होंडा ने भारत में लाॅन्च की बैटरी शेयरिंग सर्विस, ऑटो-रिक्शा के लिए बैटरी स्वैपिंग करेगी उपलब्ध
जापानी ऑटो प्रमुख होंडा भारतीय इलेक्ट्रिक वाहन बाजार में एक प्रमुख निर्माता बन कर उभरने के लक्ष्य को लेकर चल रही है। इलेक्ट्रिक वाहनों पर ध्यान केंद्रित करने के अलावा, कंपनी आपूर्ति श्रृंखला पक्ष पर भी जोर दे रही है। इसी को ध्यान में रखते हुए होंडा ने भारत में अपनी बैटरी शेयरिंग सर्विस लॉन्च की है। होंडा पावर पैक एनर्जी इंडिया प्राइवेट लिमिटेड कंपनी की नई इकाई है जो भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए चार्जिंग और बैटरी स्वैपिंग की सुविधा प्रदान करेगी।

एक रिपोर्ट में होंडा ने बताया है कि वह 2022 की पहली छमाही से भारत में इलेक्ट्रिक ऑटो-रिक्शा के लिए बैटरी शेयरिंग सेवा की पेशकश करेगी। शुरुआत में यह सेवा बेंगलुरु और बाद में पूरे भारत के अन्य शहरों में चरणबद्ध तरीके से उपलब्ध की जाएगी।

इसके लिए होंडा भारत में स्थानीय स्तर पर मोबाइल पावर पैक ई-बैटरी का निर्माण भी करेगी। कंपनी का दावा है कि उसके सर्विस सब्सक्राइबर बैटरी एक्सचेंज कराने के लिए नजदीकी बैटरी-स्वैपिंग स्टेशन से सर्विस का लाभ उठा सकेंगे। इस रणनीति के साथ, ऑटो-रिक्शा चालकों को चार्जिंग के लिए प्रतीक्षा करने की आवश्यकता नहीं होगी, जिससे उनके व्यवसाय पर प्रभाव नहीं पड़ेगा।

होंडा का यह भी दावा है कि देश में अपने इलेक्ट्रिक वाहन लॉन्च करने के बाद यह नई सहायक कंपनी होंडा कार्स इंडिया के साथ मिलकर काम करेगी। नई कंपनी ओईएम को इंटरफेस के लिए जरूरी तकनीकी जानकारी मुहैया कराएगी। कंपनी का यह भी दावा है कि वाहन ओईएम, एप्लिकेशन और सेवा क्षेत्रों का विस्तार करके, होंडा का लक्ष्य सेवा सुविधा को बढ़ाने के लिए ज्यादा से ज्यादा इलेक्ट्रिक वाहन चालकों को जोड़ना है।

इस बीच, होंडा अगले पांच वर्षों में दस नए इलेक्ट्रिक वाहन लॉन्च करने की योजना बना रही है। जापानी ऑटो दिग्गज का लक्ष्य 2040 के बाद पूरी तरह से इलेक्ट्रिक वाहन बनाने का है। भारत इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए बड़ी विकास क्षमता वाले प्रमुख बाजारों में से एक है, होंडा का लक्ष्य घरेलू बाजार में पदक मजबूत करना है।

दिग्गज कार निर्माता होंडा ने साझा किया कि वह ऐसी उन्नत सुरक्षा तकनीक पर काम कर रही है जो कंपनी की वाहनों से जुड़े दुर्घटनाओं के मामलों को 2050 तक शून्य प्रतिशत करने में मदद करेगा। इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए कंपनी दो प्रमुख तकनीकों का उपयोग करने वाली है जिसमें पहला कृत्रिम बुद्धि यानी आर्टिफीसियल इंटेलिजेस तकनीक होगा जबकि दूसरा कारों के नेटवर्क पर आधारित तकनीक होगा।

होंडा का दवा है कि एआई-संचालित तकनीक ड्राइविंग करते समय कार चालक को संभावित खतरों के बारे में बताएगी और साथ में सड़क पर होने वाली असावधानी को भी कम करने में मदद करेगी। वहीं दूसरी ओर, सुरक्षित और मजबूत नेटवर्क तकनीक सड़क पर चलने वाली गाड़ियों और पैदल यात्रियों का कार से संपर्क बनाएगी। दूरसंचार के माध्यम से सड़क पर संभावित खतरों का पूर्वानुमान लगाना संभव होगा जिससे दुर्घटना को टाला जा सकता है।

होंडा ने यह भी बताया कि दुर्घटना से मुक्त सड़कों के लिए कंपनी जल्द ही अपनी नई तकनीक 'होंडा सेंसिंग 360' को पेश करने वाली है। यह एक बहुउद्देशीय तकनीक है जिसका उपयोग 2030 से होंडा की कारों में शुरू कर दिया जाएगा। आर्टिफीसियल इंटेलिजेंस और आधुनिक संचार माध्यमों का समर्थन करने वाली यह तकनीक होंडा की कारों को सड़क पर सुरक्षित बनाएगी और चालकों को सड़क पर सही तरीके से कार चलाने में मदद करेगी।

होंडा ने बताया है कि इस तकनीक का इस्तेमाल होंडा की कारों के साथ-साथ बाइक और स्कूटर्स जैसे दोपहिया वाहनों को भी सुरक्षित रखने के लिए किया जा सकता है।

होंडा ने यह भी दावा किया है वह तकनीक के इस्तेमल से ड्राइविंग के समय भूल-चूक करने के कारणों का भी पता लगाएगी और सड़क पर ड्राइविंग करते समय लोगों की मनः स्थिति जानने का भी प्रयास करेगी। कार निर्माता ने बताया कि इन जानकारियों से सुरक्षा तकनीक को बेहतर ढंग से दुर्घटनाओं को रोकने में मदद मिलेगी। होंडा ने बताया कि अगली पीढ़ी के ड्राइवर-सहायक तकनीक वर्तमान में अनुसंधान और विकास के अधीन हैं।

बता दें कि होंडा इस महीने की शुरूआत में इंडोनेशिया के बाजार में जेडआर-वी कॉम्पैक्ट एसयूवी को पेश किया है। कंपनी इस एसयूवी को दक्षिण एशियाई बाजारों के लिए पेश करेगी जो इन बाजारों में होंडा डब्ल्यूआर-वी एसयूवी की जगह लेगी। भारत में होंडा जेडआर-वी का मुकाबला सब-कॉम्पैक्ट एसयूवी सेगमेंट में Maruti Suzuki Vitara Brezza, Hyundai Venue, Tata Nexon और अन्य सब-कॉम्पैक्ट SUVs से होने की संभावना है।


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