Honda Amaze की सेकेंड जेनरेशन माॅडल की 2 लाख यूनिट्स की बिकी, 3 वर्षों में पूरा किया आंकड़ा
भारत में होंडा अमेज की सेकेंड जनरेशन मॉडल की 2 लाख यूनिट्स की डिलीवरी पूरी हो गई है। सेकेंड जनरेशन होंडा अमेज को भारत में मई 2018 में लॉन्च किया गया था और तब से ही इस मॉडल की बिक्री अच्छी चल रही है। अमेज को पहली बार 2013 में देश में लॉन्च किया गया था और तब से कार को कुल मिलाकर लगभग 4.6 लाख ग्राहक मिल गए हैं।

सेकेंड जनरेशन की अमेज को अपडेट डिजाइन और नए केबिन फीचर्स के साथ पेश किया गया है जो ज्यादा से ज्यादा ग्राहकों को जोड़ने में मदद कर रही है। होंडा कार्स इंडिया का कहना है कि कंपनी का ध्यान एक ऐसे उत्पाद पर था जो विशेष रूप से भारत में बना हो। होंडा अमेज का निर्माण में लगभग 95% स्थानीयकरण की नीति को अपनाया जा रहा है।

कंपनी का कहना है कि होंडा की सेडान कारों मांग का 68 प्रतिशत हिस्सा टियर 2 और 3 बाजारों से आता है। होंडा अमेज की बिक्री का एक महत्वपूर्ण हिस्सा CVT गियरबॉक्स वाले मॉडलों की बिक्री से आता है। अमेज की कुल बिक्री में CVT गियरबॉक्स मॉडल का योगदान 20 फीसदी है। अमेज के साथ एक और महत्वपूर्ण आंकड़ा यह है कि मॉडल के 40% ग्राहक पहली बार कार खरीद रहे होते हैं।

होंडा अमेज को 1.2-लीटर i-VTEC पेट्रोल और 1.5-लीटर i-DTEC इंजन के साथ उपलब्ध किया गया है। भारत के कॉम्पैक्ट सेडान सेगमेंट में होंडा अमेज का मुकाबला मारुति सुजुकी डिजायर, हुंडई औरा और टाटा टिगोर से है। पेट्रोल इंजन में मैनुअल ट्रांसमिशन के साथ होंडा अमेज की कीमत 6.32 लाख रुपये से शुरू होती है। वहीं वीएक्स सीवीटी डीजल टॉप मॉडल की कीमत 11.15 लाख रुपये रखी गई है। सभी कीमतें एक्स-शोरूम दिल्ली के आधार पर लागू हैं।

जापानी ऑटो प्रमुख होंडा भारतीय इलेक्ट्रिक वाहन बाजार में एक प्रमुख निर्माता बन कर उभरने के लक्ष्य को लेकर चल रही है। इलेक्ट्रिक वाहनों पर ध्यान केंद्रित करने के अलावा, कंपनी आपूर्ति श्रृंखला पक्ष पर भी जोर दे रही है। इसी को ध्यान में रखते हुए होंडा ने भारत में अपनी बैटरी शेयरिंग सर्विस लॉन्च की है। होंडा पावर पैक एनर्जी इंडिया प्राइवेट लिमिटेड कंपनी की नई इकाई है जो भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए चार्जिंग और बैटरी स्वैपिंग की सुविधा प्रदान करेगी।

होंडा ने बताया है कि वह 2022 की पहली छमाही से भारत में इलेक्ट्रिक ऑटो-रिक्शा के लिए बैटरी शेयरिंग सेवा की पेशकश करेगी। शुरुआत में यह सेवा बेंगलुरु और बाद में पूरे भारत के अन्य शहरों में चरणबद्ध तरीके से उपलब्ध की जाएगी।

इसके लिए होंडा भारत में स्थानीय स्तर पर मोबाइल पावर पैक ई-बैटरी का निर्माण भी करेगी। कंपनी का दावा है कि उसके सर्विस सब्सक्राइबर बैटरी एक्सचेंज कराने के लिए नजदीकी बैटरी-स्वैपिंग स्टेशन से सर्विस का लाभ उठा सकेंगे। इस रणनीति के साथ, ऑटो-रिक्शा चालकों को चार्जिंग के लिए प्रतीक्षा करने की आवश्यकता नहीं होगी, जिससे उनके व्यवसाय पर प्रभाव नहीं पड़ेगा।

होंडा का यह भी दावा है कि देश में अपने इलेक्ट्रिक वाहन लॉन्च करने के बाद यह नई सहायक कंपनी होंडा कार्स इंडिया के साथ मिलकर काम करेगी। नई कंपनी ओईएम को इंटरफेस के लिए जरूरी तकनीकी जानकारी मुहैया कराएगी। कंपनी का यह भी दावा है कि वाहन ओईएम, एप्लिकेशन और सेवा क्षेत्रों का विस्तार करके, होंडा का लक्ष्य सेवा सुविधा को बढ़ाने के लिए ज्यादा से ज्यादा इलेक्ट्रिक वाहन चालकों को जोड़ना है।

इस बीच, होंडा अगले पांच वर्षों में दस नए इलेक्ट्रिक वाहन लॉन्च करने की योजना बना रही है। जापानी ऑटो दिग्गज का लक्ष्य 2040 के बाद पूरी तरह से इलेक्ट्रिक वाहन बनाने का है। भारत इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए बड़ी विकास क्षमता वाले प्रमुख बाजारों में से एक है, होंडा का लक्ष्य घरेलू बाजार में अपनी पकड़ मजबूत करना है।

दिग्गज कार निर्माता होंडा ने साझा किया कि वह ऐसी उन्नत सुरक्षा तकनीक पर काम कर रही है जो कंपनी की वाहनों से जुड़े दुर्घटनाओं के मामलों को 2050 तक शून्य प्रतिशत करने में मदद करेगा। इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए कंपनी दो प्रमुख तकनीकों का उपयोग करने वाली है जिसमें पहला कृत्रिम बुद्धि यानी आर्टिफीसियल इंटेलिजेस तकनीक होगा जबकि दूसरा कारों के नेटवर्क पर आधारित तकनीक होगा।


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