की है।

सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री Nitin Gadkari ने कहा कि फ्लेक्स-फ्यूल वाहन परिवहन क्षेत्र को कार्बन मुक्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उन्होंने बताया कि सरकार अपने मौजूदा 20,000 करोड़ रुपये के आकार से 2 लाख करोड़ रुपये की इथेनॉल अर्थव्यवस्था का लक्ष्य रख रही है।

Nitin Gadkari ने कहा कि एक व्यापक इथेनॉल उद्योग के विकास का मतलब है कि देश के बायोमास और कृषि क्षेत्र के लिए नए बाजारों का विकास होगा, जो कि देश की अर्थव्यवस्था को बेहतर करने में मदद करेगा। इसके अलावा सरकार अन्य हरित ईंधनों की ओर भी कदम बढ़ा रही है।

Nitin Gadkari की माने तो बायो-CNG और ग्रीन हाइड्रोजन के इस्तेमाल से भी वायु प्रदूषण में कमी आने की उम्मीद है। CNG वाहनों को बढ़ावा देने के लिए भी केंद्र सरकार का लक्ष्य देश में 10,000 सीएनजी स्टेशन स्थापित करना है।

इसके अलावा सरकार की अन्य योजनाओं की बात करें तो साल 2030 तक निजी कारों के लिए 30 प्रतिशत, कमर्शियल वाहनों के लिए 70 प्रतिशत, बसों के लिए 40 प्रतिशत और दो-पहिया वाहनों और तीन पहिया वाहनों के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री में प्रवेश करना है।

आपको बता दें कि देश की राजधानी दिल्ली और आर्थिक राजधानी मुंबई में एक लीटर पेट्रोल की कीमत क्रमशः 103.54 रुपये और 109.54 रुपये तक हो गई है। इन दोनों शहरों में डीजल की कीमतें क्रमश: 92.12 रुपये और 99.92 रुपये हो गई हैं। ऐसे में इलेक्ट्रिक और इथेनॉल ईंधन से चलने वाले वाहन ही बेहतर विकल्प हैं।

आपको बता दें कि हाल ही में तेल निर्यात करने वाले ओपेक (OPEC) देशों ने कच्चे तेल के उत्पादन में वृद्धि नहीं करने के निर्णय लिया है, जिसके चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्रति बैरल कच्चे तेल की कीमत में 82 डॉलर तक पहुंच गई है। एक महीने पहले अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्रति बैरल कच्चे तेल की कीमत 72 डॉलर थी।


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