Hyundai Exports Car Through Train: हुंडई ने रेल के माध्यम से कारों का एक्सपोर्ट नेपाल तक किया शुरू
हुंडई ने रेल के माध्यम से अपने कारों का एक्सपोर्ट नेपाल तक करना शुरू कर दिया है, हाल ही में कंपनी ने 125 कारों की पहली खेप भेजी है। यह कंपनी के चेन्नई स्थित प्लांट के पास के रेलवे स्टेशन से भारत-नेपाल बॉर्डर के पास भेजी जा रही है, कंपनी वहां भी कई कारों की बिक्री करती है।

हुंडई का कहना है कि यह कम प्रदूषण की ओर के बड़ा कदम है, इसके साथ कारों को नेपाल भेजने में लगने वाला समय 8 दिन से घटकर 5 दिन होने वाला है। इसके साथ ही सड़क माध्यम के मुकाबले यह एक अधिक ईको फ्रेंडली होने वाली है, यानि इससे कम प्रदूषण होने वाली है।

कंपनी का दावा है कि इससे 20,260 टन कार्बन फूटप्रिंट कम होने वाला है। हालांकि कंपनी इसके माध्यम से लास्ट माइल डिलीवरी करने वाली है। हुंडई वर्तमान में घरेलू बाजार में 14 प्रतिशत कारों को ट्रांसपोर्ट रेल रूट के माध्यम से करती है, वहीं पानी जहाज के माध्यम से भी कारों को बाहर भेजा जाता है।

हुंडई भारत से सबसे अधिक एक्सपोर्ट करने वाली कंपनी है, कंपनी यहां से 88 देशों में कारों को एक्सपोर्ट करती है। कंपनी ने जनवरी 2020 में 30 लाख कारों के एक्सपोर्ट का आकड़ा पार किया था जो कि अब लगातार बढ़ते जा रही है, कंपनी के नए मॉडल भी बाहर भेजे जाते हैं।

कंपनी ने कुछ महीनों पहले ही नई आई20 को लाया था और इसकी एक्सपोर्ट इया महीने के शुरुआत में शुरू कर दी गयी थी। कंपनी ने पहले बैच में 180 कारों को दक्षिण अफ्रीका, चिली और पेरू के लिए भेज दिया है। हालांकि भारत में इसका लंबा वेटिंग पीरियड चल रहा है।

हुंडई 2007 से भारत से कारों का निर्यात कर रही है। कंपनी भारत में बनी कारों का 88 देशों में निर्यात करती है। वर्त्तमान में कंपनी भारत से 10 मॉडलों का निर्यात करती है जिसमे हुंडई सैंट्रो, ग्रैंड आई10, ग्रैंड आई10 निओस, एक्सेंट, औरा, न्यू आई20, आई20 एक्टिव, वरना, वेन्यू और क्रेटा जैसे मॉडल शामिल हैं।

मेक इन इंडिया के तहत देश में उत्पादन को बढ़ावा दिया जा रहा है और कंपनी भी इसका लाभ ले रही है। बतातें चले कि हुंडई ने 1999 में सैंट्रो के 20 यूनिट को नेपाल के लिए रवाना कर देश से कार के निर्यात की शुरुआत की थी और 2004 तक कंपनी 1 लाख वाहनों को निर्यात कर चुकी थी।

मार्च 2008 तक 5 लाख वाहनों का निर्यात कर लिया गया था। वहीं कंपनी ने 2010 में 10 लाख और 2014 में 20 लाख यूनिट वाहनों के निर्यात का आंकड़ा पार कर लिया था। हुंडई के निर्माण की गति का अंदाजा सिर्फ इसी से लगाया जा सकता है कि कंपनी सिर्फ 33 सकेंड में एक कार को असेंबल कर लेती है।


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