होंडा की कारें एआई तकनीक से होंगी लैस, 2050 तक दुर्घटनाओं को शून्य प्रतिशत करने का लक्ष्य
दिग्गज कार निर्माता होंडा ने साझा किया कि वह ऐसी उन्नत सुरक्षा तकनीक पर काम कर रही है जो कंपनी की वाहनों से जुड़े दुर्घटनाओं के मामलों को 2050 तक शून्य प्रतिशत करने में मदद करेगा। इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए कंपनी दो प्रमुख तकनीकों का उपयोग करने वाली है जिसमें पहला कृत्रिम बुद्धि यानी आर्टिफीसियल इंटेलिजेस तकनीक होगा जबकि दूसरा कारों के नेटवर्क पर आधारित तकनीक होगा।

होंडा का दवा है कि एआई-संचालित तकनीक ड्राइविंग करते समय कार चालक को संभावित खतरों के बारे में बताएगी और साथ में सड़क पर होने वाली असावधानी को भी कम करने में मदद करेगी। वहीं दूसरी ओर, सुरक्षित और मजबूत नेटवर्क तकनीक सड़क पर चलने वाली गाड़ियों और पैदल यात्रियों का कार से संपर्क बनाएगी। दूरसंचार के माध्यम से सड़क पर संभावित खतरों का पूर्वानुमान लगाना संभव होगा जिससे दुर्घटना को टाला जा सकता है।

होंडा ने यह भी बताया कि दुर्घटना से मुक्त सड़कों के लिए कंपनी जल्द ही अपनी नई तकनीक 'होंडा सेंसिंग 360' को पेश करने वाली है। यह एक बहुउद्देशीय तकनीक है जिसका उपयोग 2030 से होंडा की कारों में शुरू कर दिया जाएगा। आर्टिफीसियल इंटेलिजेंस और आधुनिक संचार माध्यमों का समर्थन करने वाली यह तकनीक होंडा की कारों को सड़क पर सुरक्षित बनाएगी और चालकों को सड़क पर सही तरीके से कार चलाने में मदद करेगी।

होंडा ने बताया है कि इस तकनीक का इस्तेमाल होंडा की कारों के साथ-साथ बाइक और स्कूटर्स जैसे दोपहिया वाहनों को भी सुरक्षित रखने के लिए किया जा सकता है।

होंडा ने यह भी दावा किया है वह तकनीक के इस्तेमल से ड्राइविंग के समय भूल-चूक करने के कारणों का भी पता लगाएगी और सड़क पर ड्राइविंग करते समय लोगों की मनः स्थिति जानने का भी प्रयास करेगी। कार निर्माता ने बताया कि इन जानकारियों से सुरक्षा तकनीक को बेहतर ढंग से दुर्घटनाओं को रोकने में मदद मिलेगी। होंडा ने बताया कि अगली पीढ़ी के ड्राइवर-सहायक तकनीक वर्तमान में अनुसंधान और विकास के अधीन हैं।

बता दें कि होंडा इस महीने की शुरूआत में इंडोनेशिया के बाजार में जेडआर-वी कॉम्पैक्ट एसयूवी को पेश किया है। कंपनी इस एसयूवी को दक्षिण एशियाई बाजारों के लिए पेश करेगी जो इन बाजारों में होंडा डब्ल्यूआर-वी एसयूवी की जगह लेगी।

भारत में होंडा जेडआर-वी का मुकाबला सब-कॉम्पैक्ट एसयूवी सेगमेंट में Maruti Suzuki Vitara Brezza, Hyundai Venue, Tata Nexon और अन्य सब-कॉम्पैक्ट SUVs से होने की संभावना है।

Honda मौजूदा समय में WR-V को भारतीय बाजार में बेच रही है, जो एक 4-मीटर से छोटी SUV है। Honda WR-V के अलावा कंपनी भारतीय बाजार में Honda City और Honda Amaze जैसी मिड-साइज और सब-कॉम्पैक्ट सेडान भी बेच रही है। इसके अलावा कंपनी Honda Jazz प्रीमियम हैचबैक की भी बिक्री कर रही है।

माना जा रहा है कि आगामी Honda ZR-V SUV कार निर्माता की नई-जनरेशन के कॉम्पैक्ट आर्किटेक्चर पर आधारित होगी, जो लोकप्रिय सेडान Honda City के लिए भी इस्तेमाल की जाती है। Honda का लक्ष्य दक्षिण-पूर्वी एशिया और भारत में सब-कॉम्पैक्ट सेगमेंट के लिए अपने दांव के रूप में Honda ZR-V का उपयोग करना है।

इंजन की बात करें तो नई Honda ZR-V SUV में 1. 2-लीटर i-VTEC पेट्रोल इंजन, 1.5-लीटर i-VTEC पेट्रोल इंजन और 1.0-लीटर टर्बोचार्ज्ड पेट्रोल इंजन का विकल्प मिल सकता है। तीनों इंजन क्रमशः 90 बीएचपी, 116 बीएचपी और 122 बीएचपी की पावर प्रदान कर सकते हैं।

Honda ने हाल ही में अपनी ZR-V का एक स्केच टीजर जारी किया था, जिससे इस नई SUV के डिजाइन एलिमेंट्स का खुलासा हुआ था। इससे पता चलता है कि नई Honda SUV में कूपे स्टाइल के साथ ब्रांड की लेटेस्ट डिजाइन लैंग्वेज का इस्तेमाल किया जाएगा। हालांकि इसके टीजर से इसकी डिजाइन का ज्यादा खुलासा नहीं हुआ है।


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